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    राजस्थान बोर्ड 10वीं कक्षा का रिजल्ट घोषित. दैनिक भास्कर के इस पेज पर आप अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं, RBSE 10वीं रिजल्ट 2019 की तमाम जानकारी और तजा खबरों के लिए पढ़े दैनिक भास्कर

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कॉपी में फंदे पर लटके बच्चे का चित्र बनाया और 10वीं के स्टूडेंट ने दे दी अपनी जान

भिलाई. बोर्ड परीक्षा देकर लौटे 10वीं के छात्र देव कुमार यादव ने देर शाम हाउसिंग बोर्ड जामुल स्थित घर के बाथरुम में फांसी लगा ली। परिजनों को उसके बैग से नोटबुक मिली, जिसमें किसी शर्त को पूरा करने के सवाल पर उसने खुद को काफी हिम्मत वाला लिखा। इसी तरह दूसरे पेज पर फंदे पर लटके बचचे के चित्र के नीचे अपनी जन्मतिथि लिखकर साइन कर रखा था। मामले को देखकर पुलिस भी कन्फ्यूज हो गई है। जांच अधिकारी प्रकरण में किसी अन्य के शामिल होने से इंकार नहीं कर रहे।जामुल थाना प्रभारी लक्ष्मण कुमेठी ने बताया कि घटना 20 फरवरी की रात करीब 9 बजे की है। मृतक छात्र का उस दिन कंप्यूटर का पहला पेपर था। परिजनों के मुताबिक पर्चा भी अच्छा गया था। शाम तक वह परिवार के सदस्यों के साथ बैठा रहा। इस बीच मार्केट भी घूमने लगा। शाम को पढ़ाई की बात कहकर रूम में गया और रात में फांसी लगा ली। घटना के अगले दिन जब परिजनों ने उसके कमरे की तलाशी ली तो उन्हें नोटबुक अजीब बातें लिखीं मिली। उसमें लिखा था जब हिम्मत हो, कर सकते हो तो ही शर्त लगाओ, इसके बाद लिखा हिम्मत बहुत है मेरे अंदर। आखिरी पन्ने में लिखा कि कल तक नहीं होगा। इस जानकारी के आधार पर पुलिस को पहले किसी मोबाइल गेम के टास्क का शक हुआ, मगर मोबाइल पर किसी तरह का गेम नहीं मिला। परिजनों के मुताबिक कॉपी में शर्त की वाली लाइन में हैंड राइटिंग देव की नहीं

हाईस्कूल और हायर सेकण्डरी की बोर्ड परीक्षाएं दो और तीन मार्च से, 19 लाख से ज्यादा विद्यार्थी होंगे शामिल, माशिमं ने कर्मचारियों का बीमा कराया

भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल की वर्ष 2020 की हाई स्कूल एवं हायर सेकण्डरी की बोर्ड परीक्षाएं दो और तीन मार्च से प्रारंभ होंगी। परीक्षाओं के आयोजन को लेकर मंडल द्वारा सभी तैयारियां लगभग पूर्ण कर ली गयी है। परीक्षाओं के संचालन में संलग्न प्रदेश के लगभग 50 हजार शिक्षक एवं गैर शिक्षक कर्मचारियों का 15 फरवरी से 20 मई 2020 तक का बीमा कराया गया है। ये भी पढ़े 10वीं छात्रों के लिए एप्टीट्यूट टेस्ट शुरू होगा, बोर्ड परीक्षा के बाद टेस्ट देकर पता कर सकते हैं विषय की रुचि मंडल द्वारा आज यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार हाई स्कूल की परीक्षा 3 मार्च से तथा हायर सेकण्डरी परीक्षा 2 मार्च से प्रांरभ हो रही हैं। मण्डल ने इन परीक्षाओं के आयोजन की सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली है। लगभग 19 लाख 38 हजार 308 छात्र छात्राएं बोर्ड परीक्षाओं में सम्मिलित हो रहे हैं। कितने छात्र-छात्राएं और केंद्र हायर सेकण्डरी परीक्षा में इस वर्ष लगभग 8 लाख 2110 तथा, हायर सेकण्डरी व्यावसायिक पाठ्यक्रम परीक्षा में 6882 कुल 8 लाख 08 हजार 9 नौ 92 परीक्षार्थी शामिल होंगे। हाई स्कूल परीक्षा में इस वर्ष लगभग 11 लाख 29 हजार 316 परीक्षार्थी सम्मिलित होने जा रहे है। हाईस्कूल परीक्षा में 3936 एवं हायर सेकेण्डरी परीक्षा के लिए इस वर्ष 3659 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। परीक्षा का समय हाई स्कूल नियमित/स्वाध्यायी, हायर सेकण्डरी/हायर सेकण्डरी (व्यावसायिक) एवं डीपीएसई तथा शारीरिक शिक्षा प्रशि.पत्रों की परीक्षाएं एक ही पारी में प्रातः 09.00 बजे से 12.00 बजे के मध्य तथा हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी (दिव्यांग) विद्यार्थियों की परीक्षाएं दोपहर 01.00 बजे से सायं 04.00 बजे के मध्य आयोजित होंगी। नकल रोकने पुख्ता इंतजाम हाईस्कूल परीक्षाओं के दौरान नकल प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण रहे तथा परीक्षाएं निर्विघ्न सम्पन्न हो इसके लिए परीक्षा कार्य के निरीक्षण के लिए समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत तथा अपर संचालक, शिक्षा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। वहीं केंद्रों पर खिड़कियों पर मच्छर जाली लगाई जा रही हैं। नकल के लिए कुख्यात भिंड और मुरैना जिलों अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किया

सख्ती के चलते यूपी बोर्ड के पहले दो दिन 3 लाख स्टूडेंट्स छोड़ी परीक्षा, 44 स्टूडेंट्स नकल करते पड़काएं

एजुकेशन डेस्क. यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 18 फरवरी, मंगलवार से शुरू हो चुकी है। पहले दिन दो शिफ्ट्स में हिंदी की परीक्षा का आयोजन किया गया। इस बार बोर्ड की तरफ से नकल पर लगाम कसने के लिए कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। जिसके चलते परीक्षा के पहले दिन करीब 2,39,133 स्टूडेंट्स ने परीक्षा छोड़ दी। इसमें 10वीं के 157042 और 12वीं के 82091 स्टूडेंट्स शामिल हैं। बोर्ड ने जारी किए आंकड़े बोर्ड ने आंकड़े जारी कर बताया कि इस बार इंटरमीडिएट और हाईस्कूल के 2,39,133 स्टूडेंट्स परीक्षा में देने नहीं पहुंचे। इस बार बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए इस बार सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मॉनिटरिंग सेल बनाए गए हैं, जो परीक्षा केंद्रों के साथ ही परीक्षार्थी और शिक्षकों पर सीधी नजर रखेंगे। इन मॉनिटरिंग सेल से सभी एग्जाम सेंटर्स कनेक्टेड होंगे। कुल 3,16,116 स्टूडेंट्स ने छोड़ी परीक्षा बुधवार को पहली शिफ्ट में हाईस्कूल की पाली,अरबी,फारसी और इंटर में गायन,संगीत,वादन और नृत्य की परीक्षा का आयोजन किया गया। वहीं, दूसरी शिफ्ट में हाईस्कूल की संगीत गायन और इंटर की कृषि-व्यवसायिक की परीक्षा का आयोजन किया गया। इस दौरान पहली शिफ्ट में 10303 और दूसरी शिफ्ट में 97787 स्टूडेंट्स शामिल हुए, लेकिन इनमें से हाईस्कूल के 112 और इंटर के 1247 स्टूडेंट्स अनुपस्थित रहे। इस तरह अभी तक यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 3,16,116 स्टूडेंट्स परीक्षा छोड़ चुके हैं। नकल करते पकड़ाए कुल 44 स्टूडेंट्स परीक्षा के पहले दिन कुल 34 छात्र नकल करते पकड़ाए, जिनमें हाईस्कूल के 27 और इंटरमीडिएट के सात स्टूडेंट्स शामिल हैं। वहीं अब तक हुई परीक्षा में अभी तक कुल 44 स्टूडेंट्स नकल करते पड़काएं गए हैं। 56 लाख छात्र हो रहे शामिल इस साल बोर्ड परीक्षा में 56,07,118 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिसमें 10वीं की परीक्षा में 30,22,607 स्टूडेंट्स और 12वीं की परीक्षा में 25,84,511 स्टूडेंट्स शामिल हो रहे हैं। 10वीं की परीक्षा 3 मार्च को और 12वीं की परीक्षा 6 मार्च को खत्म होगी। छात्रों की संख्या में आई गिरावट नकल पर लगाम कसने के लिए यूपी बोर्ड की परीक्षा में सख्ती के चलते इस बार परीक्षा में रजिस्टर करने वाले छात्रों की संख्या में गिरावट आई हैं। पिछले साल की तुलना में इस साल 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में रजिस्टर हुए छात्रों की संख्या में 1,69,980 गिरावट दर्ज की गई है। जबकि12वीं में 18,658 कमी आई है। आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल 57,95,756 छात्रों ने परीक्षा के लिये रजिस्ट्रेशन कराया था, जबकि इस साल 56,07,118 छात्रों ने आवेदन किया है। परीक्षा के दूसरे दिन कब-कितने स्टूडेंट्स ने छोड़ी परीक्षा साल रजिस्ट्रेशन परीक्षा छोड़ी 2018 66,37,018 5,05000 2019 57,95,765 40,392 2020 56,07,118 3,16,116 किस साल कितने स्टूडेंट्स ने छोड़ी परीक्षा साल रजिस्ट्रेशन परीक्षा छोड़ी 2018 66,37,018 12.5 लाख 2019 57,95,765 6.69 लाख 2020 56,07,118 3,16,116(दो दिनों में)

अब हर प्राइवेट स्टूडेंट्स को मिलेगी परीक्षा देने की मंजूरी,सीबीएसई के जारी किया सर्कुलर

एजुकेशन डेस्क. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्ररी एजुकेशन (सीबीएसई) ने बोर्ड परीक्षा दे रहे प्राइवेट छात्र-छात्राओं के लिए एक सर्कुलर जारी किया है। जारी सर्कुलर में सीबीएसई ने केंद्र अधीक्षकों को निर्देश दिया कि वे सभी प्राइवेट स्टूडेंट्स को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दें। चाहे सीबीएसई के जारी किए उनके एडमिट कार्ड पर प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर हों या न हों। साथ ही बोर्ड ने एडमिट कार्ड पर पैरेंट्स और स्टूडेंट्स के हस्ताक्षर को अनिवार्य बताया है। बोर्ड ने यह भी कहा कि ये निर्देश 10वीं और 12वीं की परीक्षा दे रहे प्राइवेट स्टूडेंट्स की आने वाली अड़चनों को खत्म करने के लिए जारी किए गए हैं। प्री-बोर्ड के मार्क्स से नहीं रुकेगा एग्जाम परीक्षा नियंत्रक डॉ. सन्यम भारद्वाज ने बताया कि जिन एग्जाम सेंटर्स पर बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं चल रही हैं, वहां के केंद्र अधीक्षक प्राइवेट स्टूडेंट्स को परीक्षा देने की अनुमति दें। भले ही इन स्टूडेंट्स के एडमिट कार्ड पर प्रिंसिपल ने हस्ताक्षर किए हों या नहीं। इसके अलावा छात्रों के बोर्ड परीक्षा से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए बोर्ड ने यह साफ किया है कि स्टूडेंट्स को प्री-बोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर बोर्ड परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जा सकता है। 15 फरवरी से शुरू हुई परीक्षा साथ ही, बीते दिनों दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीबीएसई कक्षा 12वीं के अकाउंटेंसी के सैंपल प्रश्न पत्रों में गलतियों को सुधारने की याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता पर जुर्माना भी लगाया। इस साल 10वीं बोर्ड में 18 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है। जबकि 12वीं में 12 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है। सीबीएसई 10वीं और 12वीं बोर्ड की वार्षिक परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू हुई हैं। फिलहाल वैकल्पिक व अतिरिक्त विषयों के एग्जाम्स चल रहे

10वीं छात्रों के लिए एप्टीट्यूट टेस्ट शुरू होगा, बोर्ड परीक्षा के बाद टेस्ट देकर पता कर सकते हैं विषय की रुचि

भोपाल। आप इस बार कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। अब कक्षा 11वीं में विषय चयन के लिए भी छात्र-छात्राओं को टेस्ट देना होगा। इसके लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की ओर से नए प्रयास किए गए हैं। जिससे विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा के बाद कक्षा 11वीं में विषय चयन को लेकर परेशानी न हो। इसके लिए बोर्ड ने नो योर एप्टीट्यूड (केवाईए) टेस्ट की शुरूआत की है। इस टेस्ट के जरिए 10वीं में प्रवेश के साथ ही स्टूडेंट्स की क्षमताओं का आंकलन भी किया जाएगा। ये भी पढ़े सीबीएसई के निर्देश- नियमित छात्र परीक्षा केंद्र पर स्कूल ड्रेस में पहुंचे सीबीएसई ने स्कूलों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें बताया कि कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए छात्रों के लिए एप्टीट्यूट टेस्ट स्कूल लेवल पर ऑनलाइन होगा। यह परीक्षा ऐच्छिक होगी, यानि यह स्टूडेंट्स के लिए कंपल्सरी नहीं हैं। इसके माध्यम से छात्र-छात्राएं अपने पसंदीदा विषय के संबंध में रुचि का पता कर सकते हैं। साथ ही खुद की क्षमता का आकलन कर सकते हैं। फिल्टर की तरह काम करेगा यह टेस्ट एक्सपर्ट के मुताबिक कक्षा 10वीं तक की शिक्षा में सभी विषय कॉमन पढ़ाए जाते हैं। बच्चों की यहीं से नींव बनती है। प्रदर्शन से तय होता है कि वह किस विषय में बेहतर है। यानी गणित, फिजिक्स या केमेस्ट्री समेत हिंदी, अंग्रेजी आदि में पता चलेगा। यह टेस्ट एक तरह का फिल्टर जैसा है। जो विद्यार्थी की रुचि का पता लगाने का माध्यम है। रुचि के आधार पर अभिभावक 11वीं में उनका प्रवेश कराने में मदद ले सकते हैं। इससे विद्यार्थियों को विषय चयन में मदद मिलेगी। इसे इस सत्र से लागू किया जाएगा। यह रहेगी पंजीकरण प्रक्रिया सीबीएसई के सर्कुलर के अनुसार इस परीक्षा के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.nic.in पर पंजीकरण कराना होगा। छात्र स्कूल की लॉग इन आईडी का उपयोग करके किसी भी कार्यकारी दिवस (वर्किंग डे) पर इस परीक्षा में भाग ले सकते

छठी सिविल सेवा में सफल 990 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू 24 से, सुबह 10 बजे पहुंचने का आदेश

रांची. जेपीएससी ने छठी सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा में सफल 990 अभ्यर्थियों के लिए इंटरव्यू की तिथि घोषित कर दी है। इंटरव्यू जेपीएससी कार्यालय में दो चरणों में लिया जाएगा। पहला चरण 24 से 28 फरवरी तक और दूसरा चरण दो से छह मार्च तक चलेगा। सफल अभ्यर्थियों को आदेश दिया गया है कि वे निर्धारित तिथि को सुबह 10 बजे जेपीएससी कार्यालय में रिपोर्टिंग दें। उल्लेखनीय है कि छठी सिविल सेवा के रिक्त पदों के लिए चार वर्षों से नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। डाॅक्यूमेंट वेरिफिकेशन 23 से: डॉक्यूमेंट की जांच भी दो चरणों में की जाएगी। पहले चरण का वेरिफिकेशन 23 से 27 फरवरी तक किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण का वेरिफिकेशन एक से पांच मार्च तक होगा। इन पदों पर होनी है नियुक्ति संवर्ग पद प्रशासनिक सेवा 143 वित्त सेवा 104 शिक्षा सेवा 36 पुलिस सेवा 06 सहकारिता सेवा 09 सामाजिक सुरक्षा सेवा 03 सूचना सेवा 07 योजना

उत्तर प्रदेश बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं आज से शुरू, 56 लाख छात्र होंगे शामिल

एजुकेशन डेस्क. उत्तर प्रदेश बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 18 फरवरी यानी मंगलवार से शुरू हो गई हैं। प्रदेश भर के 7,859 एग्जाम सेंटर्स पर 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं आयोजित हो रही हैं, जिनकी 1,90,000 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही हैं। यूपी बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले 10वीं के स्टूडेंट्स को 9वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स को 11वीं का रजिस्ट्रेशन कार्ड सेंटर पर ले जाना होगा। इसके साथ ही स्टूडेंट्स को आधार कार्ड या कोई अन्य सरकारी पहचान पत्र भी लेकर जाना होगा। 56 लाख छात्र हो रहे शामिल इस साल बोर्ड परीक्षा में 56,07,118 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिसमें 10वीं की परीक्षा में 30,22,607 स्टूडेंट्स और 12वीं की परीक्षा में 25,84,511 स्टूडेंट्स शामिल हो रहे हैं। 10वीं की परीक्षा 3 मार्च को और 12वीं की परीक्षा 6 मार्च को खत्म होगी। लाइव मॉनिटरिंग से होगी निगरानी बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए इस बार सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस बार मॉनिटरिंग सेल बनाए गए हैं, जो परीक्षा केंद्रों के साथ ही परीक्षार्थी और शिक्षकों पर सीधी नजर रखेंगे। इन मॉनिटरिंग सेल से सभी एग्जाम सेंटर्स कनेक्टेड होंगे। चार कलर की आंसर शीट नकल रोकने के लिए आंसर शीट चार कलर में तैयार कराई गई हैं। यहां तक की कई जिलों में सिलाई वाली आंसर शीट भी भेजी गई हैं। साथ ही स्टूडेंट्स की किसी भी समस्या का तुरंत समाधान करने के लिए यूपी बोर्ड ने @upboardexam2020 हैंडल से ट्विटर अकाउंट बनाया है। यहां पर स्टूडेंट्स #upboardexam2020 हैशटैग यूज करके अपनी परेशानी बता सकते हैं। इसके अलावा दो हेल्पलाइन नंबर 1800-180-5310 और 1800-180-5312 भी जारी किए गए हैं। छात्रों की संख्या में आई गिरावट नकल पर लगामकसने के लिए यूपी बोर्ड की परीक्षा में सख्ती के चलते इस बार परीक्षा में रजिस्टर करने वाले छात्रों की संख्या में गिरावट आई हैं। पिछले साल की तुलना में इस साल 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में रजिस्टर हुए छात्रों की संख्या में 1,69,980 गिरावट दर्ज की गई है। जबकि12वीं में 18,658 कमी आई है। आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल 57,95,756 छात्रों ने परीक्षा के लिये रजिस्ट्रेशन कराया था, जबकि इस साल 56,07,118 छात्रों ने आवेदन किया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी शुभकामनाएं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बोर्ड की परीक्षा में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स को ट्वीट कर शुभकामनाएं दी है। उन्होंने लिखा आप सबने वर्ष भर मेहनत और लगन से पढ़ाई की है। आत्मविश्वास के साथ प्रसन्न चित्त से प्रश्नों के उत्तर बिना तनाव के दीजियेगा। मुझे विश्वास है मेहनत रंग लाएगी और सफलता आपके कदम चूमेगी। सभी को आशीर्वाद के साथ शुभकामनाएं। प्यारे युवा मित्रों, आज से UP Board की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। आप सबने वर्ष भर मेहनत और लगन से पढ़ाई की है।आत्मविश्वास के साथ प्रसन्न चित्त से प्रश्नों के उत्तर बिना तनाव के दीजियेगा। मुझे विश्वास है मेहनत रंग लाएगी और सफलता आपके कदम चूमेगी। सभी को आशीर्वाद के साथ शुभकामनाएं। — Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 18, 2020 इन बातों का रखें ध्यान पहली शिफ्ट की परीक्षा सुबह 8 बजे से शुरू होगी, ऐसे में परीक्षा केंद्र पर 7:30 तक पहुंच जाएं। एग्जाम हॉल में मोबाइल, घड़ी, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, नोट पैड, नोट बुक और किताब आदि ना ले जाएं। एडमिट कार्ड के साथ रजिस्ट्रेशन कार्ड भी लेकर जाएं। परीक्षा के दौरान पेपर पढ़ने के लिए 15 मिनट का समय दिया जाएगा। सबसे पहले आसान सवालों का दें

महाराष्ट्र बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं आज से, 15 लाख स्टूडेंट्स ने कराया रजिस्ट्रेशन, दो शिफ्ट में होंगे एग्जाम

एजुकेशन डेस्क. महाराष्ट्र बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं 18 मार्च मंगलवार यानी आज से शुरू हो रही हैं। अंग्रेजी विषय के साथ शुरू हो रही 12वीं की परीक्षा 18 फवरी से 18 मार्च तक चलेंगी। इस साल 12वीं की बोर्ड में करीब 15 लाख स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है। महाराष्ट्र एचएससी 2020 की परीक्षाएं दो शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। पहली शिफ्ट सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक होगी। वहीं, दूसरी शिफ्ट में दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक परीक्षा ली जाएगी। लाउडस्पीकर्स और आंदोलन पर बैन महाराष्ट्र एचएससी के अधिकारियों के मुताबिक स्थानीय पुलिस ने परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल और आंदोलन पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए हैं। पहले की ही तरह, राज्य बोर्ड ने पेपर लीक जैसी समस्याओं से बचने के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। वहीं अगर किसी स्टूडेंट को परीक्षा देते हुए नकल करते पकड़ा गया तो उसे परीक्षा देने से रोक दिया जाएगा। परीक्षा में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स की संख्या साइंस स्ट्रीम 5,58736 आर्ट्स स्ट्रीम 475,134 कॉमर्स स्ट्रीम 3,86,784 इन बातों का रखें ध्यान परीक्षा के दौरान स्टूडेंट्स को हॉल टिकट के साथ आईडी प्रूफ ले जाना होगा। अगर उम्मीदवारों को यह ले जाना भूल जाते हैं, तो उन्हें परीक्षा हॉल में एंट्री नहीं दी जाएगी। एग्जाम हॉल में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स,घड़ी,नोट बुक और किताब आदि लेकर न जाएं। परीक्षा से 30 मिनट पहले एग्जाम सेंटर पहुंचे, ताकि एग्जाम हॉल और सीट देखने का समय मिल जाएं और आप आराम से पेपर शुरू कर पाएंगे। परीक्षा के समय पॉजिटिव एटीट्यूड के साथ एग्जाम में बैठे। पॉजिटिव रहने से समस्या का हल आसानी से निकल आएगा।

आज से शुरू सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षा, करीब 30 लाख स्टूडेंट्स होंगे शामिल

एजुकेशन डेस्क. साल 2019-20 की सीबीएसई परीक्षा शनिवार यानी 15 फरवरी से शुरू हो चुकी हैं। इस बार सीबीएसई 10वीं की परीक्षाएं 15 फरवरी से 20 मार्च और 12वीं की परीक्षा 15 फरवरी से 30 मार्च तक चलेंगी। इस साल करीब 30 लाख स्टूडेंट इस परीक्षा में शामिल होंगे, जबकि पिछले साल सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 27 लाख स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था। इसके अलावा बोर्ड ने पेपर लीक और नकल को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम भी किए हैं। 30 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स देंगे परीक्षा क्लास रजिस्ट्रेशन लड़कियां लड़के ट्रांसजेंडर 12वीं 12,06,893 52,2,819 68,4,068 6 10वीं 18, 89, 878 78,8,195 11,01,664 19 कुल 10,359 सेंटर में होंगे एग्जाम देशभर में दोनों परीक्षाओं के लिए 33,517 स्कूलों में कुल 10,359 सेंटर बनाए गए हैं। दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों से दसवीं की परीक्षा के लिए 12,8,756 और सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों से 1,76,246 विद्यार्थी रजिस्टर हुए हैं। जबकि बारहवीं के लिए प्राइवेट स्कूलों से 99,053, सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों से 1,33,271 स्टूडेंट्स परीक्षा देंगे। क्यूआर कोड बेस्ड एडमिट कार्ड इस बार स्टूडेंट्स को क्यूआर कोड बेस्ड एडमिट कार्ड दिया गया हैं। वहीं प्रश्न पत्रों के संग्रह व वितरण को सुरक्षित करने के लिए सेंटर पर भेजे जाने वाली सामग्री की इमेज के साथ केंद्र अधीक्षक की फोटो को भी जियो टैगिंग कर जोड़ा गया है। मधुमेह टाइप-1 स्टूडेंट्स ले जा सकेंगे नाश्ता पिछले साल की तरह इस बार भी मधुमेह टाइप-1 के छात्र शुगर टैबलेट, चॉकलेट, कैंडी, केला, संतरा, सेब, सेडविंच, पानी की छोटी बोतल एग्जाम हॉल में ले जा सकेंगे। हालांकि इसके लिए इन छात्रों को मधुमेह विशेषज्ञ से मधुमेह के इतिहास, मधुमेह की प्रकृति, और परीक्षा के दौरान नाश्ते की जरुरत का प्रमाणपत्र प्रिंसिपल के जरिए देना होगा। स्टूडेंट्स के सामने खुलेंगे प्रश्नपत्र सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में पारदर्शिता लाने के लिए कई अहम बदलाव किए हैं। इसके तहत अब एग्जाम के दौरान प्रश्नपत्र के बंडल स्टूडेंट्स के सामने ही खोले जाएंगे। इसके बारे में सभी एग्जाम सेंटर्स को जानकारी दे दी गई हैं। बोर्ड की मानें तो बैंक से प्रश्नपत्र लेने केंद्र अधीक्षक खुद जाएंगे। प्रश्नपत्र सेंटर तक पहुंचने और स्टूडेंट्स के सामने खोलने के दौरान उसकी मोबाइल से ट्रैकिंग होगी। केंद्र अधीक्षक के मोबाइल से प्रश्नपत्र कहां तक पहुंचा, इसकी ट्रैकिंग सीबीएसई करेगा। इन बातों का रखें ध्यान एग्जाम सेंटर में सुबह 9.45 बजे पहुंचना होगा, क्योंकि 10 बजे गेट बंद हो जाएगा। एडमिट कार्ड की कार्ड कॉपी अपने साथ रखें। स्टूडेंट्स को स्कूल यूनिफार्म पहनना जरूरी है, प्राइवेट स्कूल के स्टूडेंट्स हल्के रंग के कपड़े पहनकर परीक्षा दे सकते हैं। इसके अवाला स्टूडेंट्स को ज्वेलरी, डिजिटल वॉच आदि पहनने पर मनाही है। ओएमआर सीट पर किसी तरह का रंग या व्हाइटनर न लगाएं। एग्जाम सेंटर में 20 मिनट पहले पहुंचना होगा, परीक्षा शुरू होने पर 15 मिनट का समय पेपर पढ़ने के लिए दिया जाएगा। स्टूडेंट्स के लिए काउंसलिंग सेशन बोर्ड परीक्षा को लेकर इस बार सीबीएसई ने स्टूडेंट्स की काउंसलिंग के लिए सेशन भी चलाया था। यह 23वां साल है, जब बोर्ड सीबीएसई परीक्षा देने जा रहे स्टूडेंट्स की काउंसलिंग कर रहा है। इसमें टीचर्स स्टूडेंट्स को परीक्षा से होने वाले तनाव से दूर रहने के उपाय बताते हैं।

सीबीएसई की अपील-अभिभावक बच्चों को तैयारी का तनाव न दें, शांत दिमाग से परीक्षा देंगे तो उनका रिजल्ट और बेहतर होगा

पटना. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं-12वीं की परीक्षाएं शनिवार से शुरू होंगी। इसकी सारी तैयारियां कर ली गई हैं। पटना जोन से इस परीक्षा में 3 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। बोर्ड ने पूरे भारत और विदेश में परीक्षाओं के सफल आयोजन की तैयारी की है। बाेर्ड सचिव अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि मुख्य विषयों के बीच डेटशीट में उपयुक्त अंतराल दिए गए हैं, ताकि परीक्षार्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके। सचिव बोले-दबाव में न आएं छात्र परीक्षा के एक दिन पहले सीबीएसई के सचिव ने बच्चों को परीक्षा की शुभकामनाएं देते हुए लिखा है कि आप सबसे अपील है कि परीक्षा के दौरान तनावग्रस्त न हों। माता-पिता से अपील की गई है कि वे बच्चों को निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन दें। वे शांत दिमाग से परीक्षा देंगे तो उनका रिजल्ट अौर बेहतर होगा। उन्हें परिणामों के बारे में चिंता किए बिना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करें। बोर्ड ने दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विशेष व्यवस्था की है। इन्हें अतिरिक्त समय, लिपिक, पाठक, कंप्यूटर या लैपटॉप बिना इंटरनेट के तथा बेसिक कैलकुलेटर रखने की अनुमति मिलेगी। 10 बजे तक पहुंचें परीक्षा केंद्र, उसके बाद नहीं मिलेगा प्रवेश सीबीएसई ने छात्रों से कहा है कि परीक्षा हॉल में सुबह 10 बजे या उससे पहले बैठ जाएं। सुबह 10 बजे के बाद किसी भी विद्यार्थी को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विद्यार्थी परीक्षा केंद्र के सही स्थान की पहचान करने और सही स्थिति सुनिश्चित करने के लिए एक दिन पहले सेंटर पर जाएं। स्कूल यूनिफॉर्म तथा स्कूल का आईडी कार्ड जरूर ले जाएं। पारदर्शी थैली में ही स्टेशनरी लेकर जाएं। परीक्षा के लिए नई तकनीक का प्रयोग, दो नए पोर्टल विकसित सीबीएसई ने परीक्षा के लिए कई नई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल का निर्णय लिया है। इसमें सटीक डाटा तय करने के लिए पोर्टल्स का एकीकरण किया है। विद्यालयों और क्षेत्रीय कार्यालयों के साथ तेजी से कम्यूनिकेशन के लिए दो नए पोर्टल विकसित किए हैं। परीक्षा के लिए केंद्र सामग्री की इमेज के साथ कस्टोडियन और केंद्र अधीक्षक की फोटो टैगिंग को जोड़ा गया है। यह सामग्री के सुरक्षित संग्रह और वितरण के लिए किया गया

पीसीएस ज्यूडीशियरी के नतीजे घोषित; लुधियाना की शिवानी टॉपर, खरड़ के संगम कौशल सेकंड

लुधियाना/खन्ना/जगराओं. पंजाब सिविल सर्विसेज (ज्यूडीशियरी) की परीक्षा के नतीजे शुक्रवार को घोषित किए गए। इसमें लुधियाना की शिवानी गर्ग ने पंजाब में पहली पोजीशन हासिल की है। वह हरियाणा सिविल सर्विसेज (ज्यूडीशियरी) की परीक्षा में पहले ही दूसरा स्थान हासिल कर चुकी हैं। इनके अलावा खरड़ का संगम कौशल दूसरे व समराला की हरलीन कौर तीसरी पोजीशन पर रहीं। लुधियाना की ही मनदीप कौर ने 7वां स्थान प्राप्त किया है, जबकि लुधियाना के पूर्व मेयर एचएस गोहलवड़िया की बेटी खुशदीप कौर (ओबीसी श्रेणी में तीसरी) और जगराओं की चरनप्रीत कौर की भी (ओबीसी श्रेणी में) ने 9वीं पोजीशन हासिल की है। 75 सीटों के लिए हुई परीक्षा में 2 चरणों में 830 स्टूडेंट्स का मेन एग्जाम के लिए चयन किया गया था। टॉपर शिवानी गर्ग के पिता कृष्णलाल बिजनेसमैन व माता लक्ष्मी देवी गृहिणी हैं। शिवानी ने पटियाला से लॉ करने के बाद परीक्षा की तैयारी की

चेयपर्सन का छात्रों के नाम खत- मुझे अपने दोस्त, उनके संग धमाल भी याद है, परीक्षा की यादें धुंधली हैं

बिलासपुर. सीबीएसई 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू हो रही हैं। पूरी तैयारी के बावजूद छात्र-छात्राएं तनाव में हैं। इसका प्रमाण सीबीएसई की ओर से शुरू की गई हेल्पलाइन पर आ रहे फोन देते हैं। बच्चे ही नहीं, अभिभावक भी प्रेशर में हैं। यह तनाव कम करने के मकसद से सीबीएसई चेयरपर्सन अनीता करवल ने छात्र-छात्राओं और पेरेंट्स के नाम एक खत लिखा है, जो नंबरों की होड़ से परे पहुंच यह बताता है कि अंतत: एक ही बात जरूरी है और वह है सीखना। अंक बच्चों की काबिलियत नहीं बताते। बच्चों के नाम सीबीएसई चेयरपर्सन का खत प्यारे बच्चों... मेरे एक सहकर्मी अपनी बिटिया के किस्से बड़े गर्व से सुनाते हैं। उनकी बिटिया वकील बन गई है। कुछ अरसे पहले की ही बात है, यह बच्ची अपने बोर्ड एग्जाम दे रही थी और बच्ची और उसके पिता तनाव में थे। रातों को जाग-जागकर वह उसे रिवीजन कराते थे। फिर आया रिजल्ट और बिटिया के नंबर वैसे नहीं आए जैसी उन्हें उम्मीद थी। वे निराश हो गए। उनकी बिटिया उनसे मिलने आई और उनका उदास चेहरा देखा तो बोली, निराश न हों पापा, आपने अपना बेस्ट दिया...। मैं आज भी उस बच्ची की आवाज की वह खनक नहीं भूली। उसका मनोबल उसके चेहरे पर दमक रहा था। वह बखूबी जानती थी यह परीक्षा उसकी काबिलियत की कसौटी नहीं है। बच्चों, स्कूलिंग का मतलब सिर्फ बोर्ड एग्जाम नहीं है। मैं अतीत में देखती हूं तो सोचती हूं कि स्कूल से मैं घर क्या लेकर लौटती थी। मुझे पिकनिक्स याद हैं, एनुअल फेयर्स याद हैं, स्पोर्ट्स-डे और एनुअल फंक्शंस याद हैं। मुझे मेरे दोस्त, उनके साथ धमाचौकड़ी, हंसी-मजाक और रोना भी याद है, लेकिन पढ़ाई की चंद यादें ही हैं मेरे जहन में और वह भी धुंधली सी। मुझे याद है हिस्ट्री में बहुत सी तारीखें याद करना पड़ती थीं। तब मैंने याद की भी थीं पर आज मुझे वो याद नहीं हैं। मैं फ्रेंड्स से कहती थी- लाइफ में कुछ भी करना, लेकिन इतिहास मत बनाना। अगली पीढ़ी के बच्चे तुम्हें कभी माफ नहीं करेंगे। भूगोल में अमेरिका को कोसती थी मैं कि उनके जंगल अफ्रीका से अलग क्यों हैं। दुनिया एक जैसी और साधारण क्यों नहीं हो सकती? गणित में तो मेरा हाल ऐसा था जैसा एलिस का वंडरलैंड में था। केमिस्ट्री मेरे लिए अंग्रेजी शब्दों और अरेबिक न्यूमरल्स का कॉम्बिनेशन था। बायोलॉजी के लिए मैं इतनी जिज्ञासु थी कि रेड ब्लड सेल्स और माइटोकॉन्ड्रिया की ऑटोबायोग्राफी लिखती थी। एक्स्ट्रा कॅरिकुलम एक्टिविटीज में पढ़ाई से बेहतर थी। कोरे कैनवास पर अपनी कल्पनाएं उकेरना मुझे सुकून देता था। मुझे यह याद नहीं है कि बोर्ड में क्या सवाल पूछे गए थे और उन्हें मैंने उन्हें कैसे हल किया। आज मैं आपसे यह सब शेयर कर रही हूं कि क्योंकि मैं बताना चाहती हूं कि हम बड़े आज जहां हैं, वहां तक हर सबजेक्ट में बेस्ट होकर, स्कूल की हर एक्टिविटी में सर्वश्रेष्ठ होकर नहीं पहुंचे हैं। स्कूल में हमें हर फील्ड का एक्सपोजर मिलता है, लेकिन उससे कहीं ज्यादा यह लाइफ लॉन्ग लर्नर बनाता है, वैल्यूज और स्किल्स सिखाता है। आप 21वीं सदी के बच्चे हैं। आपका एम्प्लॉयर इस बात की फिक्र नहीं करेगा कि आपको नंबर कितने मिले थे, पर यह जरूर जानना चाहेगा कि क्या आप मेहनती हैं। क्रिएटिव हैं। कुछ लोग जानना चाहेंगे कि आपकी क्रिटिकल थिंकिंग, समस्या हल करने काबिलियत, कम्युनिकेशन स्किल्स क्या हैं। लेकिन सभी यह जरूर जानना चाहेंगे कि आप अपने काम में कितने ईमानदार हैं, जेंडर सेंसिटिव हैं, अच्छे नागरिक हैं और टीम का हिस्सा बन सकते हैं या नहीं। आपको पता हो या न हो, लेकिन मुझे यकीन है कि आप सभी इन क्वालिटीज, स्किल्स, वैल्यूज को हासिल कर चुके हो। तो जहां तक आपके फ्यूचर की बात है, आप सभी ‘फ्लाइंग कलर्स’; से पास हो चुके हैं। जिंदगी में आपने कई ऊंचाइयां भी हासिल कर ली हैं। घुटने के बल होते हुए अपने पैरों पर चलने लगे हैं, कभी तोतला बोलते थे मगर तोतली जुबान से अब साफ बोलने लगे हैं। आपने दोस्त बनाए हैं, टीम वर्क किया है, लिखना-पढ़ना, पेंट करना, डांस सीखा है। इंटरनेट सर्च करना, कुकिंग, गार्डनिंग जानते हैं। बड़ों का सम्मान करते हैं... यह लिस्ट बहुत लंबी। इन सब चीजों ने आपकी पर्सनैलिटी को तराशा है और एक नायाब हीरे में तब्दील कर दिया है और इसी फेहरिस्त का एक छोटा सा हिस्सा हैं परीक्षाएं। यह उतनी बड़ी चीज नहीं है जितना इसे बना दिया गया है। सफर का बस एक पड़ाव है जिससे आपको पता लगता है कि आप जीवन में क्या करना चाहते हैं। खुद को क्या बनते देखना चाहते हैं। क्रिएटिविटी से भरा कॅरियर आपका इंतजार कर रहा है। अपनी खूबियों क्षमताओं के दम पर अपनी चिंताओं पर हमला बोल दीजिए और उन्हें परास्त कर दीजिए। बेस्ट ऑफ लक, गॉड ब्लेस यू

सीबीएसई 10वीं-12वीं की परीक्षाएं कल से, 3 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे; पटना जोन में 372 सेंटरों पर तैयारी पूरी

पटना. सीबीएसई की 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू होंगी। दोनों परीक्षाओं में पटना जोन से 3 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा के लिए जोन में 372 केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा को लेकर तैयारी कर ली गई है। केंद्रों पर सुरक्षा से लेकर अन्य सारी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा सुबह 10.30 बजे से शुरू होगी। पटना जोन से 10वीं की परीक्षा में 2 लाख 25 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे, इनमें बिहार से एक लाख 40 हजार परीक्षार्थी हैं। जबकि 12वीं में कुल 95 हजार परीक्षार्थी हैं इनमें बिहार से 55 हजार परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। बिहार में परीक्षा के लिए 272 केंद्र बनाए गए हैं, इसके अलावा झारखंड में 100 परीक्षा केंद्र हैं। नए पैटर्न पर एग्जाम पहले दिन 10वीं के परीक्षार्थियों के लिए रिटेलिंग, सिक्योरिटी, ऑटोमोटिव, इंट्रोडक्शन टू फाइनेंशियल मार्केट्स, इंट्रोडक्शन टू टूरिज्म सहित अन्य विषयों की परीक्षाएं होंगी। वहीं 12वीं के परीक्षार्थियों के लिए मल्टीमीडिया एंड वेब टेक्नोलॉजी, मास मीडिया, फूड प्रोडक्शन, रिटेल ऑपरेशंस, रिटेल, बैंकिग सहित अन्य व्यवसायिक विषयों की परीक्षाएं होंगी। पहले व्यवसायिक विषयों की परीक्षाएं ही होंगी, इसके बाद मुख्य विषयों की परीक्षा शुरू होगी। इस बार पैटर्न में सीबीएसई ने बदलाव किया है। बोर्ड परीक्षाएं नए पैटर्न पर ही होंगी। केंद्र ढूंढ़ने में मदद करेगा एग्जाम सेंटर लोकेटर एप परीक्षार्थियों के लिए सीबीएसई ने कई तरह की सुविधाएं दी हैं। परीक्षा केंद्र खोजने में दिक्कत होने पर एग्जाम सेंटर लोकेटर एप भी लांच किया गया है। परीक्षार्थियों को समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं साथ ही उन्हें ड्रेस में आना है। इसके अलावा परीक्षा केंद्र पर किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक सामान काे ले जाने पर प्रतिबंध

फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने कहा- सीएए का समर्थन करने वाली विज्ञापन फिल्म से बांग्लादेश नाम हटाया जाए

कोलकाता. सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर बने एक विज्ञापन को लेकर निर्देश जारी किए। बोर्ड ने कहा कि अगर विज्ञापन फिल्म के लिए यू सर्टिफकेट चाहिए तो इसमें से बांग्लादेश शब्द को या तो हटा दिया जाए, या फिर बदल दिया जाए। सीबीएफसी के क्षेत्रीय कार्यालय में सीएए से जुड़ी 4 फिल्में सर्टिफिकेट के लिए अटकी हैं। इस दौरान बोर्ड ने 5 संशोधनों के निर्देश दिए थे। इसके अलावा एक डिस्क्लेमर देने को भी कहा है। ये विज्ञापन संघमित्रा चौधरी द्वारा प्रोड्यूस और डायरेक्ट किए गए हैं। इन्हें 27 दिसंबर को सर्टिफिकेशन के लिए भेजा गया था। बोर्ड से जुड़े सूत्र के मुताबिक, सभी बदलाव केवल दिशा-निर्देशों के आधार पर सुझाए गए हैं। सभी पहलुओं पर विचार के बाद ही काटछांट के सुझाव- सीबीएफसी बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी पार्थ घोष ने कहा- यह सुझाव दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए दिए गए हैं। इससे यह निश्चित होगा कि विदेशी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध तनावपूर्ण न हो जाएं। किसी भी कानून पर विज्ञापनों को प्रमाणित करने के लिए सावधानी की आवश्यकता है। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही काटछांट के सुझाव दिए गए हैं। सीएए को लेकर डर को दूर करने के लिए बनाए विज्ञापन- संघमित्रा डायरेक्टर संघमित्रा का कहना है कि ये विज्ञापन सीएए को लेकर लोगों के मन में उत्पन्न हुए डर को दूर करने के लिए बनाए गए थे। उन्होंने कहा कि मुझे इस विज्ञापन से बंगाली भाषा हटाने के लिए नहीं कहा गया है इसलिए यह समझ नहीं आ रहा है कि बांग्लादेश शब्द को हटाने या बदलने से किसी भी उद्देश्य की पूर्ति हो सकती है या नहीं। सीबीएफसी ने क्या निर्देश दिए हैं? सीएए को लेकर बने जिस विज्ञापन में सीबीएफसी ने सुधार का निर्देश दिया है। उसमें दिखाया गया है कि चर्चा के दौरान एक महिला दूसरी से पूछती है- सलमा, हर कोई कह रहा है कि हमें वापस बांग्लादेश जाना होगा। कोई सीएए नाम की चीज लागू हो गई है। एक अन्य सुझाव में कहा गया है कि पहली ऐड फिल्म में हिंदू शब्द को सीएए के चलते संशोधित किया जाना चाहिए। एक अन्य ऐड फिल्म में संवाद है, सीएए पास हो गया है, इसलिए हम देश के नागरिक हैं। सीबीएफसी ने डायरेक्टर को निर्देश दिए कि इस संवाद को बदलें। इसमें कहा जाए- सीएए ने हम सभी की मदद की। हम सभी भारतीय नागरिक हैं। सीबीएफसी ने संघमित्रा को निर्देश दिए थे कि हर फिल्म की शुरुआत और अंत में डिस्क्लेमर भी दिए जाएं। इनमें नए कानून में से एक-एक लाइन भी ली जाए। निर्देशक अब बदलाव करने से पहले अपनी टीम से परामर्श करने की प्रतीक्षा कर रही हैं। संघमित्रा ने कहा, ये सामयिक विज्ञापन थे और कानून पारित होने के तुरंत बाद प्रसारित किए गए थे। मैं इस बात से परेशान हूं कि सीबीएफसी ने बदलावों की जांच करने और सुझाव देने में काफी समय लिया

दिल्ली की हार पर हरियाणा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष का तंज, कहा- अब जीरो से नीचे कहां जाओगे

रोहतक. दिल्ली विधानसभा में कांग्रेस की करारी हार पर हरियाणा कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक तवंर ने तंज कसा है। तंवर ने कहा कि एक पार्टी कहती है कि हम तो जहां खड़े थे, वहीं खड़े हैं। वहीं खड़ा रहना मुबारक है। जीरो से नीचे और कहां जाएंगे। हमारे साथी संघर्ष न करते तो हरियाणा में भी पार्टी की ऐसी ही हालत होती। जितनी वोट मुझे मिली थी इतनी अकेले दिल्ली में कांग्रेस को मिली गुरुवार को अशोक तंवर रोहतक पहुंचे। जहां उन्होंने कार्यकर्ताओं को 16 फरवरी को करनाल में मनाए जाने वाले स्वाभिमान दिवस का न्यौता दिया। तंवर ने कहा कि कांग्रेस ने तो दिल्ली में उतने वोट हासिल किए हैं, जितने अकेले मेरे वोट थे। हम तो सहीं समय पर निकल गए, हम बचेंगे तभी प्रदेश को बचाने का काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जनता दोनों पार्टियों से छुटकारा चाहती है। जहां मजबूत विकल्प होगा वहां दोनों राष्ट्रीय पार्टी को जनता नकार देगी। ग्रोवर और कुंडू विवाद पर बोले- विधायक बलराज कुंडू द्वारा पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर पर भ्रष्टाचार के आरोप पर अशोक तंवर ने कहा कि यह मामला हम पहले ही उठा चुके हैं। जिस सरकार में चपरासी तक की बदली (तबादला) सीएम कार्यालय से होता है तो वहां इस घोटाले की जानकारी न हो यह कैसे हो सकता है। तंवर ने विधानसभा चुनाव से पहले छोड़ी थी कांग्रेस अशोक तंवर ने विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़ दी थी। दरअसल पार्टी ने उन्हें प्रदेशाध्यक्ष पद से हटा दिया था और कुमारी सैलजा को पद दे दिया था। वहीं हुड्डा को चुनाव की कमान सौंपते हुए उन्हें नेता प्रतिपक्ष का पद सौंपा था। इससे नाराज तंवर ने पार्टी से बगावत कर इस्तीफा दे दिया

सीबीएसई के निर्देश- नियमित छात्र परीक्षा केंद्र पर स्कूल ड्रेस में पहुंचे

भोपाल. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की ओर से कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू हो रही हैं। कक्षा 10वीं की परीक्षा 15 फरवरी से 20 मार्च और कक्षा 12वीं की परीक्षा 15 फरवरी से 30 मार्च तक चलेंगी। इसको लेकर सीबीएसई ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने यहां के स्टूडेंट्स को परीक्षा सेंटर पर यूनिफॉर्म पहनकर जाने से लेकर एडमिट कार्ड की जानकारी दें। ये भी पढ़े सीबीएसई ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर स्कूलों को दी जानकारी, कई स्तर पर होगा स्टूडेंट्स की कॉपियों का मूल्यांकन इससे छात्रों में परीक्षा से पहले कोई भटकाव न हो। वहीं छात्रों में तनाव प्रबंधन को लेकर भी टीचर्स और काउंसलर्स की ओर से टिप्स दिए जा रहे हैं, जिससे छात्र परीक्षा में अपनी बेहतर परफॉर्मेंस दे पाएं। यूनिफॉर्म को लेकर साफ निर्देश दिए गए हैं कि रेगुलर स्टूडेंट्स अपनी स्कूल यूनिफॉर्म में एक्जाम सेंटर पहुंचे। वहीं प्राइवेट स्टूडेंट्स हल्के रंग के कपड़े पहनकर जाएं। कॉपियों के मूल्यांकन की होगी जांच इस बार कॉपियों के मूल्यांकन की कई स्तर पर जांच की जाएगी। इसके लिए सॉफ्टवेयर की मदद ली जाएगी। इसमें मुख्य परीक्षक के अलावा संयोजक व अन्य अधिकारी भी इसकी जांच कर सकते हैं। ऐसा इसलिए ताकि मूल्यांकन में कोई भी गड़बड़ी हो, तो वह पकड़ में आ सके और समय रहते इसमें सुधार किया जा

भाजपा में उठे सवाल:‘काम पर चुनाव’ का जवाब शाहीन बाग से क्यों दिया?

नई दिल्ली (मुकेश कौशिक ) . दिल्ली में आक्रामक प्रचार के बावजूद आम आदमी पार्टी से करारी शिकस्त पर भाजपा में अब मंथन शुरू हाे गया है। दिल्ली के कुछ बड़े नेता दबी जुबान में प्रचार की रणनीति और चुनावी मुद्दाें के चयन पर सवाल उठा रहे हैं। एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रचार अभियान संभाल रहे नेता चुनावी नतीजाें के बारे में मीडिया के सामने प्रतिक्रिया जरूर दें। साथ ही बताएं कि केजरीवाल की ‘काम पर चुनाव’; की चुनाैती का जवाब शाहीन बाग से क्यों दिया? कुछ वरिष्ठ भाजपा नेताओं का मत है कि सीएए के खिलाफ शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन काे केंद्र में रखकर चलाया गया अति राष्ट्रवादी प्रचार अभियान इस हार की बड़ी वजह है। गृह मंत्री अमित शाह अपने ज्यादातर भाषणाें के अंत में अपील करते थे कि ईवीएम का बटन इतनी जाेर से दबाना कि करंट शाहीन बाग तक पहुंचे। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने गाेली मारने और सांसद प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल काे आतंकवादी बताने जैसे विवादित बयान भी दिए। आप और कांग्रेस ने भाजपा पर नफरत और बंटवारे की राजनीति करने का आराेप लगाया। दिल्ली के एक नेता कहते हैं कि हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के एजेंडे पर चलते-चलते पार्टी काफी आगे निकल गई थी। गाेली माराे जैसे नारे लगाकर आम लाेगाें से सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं कर सकते। भाजपा नेताओं का मत है कि महिलाओं काे बसाें में मुफ्त यात्रा, बिजली और पानी मुफ्त देने के दांव का भी भाजपा ताेड़ नहीं ढूंढ सकी। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मनाेज तिवारी ने बांटने की राजनीति के आराेप नकारते हुए कहा कि हार के कारणाें पर पार्टी फाेरम में विचार हाेगा। कुछ नेताओं की राय है कि सीएम पद के लिए चेहरा नहीं देना भाजपा काे भारी पड़ गया। बाहरी व्यक्ति को प्रदेशाध्यक्ष बनाना अाैर दिल्ली इकाई में फूट भी हार की वजह मानी जा रही है। पीएम मोदी ने बधाई दी, केजरीवाल बोले- शुक्रिया, दिल्ली के लिए सहयोग की उम्मीद पीएम मोदी ने अरविंद केजरीवाल को ट्वीट कर बधाई दी है। जवाब में केजरीवाल ने भी उन्हें शुक्रिया कहते हुए राजधानी दिल्ली को वर्ल्ड क्लास सिटी बनाने के लिए उनसे सहयोग की उम्मीद जताई। बर्थडे गिफ्ट... ‘दिल्ली के लोगों ने नकारात्मक राजनीति को नकार दिया है, ये सच की जीत है। विश्वास था कि जीत होगी। दिल्ली के लोगों ने जन्मदिन पर बड़ा गिफ्ट दिया है। सच की जीत हुई है। हम लोगों के बीच जा रहे थे। लोगों को काम पर विश्वास था। मुझे जीत का। दिल्ली के लोग समझदार हैं। हमें पता था कि नकारात्मक राजनीति को दिल्ली के लोग नकार देंगे।’; - सुनीता केजरीवाल दिल्ली ने अपने बेटे पर भरोसा किया, ये नई राजनीति देश के लिए शुभ संदेश: केजरीवाल जीत के बाद केजरीवाल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। कहा- ‘दिल्लीवालो! गजब कर दिया आप लोगों ने। आई लव यू। ये दिल्ली के हर उस परिवार की जीत है, जिसने मुझे बेटा मानकर समर्थन दिया। ये उन परिवारों की जीत है, जिनके बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलने लगी है, जिनका अस्पतालों में अच्छा इलाज होने लगा है। दिल्ली के लोगों ने आज देश में एक नई राजनीति को जन्म दिया है, जिसका नाम काम की राजनीति है। ये शुभ संदेश है। ये भारत माता की जीत है। फायदा: आप ने जिन 15 विधायकों के टिकट काटेे, वहां 14 जीत गए आम आदमी पार्टी ने रिपोर्ट कार्ड को आधार बनाकर 15 विधायकों के टिकट काट दिए थे। जिनके टिकट कटे, उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर कई गंभीर आरोप लगाए। विश्लेषकों ने भी कहा कि पार्टी में भितरघात से नुकसान होगा। लेकिन सबको पीछे छोड़ते हुए पार्टी ने 15 में से 14 सीटें बचा लीं। सिर्फ बदरपुर में हार झेलनी पड़ी। बाजी भाजपा के रामवीर सिंह बिधूड़ी के हाथ लगी। आप ने विधायक एनडी शर्मा का टिकट काटकर राम सिंह नेताजी को उतारा था। शर्मा बसपा से लड़े। सीट तो नहीं बचा सके, पर आप का नुकसान कर गए। द्वारकाः शास्त्रीजी के पोते का टिकट काट महाबल मिश्रा के बेटे को दिया 2015 में जीते आदर्श शास्त्री का टिकट काटकर दिग्गज कांग्रेसी नेता महाबल मिश्रा के बेटे विनय को उतारा। उन्होंने भाजपा के प्रद्युम्न राजपूत को हराया। कालकाजीः लोकसभा चुनाव हारीं आतिशी को उतारा, इस बार जीत गईं अवतार सिंह का टिकट काट आतिशी को दिया। भाजपा के धर्मवीर को हराया। राजेंद्र नगर: पार्टी प्रवक्ता राघव चड्ढा पर दांव, लोकसभा चुनाव में हारे थे विजेंद्र गर्ग की जगह राघव चड्ढा को उतारा। भाजपा के आरपी सिंह को हराया। नुकसान: दल-बदलू कपिल और अलका लांबा को लोगों ने नकारा दिल्ली में उन नेताओं पर सभी की निगाहें थीं, जिन्होंने दलबदल किया था। मॉडल टाउनः आप से विधायक रहे कपिल मिश्रा भाजपा में जाकर हारे आप के अखिलेशपति त्रिपाठी ने भाजपा के कपिल मिश्रा को हरा दिया। कपिल 2015 में आप के टिकट से जीते थे। चांदनी चौकः कांग्रेस के साहनी आप से जीते, आप की अलका कांग्रेस से हार गईं 2015 में अलका लांबा ने 4 बार के कांग्रेस विधायक प्रह्लाद साहनी को हराया था। इस बार साहनी आप और अलका कांग्रेस से लड़ीं। लेकिन इस बार साहनी जीत गए। वे 5वीं बार विधायक बने हैं। 5 पार्टियों से 7 बार चुनाव लड़ने वाले शोएब छठी बार विधायक बने दिल्ली में मटिया महल चर्चित सीट है। क्योंकि यहां आपके शोएब इकबाल छठी बार जीते हैं। वे पिछले 6 चुनाव में 5 बार 4 अलग-अलग पार्टियों से विधायक रहे हैं। इस बार वे आम आदमी पार्टी से जीते हैं। उनके नाम एक ही सीट से लगातार 5 बार जीतने का रिकॉर्ड है। 1993 से अब तक वे 5 पार्टियों- जनता दल (2 बार), जेडीएस, एलजेपी, जेडीयू और अब आप से जीतकर विधायक बने हैं। पिछली बार वे कांग्रेस से लड़े थे, लेकिन आप के प्रत्याशी से हार गए थे। लोगों ने भाजपा को नकारा दिया है। सिर्फ विकास का मुद्दा काम करेगा, सीएए, एनआरसी और एनपीआर को खारिज कर दिया जाएगा। - ममता बनर्जी, सीएम, प. बंगाललोगों ने दिखा दिया है कि देश जन की बात से चलता है न कि मन की बात से। भाजपा ने केजरीवाल को आतंकी कहा, पर उन्हें हरा नहीं सकी। - उद्धव ठाकरे, सीएम, महाराष्ट्रदिल्ली के लोगों को धन्यवाद, जिन्होंने नफरत, धोखे और तबाही की राजनीति को नकारा। इस नतीजे के बाद, भाजपा को कोई बाग याद नहीं रहेगा। - अखिलेश यादव, सपा प्रमुखलोगों ने मन बना लिया था कि वे आप या भाजपा को वोट देंगे। यह चुनाव विकास के मुद्दे पर हुआ। दैत्य और बौने के बीच की लड़ाई में बौना जीत गया। - अधीर रंजन चौधरी, कांग्रेसजनादेश का सम्मान और अरविंद केजरीवाल को बधाई। उम्मीद है वे दिल्ली की अपेक्षाएं पूरी करेंगे। हमारी अपेक्षाएं खरी नहीं उतरीं, इसकी समीक्षा करेंगे। - मनोज तिवारी, भाजपा प्रदेशाध्यक्षहम नतीजे स्वीकार करते हैं। अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के लोगों को बधाई। मुझे उम्मीद है कि केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली का विकास होगा। - गौतम गंभीर, भाजपा

लोकसभा के मुकाबले भाजपा ने 16% जनाधार खोया, आप ने 36% लोग जोड़े

नई दिल्ली सीट से आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तीसरी बार चुनाव लड़कर जीत हासिल की। उन्हें 61 प्रतीशत वोट मिले। दूसरे नंबर पर रहे सुनील यादव को 32 प्रतिशत वोट मिले, जबकि कांग्रेसी उम्मीदवार रोमेश सब्बरवाल 4 प्रतिशत। यह सीट इसलिए खास बन गई थी क्योंकि वहां सबसे ज्यादा 28 प्रत्याशी चुनाव में खड़े हुए थे। इस सीट पर कुल 76530 में से 395 वोट नोटा को भी पड़े। साल 2013 में पहली बार चुनाव लड़े अरविंद केजरीवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को 18405 मतों से हराया था। तब उन्हें 44269 वोट मिले। जबकि वर्ष 2015 में दूसरी बार में उन्हें 64 प्रतिशत 57213 वोट मिले थे। इस बार पिछली बार के मुकाबले उनके वोट शेयर में तीन फीसदी की गिरावट आई है। इस संसदीय सीट पर सबसे ज्यादा वोट पटेल नगर सुरक्षित सीट के उम्मीवार राजकुमार आनंद के खाते में आए। बगावत कर एनसीपी से लड़े सुरेन्द्र को केवल 908 वोट आए। प्रतिशत के लिहाज से सबसे ज्यादा मत करोलबाग सुरक्षित सीट से विशेष रवि को पड़े। जीतने वाले अन्य आप उम्मीदवारों में ग्रेटर कैलाश से सौरभ भारद्वाज, कस्तूरबा नगर से मदनलाल, मालवीय नगर से सोमनाथ भारती, राजिन्द्र नगर से राघव चढ्ढा, आरके पुरम से प्रमिला टोकस और मोती नगर से शिव चरण गोयल शामिल हैं। इनमें राघव चढ़ढा को छोड़ बाकी पहले भी विजयी रह चुके हैं। मटिया महल सीट शोएब ने 50 हजार वोटों से जीत ली चांदनी चौक लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली 10 विधानसभाओं में से 7 पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी। मगर विधानसभा चुनाव में इन बंपर जीत वाली सीटें भी आप की लहर के सामने ध्वस्त हो गईं। लोकसभा चुनाव में शालीमार बाग विधानसभा में बीजेपी प्रत्याशी डॉ हर्षवर्धन को सबसे ज्यादा 72,278 वोट मिले थे। तलोकसभा चुनाव के मुकाबले दिल्ली विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो शालीमार बाग में बीजेपी उम्मीदवार को 54267 वोट ही मिले और वह आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी से 3440 वोट से हार गईं। यह सीट 2015 के विधानसभा चुनाव में भी आम आदमी पार्टी जीती थी। इसके अलावा त्रिनगर विधानसभा भी बीजेपी 10710 वोट से हार गई। आम आदमी पार्टी की प्रीति तोमर बीजेपी के तिलकराम गुप्ता से 10710 वोट से जीतीं। प्रीति यहां से विधायक जितेंद्र तोमर की पत्नी हैं। साल 2015 में जितेंद्र तोमर 22311 वोट से जीते थे। मटिया महल विधानसभा सीट पर जीत का अंतर सबसे ज्यादा रहा। यहां आम आदमी पार्टी के शोएब इकबाल ने बीजेपी के रविंद्र गुप्ता को 50241 वोट से हरा दिया। लोकसभा सीट पर मिले वोट पार्टी 2020 2019 2015 कांग्रेस 49248 290910 117609 बीजेपी 388091 519055 35154 आप 573797 144551 56025 पटपड़गंज सीट ने थाम दी सांसें, अंत में सिसोदिया जीते पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण सीट पटपड़गंज पर आप के तीसरी बार प्रत्याशी और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भाजपा प्रत्याशी ने कड़ी टक्कर दी। सिसोदिया ने भाजपा के रविंद्रर नेगी को 3209 वोट से हराया। जबकि पिछले चुनाव में यह अंतर करीब 28716 वोट का था। इस सीट पर आप को टक्कर मिलने का कारण पहाड़ी वोटर का एक तरफ भाजपा को वोट करना और अंतिम समय में भाजपा के राष्ट्रवाद का प्रभाव से वोट पड़ना है। वहीं, शाहीन बाग प्रदर्शन वाली ओखला सीट पर आम आदमी पार्टी के अमानतुल्ला खान को आसान जीत मिली। यहां पर भाजपा के उन पर हमले ने मुस्लिम मतदाताओं ने खुलकर उनके पक्ष में मतदान किया। अमानतुल्ला खान ने भाजपा प्रत्याशी को 72468 वोट से हराया। वहीं, गांधी नगर सीट पर आप के पूर्व विधायक और भाजपा प्रत्याशी ने अनिल बाजपेयी ने आप के नवीन चौधरी को 6079 वोट से शिकस्त दी। इनकी जीत के पीछे कांग्रेस के अरविंद लवली के अच्छा वोट लेना है। वहीं, आप के सीट बदलने पर कोंडली से कुलदीप कुमार और त्रिलोकपुरी से रोहित कुमार ने जीत दर्ज की है। जंंगपुरा से आप के प्रवीण कुमार ने भाजपा प्रत्याशी को 16063 वोट से हराया। लक्ष्मी नगर से भाजपा प्रत्याशी अभय वर्मा ने लक्ष्मी नगर से आप प्रत्याशी नितिन त्यागी को 880 वोट से आश्चर्य जनक जीत दर्ज की है। लोस में जो सीट भाजपा ने 1 लाख से जीती, वहां भी हार पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली मटियाला विधानसभा बीजेपी 28 हजार से ज्यादा वोट से हार गई है। यहां आम आदमी पार्टी के गुलाब सिंह ने बीजेपी के राजेश गहलौत को हराया है। साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने यह विधानसभा एक से ज्यादा वोट के अंतर से जीती थी। पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी के प्रवेश वर्मा को चुनाव में मटियाला विधानसभा में सबसे ज्यादा 149366 वोट मिले थे। यहां दूसरे नंबर पर कांग्रेस के महाबल मिश्रा थे। उन्हें 44596 वोट मिले। इस तरह बीजेपी यह सीट 104770 वोट से जीती। आम आदमी पार्टी यहां तीसरे नंबर पर रही थी। इसी लोकसभा क्षेत्र में एक अन्य विधानसभा सीट विकासपुरी ऐसी थी जहां बीजेपी 83165 वोट से जीती थी। लोकसभा क्षेत्र की यह दोनों विधानसभा सीटें ही बीजेपी हार गई। मटियाला सीट बीजेपी 28075 वोट से हारी है। आम आदमी पार्टी के गुलाब सिंह ने बीजेपी के राजेश गहलौत को हराया है। विधानसभा चुनाव में इस लोकसभा सीट पर सबसे ज्यादा अंतर से विकासपुरी में जीत दर्ज हुई है। लोकसभा सीट पर मिले वोट पार्टी 2020 2019 2015 कांग्रेस 49302 287162 123910 बीजेपी 618622 865648 475250 आप 838401 251873 797177 कांग्रेस-राजग गठबंधन को सिर्फ 59313 वोट मिले उत्तर पूर्वी दिल्ली संसदीय सीट पर आम आदमी पार्टी ने सात सीटें जीती हैं जबकि घौंडा, करावल नगर और रोहताश नगर में भाजपा का कमल खिला। भाजपा ने इस सीट पर विधानसभा 2015 के मुकाबले भाजपा ने 1,43,587 वोट भी विस चुनाव 2020 में बढ़ाए। यहां की 10 सीटों पर जिसमें एलजेपी को दी गई सीमापुरी और जेडीयू को दी गई बुराड़ी सीट के नंबर जोड़ लें तो 6,17, 612 वोट मिले हैं। हालांकि लोकसभा चुनाव 2019 के मुकाबले 98,464 वोट बढ़े भी हैं। प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी इस सीट से सांसद हैं। ोहताश नगर से जीते जितेंद्र महाजन 2013 में पहली बार विधायक बने थे। उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट पर आम आदमी पार्टी ही नहीं बल्कि सबसे अधिक मार्जिन से जीत दर्ज करने का नाम बुराड़ी से आप प्रत्याशी संजीव झा के नाम है जिन्होंने 62.81 फीसदी के साथ 1,39,368 वोट लिए और 88158 वोट से जेडीयू प्रत्याशी शैलेंद्र कुमार को हराया। इसी तरह भाजपा के टिकट पर घोंडा से विधायक बने अजय महावर ने 28370 वोट से जीत दर्ज की। ये भाजपा के भी 8 प्रत्याशियों में सबसे बड़ी जीत है। उत्तर पूर्वी से लोस 2019 में पूर्व सीएम शीला दीक्षित चुनाव लड़ी थीं जो अब नहीं रही। लेकिन कांग्रेस ने उनके नाम पर चुनाव लड़ा और इस सीट की एक आरजेडी सहित 10 सीटों पर कांग्रेस को सिर्फ 59313 वोट मिले। सांसद रमेश बिधूड़ी भतीजे को भी नहीं दिला सके जीत दक्षिण दिल्ली सीट पर भाजपा से सांसद रमेश विधूड़ी दूसरी बार भी अपने भतीजे विक्रम विधूड़ी को जीत दिलाने में कामयाब नहीं हो सके। तुगलकाबाद विधानसभा सीट उनका गढ़ या कहें घर की सीट मानी जाती रही है, लेकिन इस भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। लगातार दूसरी बार आप प्रत्याशी सही राम पहलवान ने विक्रम विधूड़ी को पराजित कर दिया। इस संसदीय सीट पर आप के दस प्रत्याशियों में नौ को जीत हासिल हुई, वहीं हाल ही में आप में शामिल हुए बदरपुर विधानसभा चुनाव से लड़े रामसिंह नेताजी को हार का सामना करना पड़ा। उन्हें पुराने विरोधी भाजपा के रामवीर सिंह िवधूड़ी ने 3719 वोट से पराजित किया। उनका खेल बिगाड़ने में आप के बागी उम्मीवार नारायण दत शर्मा का बड़ा हाथ रहा। वह टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर बसपा सीट पर चुनावी दंगल में उतर गए थे। इस लोकसभा सीट से एक खास चेहरा कालकाजी जी से चुनाव लड़ी आतिशी का था, जिन्हाेंने भाजपा प्रत्याशी धर्मबीर सिंह और प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस सुभाष चोपडा की बेटी शिवानी चोपड़ा को भारी मतों से हरा दिया। देवली प्रत्याशी प्रकाश जारवाल इस सीट पर सबसे ज्यादा वोट 92575 ले सके। वहीं पहली बार कांग्रेस के साथ गठबंधन कर आरजेडी ने इस सीट पर निर्मल कुमार सिंह को मैदान में उतारा था, जिन्हें केवल 547 वोट ही मिल सके। आप के खाते में 9 सीटें, बस रोहिणी सीट भाजपा के पास नार्थ-वेस्ट की दस में से 9 सीटों पर दूसरी बार कब्जा कर लिया है। इनमें से केवल रोहिणी की सीट पर बीजेपी के प्रत्याशी विजेंद्र गुप्ता विजयी रहे। 2015 में भी बीजेपी ने रोहिणी की यह सीट जीती थी। आप ने प्रत्याशी बदलकर सीट पर कब्जा करने की कोशिश की थी, जीतने में सफल नहीं हो सका। आप पार्टी ने इन दस सीटों पर जीत सुनिश्चित करने के लिए बवाना, मुंडका, सुलतानपुर माजरा, और रोहिणी से अपने 4 नए प्रत्याशियों पर भरोसा जताया था। लेकिन रोहणी सीट के राजेश नामा बंसीवाल को छोड़कर सभी ने जीत हासिल की। एक अन्य महत्वपूर्ण सीट मंगोलपुरी की है, जहां से दूसरी बार राखी बिडलान ने जीत हासिल की है। राखी पिछली विधानसभा में डिप्टी स्पीकर रही थीं। 2020 में आम आदमी पार्टी को नार्थ वेस्ट की इन नौ सीटों पर कुल 788,316 वोट मिले है, जबकि बीजेपी को 613,936 और कांग्रेस को 78,998 मत मिले है। आम आदमी पार्टी और बीजेपी में वोटों का अंतर केवल 174, 318 का रहा है। जबकि 2015 हुए विधानसभा चुनावों में आप और बीजेपी में यह अंतर 654, 085 था। लोकसभा सीट पर मिले वोट पार्टी 2020 2019 2015 कांग्रेस 78,998 236882 37419 बीजेपी 613,936 848663 1496246 आप 788,316 294766

10 प्रमुख सीटें: नई दिल्ली से मुख्यमंत्री केजरीवाल और पटपड़गंज से उप-मुख्यमंत्री सिसोदिया जीते; आप के बागी भाजपा के कपिल मिश्रा हारे

नई दिल्ली. दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से 10 सीटें ऐसी हैं, जिन पर सबकी नजर है। 2015 में इन 10 में से आम आदमी पार्टी ने 9 सीटें जीती थीं। पटपड़गंज सीट पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और राजेंद्र नगर से राघव चड्ढा को जीत मिली है। नई दिल्ली सीट से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जीत गए हैं। आप से कांग्रेस में आईं अलका लांबा चांदनी चौक सीट हार गई हैं जबकि ओखला सीट से अमानतुल्ला खान जीत गए हैं। नई दिल्ली यहां से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 21967 वोट से जीते। पिछले 22 साल से यहां से जीता विधायक ही दिल्ली का मुख्यमंत्री बन रहा है। 1998 से 2013 तक कांग्रेस की शीला दीक्षित यहां से विधायक और राज्य की सीएम रहीं। 2013 से अरविंद केजरीवाल यहां से जीत रहे हैं। पटपड़गंज यहां से उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को जीत मिली है। सिसोदिया के सामने भाजपा ने रवि नेगी तो कांग्रेस ने लक्ष्मण रावत को उतारा था। 2015 में सिसोदिया ने आप के पूर्व विधायक और भाजपा उम्मीदवार विनोद कुमार बिन्नी को 28 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। राजेंद्र नगर यहां से आप के राघव चड्ढा को जीत मिली। 2015 में राजेंद्र नगर सीट से आप के विजेंद्र गर्ग जीते थे। आप ने 2019 लोकसभा चुनाव के 3 तीन उम्मीदवारों राघव चड्ढा, आतिशी मार्लेना और दिलीप पांडेय को इस बार विधानसभा चुनाव में भी उतारा। कालकाजी से आतिशी मार्लेना 11 हजार और तिमारपुर से दिलीप पांडेय 12 हजार से ज्यादा वोटों से आगे चल रहे हैं। रोहिणी यहां से भाजपा के विजेंद्र गुप्ता जीत गए हैं। 2015 में जब भाजपा को सिर्फ 3 सीटें मिली थीं, इनमें रोहिणी सीट भी थी। गुप्ता 2013 में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़े थे। हालांकि, उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। आप ने 2013 में यहां जीते राजेश बंसीवाला को एक बार फिर मैदान में उतारा है। ओखला यहां से आप के अमानतुल्ला खान जीत गए हैं। ओखला विधानसभा सीट में ही शाहीन बाग इलाका आता है। पूरे चुनाव में भाजपा शाहीन बाग का मुद्दा उठाती रही। इस विधानसभा में 43% मुस्लिम मतदाता हैं। दिल्ली की तीन विधासभा सीटें जहां 40% से ज्यादा मुस्लिम वोटर हैं, उनमें ओखला, सीलमपुर और मटियामहल शामिल हैं। चांदनी चौक यहां कांग्रेस की अलका लांबा हार गईं, उन्हें केवल 3876 वोट मिले। आप उम्मीदवार प्रहलाद सिंह साहनी 29,584 वोटों से जीते। 2015 में आप की अलका लांबा ने चार बार के विधायक प्रह्लाद सिंह को हराया था। इस बार अलका, कांग्रेस उम्मीदवार हैं। पिछली बार तीसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के प्रह्लाद सिंह इस बार आप के टिकट पर चुनाव लड़े। मॉडल टाउन यहां से भाजपा के कपिल मिश्रा हार गए। मिश्रा 2015 में करावल नगर से आप के टिकट पर जीते थे। केजरीवाल सरकार में मंत्री रहे। विवादित तरीके से कैबिनेट से बाहर किए जाने के बाद आप विधायक रहते हुए लगातार अपनी सरकार पर हमलावर रहे। बल्लीमारान कांग्रेस के हारून यूसुफ हार गए। उन्हें आप के इमरान हुसैन ने हराया। यूसुफ 1993 से 2013 तक लगातार 5 बार यहां से विधायक रहे। शीला दीक्षित सरकार में मंत्री रहे। 2015 में भी उन्हें आप के इमरान ने हराया था। द्वारका द्वारका से लाल बहादुर शास्त्री के पोते आदर्श शास्त्री हारे। इस सीट से आप के विनय मिश्रा ने 14387 वोटों से जीत दर्ज की। आदर्श 2015 में आप के टिकट पर यहां से जीते थे। उन्होंने चार बार के विधायक कांग्रेस के महाबल मिश्रा को हराया था। भाजपा ने एक बार फिर द्वारका से दो बार विधायक रहे प्रद्युम्न राजपूत को उतारा था। गांधी नगर यहां से कांग्रेस के अरविंदर सिंह लवली हार गए। वे शीला दीक्षित सरकार में मंत्री रहे थे। यहां से चार बार विधायक रहे लवली 2017 में भाजपा में चले गए थे। 2018 में उनकी कांग्रेस में दोबारा वापसी हुई। 2015 में उन्हें आप के अनिल कुमार वाजपेयी ने हराया था। यहां से भाजपा के अनिल कुमार वाजपेई ने 6079 वोटों से जीत दर्ज की। लवली को 21818 वोट

मनीष सिसोदिया ने लगाई जीत की हैट्रिक, पत्रकार से दिल्ली के डिप्टी सीएम तक का सफर तय किया

नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पटपड़गंज सीट से जीत की हैट्रिक लगाई है। उन्होंने कड़े मुकाबले में भाजपा उम्मीदवार रविंद्र सिंह नेगी को 3207 वोटों से हराया। मनीष सिसोदिया को 69974 वोट मिले, जबकि दूसरे नंबर पर रहे नेगी ने 66703 वोट हासिल किए। तीसरे नंबर पर कांग्रेस प्रत्याशी लक्ष्मण रावत रहे हैं। उन्हें 2767 वोट मिले हैं। इस विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने शिक्षा को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया और मनीष सिसोदिया की पहचान दिल्ली में इसकी दिशा और दशा को बदलने की रही है। जीत के बाद सिसोदिया ने कहा, मैं फिर से पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक बनकर खुश हूं। भाजपा ने नफरत की राजनीति करने की कोशिश की, लेकिन दिल्ली के लोगों ने ऐसी सरकार चुनी जो लोगों के लिए काम करती है। Aam Aadmi Partys Manish Sisodia: I am happy to become the MLA from Patparganj assembly constituency again. BJP tried to do politics of hate but people of Delhi chose a government that works for the people. #DelhiElectionResults pic.twitter.com/sQ5UZLHHNA — ANI (@ANI) February 11, 2020 पत्रकार से डिप्टी सीएम तक का सफर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सबसे करीबी और सरकार में नंबर दो की हैसियत रखने वाले 48 वर्षीय मनीष सिसोदिया ने पत्रकार से लेकर दिल्ली के डिप्टी सीएम तक का सफर तय किया। 2015 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप को ऐतिहासिक जीत मिली। यहां से शिक्षा मंत्री के तौर पर सिसोदिया ने अपनी एक अलग पहचान बनाई। दिल्ली के सरकारी स्कूलों के हालात सुधारने और शिक्षा का स्तर उठाने के लिए उनको जाना जाता है। इसी के चलते उन्हें राष्ट्रपति के हाथों साल 2019 का चैंपियंस ऑफ चेंज अवार्ड भी मिला था। न्यूज रीडर, डॉक्यूमेंट्री मेकर और एक्टिविस्ट मनीष सिसोदिया ने भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई के बाद कॅरियर की शुरुआत डॉक्युमेंटरी मेकर और न्यूज रीडर के तौर पर की थी। पत्रकार के तौर पर साल 1997 से 2005 तक न्यूज चैनल्स और ऑल इंडिया रेडियो में भी काम किया। ऑल इंडियो रेडियो के लोकप्रिय कार्यक्रम जीरो आवर को होस्ट किया करते थे। एनजीओ का गठन किया और पहली बार केजरीवाल के साथ जुड़े इसके बाद 2006 में सिसोदिया ने एक एनजीओ पब्लिक कॉज़ रिसर्च फाउंडेशन की शुरुआत की। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी इस संस्था के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। आने वाले सालों में एक अन्य मीडिया संस्थान के साथ मिलकर ये एनजीओ कई ऐसे लोगों को सामने लेकर आया जो राइट टू इंफॉर्मेशन की दिशा में अहम काम कर रहे थे। अन्ना के आंदोलन से जुड़े और फिर हुआ आप का गठन मनीष सिसोदिया सबसे पहले 2011 में तब लाइम लाइट में आए जब भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे के आंदोलन से जुड़े। इसके बाद अरविंद केजरीवाल के साथ मिलकर आम आदमी पार्टी का गठन किया। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में हैप्पीनेस और एंटरप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम की शुरुआत की। शिक्षा के अलावा वित्त, टूरिज्म, महिला और बाल विकास जैसे अहम विभाग संभालते सिसोदिया ने पिछले वित्त वर्ष के बजट में कई खास चीजें रखीं और इसे नाम दिया ग्रीन बजट। विवादों से भी जुड़ा रहा नाता कुछ विवादों में भी उनका नाम आया। हाल ही में एक घूसकांड में सीबीआई ने दिल्ली सरकार के जिस अधिकारी को पकड़ा, वो डिप्टी सीएम सिसोदिया का ओएसडी है। इस कार्रवाई पर अधिकारी का किसी तरह बचाव न करते हुए सिसोदिया ने घूसखोर अधिकारी पर सख्त एक्शन की बात की। जामिया विश्वविद्यालय में हुई हिंसा के दौरान फेक न्यूज शेयर करने के आरोप में सिसोदिया पर दिल्ली की एक अदालत में आपराधिक शिकायत दर्ज की गई