Hindi News »National »Latest News »National» Padmavati Controversy Censor Board Says Change The Name Of Film News And Updates

पद्मावती का नाम बदलकर हो सकता है पद्मावत, फिल्म को सेंसर बोर्ड देगा U/A सर्टिफिकेट

करणी सेना समेत कई हिंदू संगठनों ने फिल्म में इतिहास से छेड़छाड़ की बात कही थी।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Dec 30, 2017, 02:18 PM IST

मुंबई. सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC- सेंसर बोर्ड) ने पद्मावती को U/A सर्टिफिकेट देने का फैसला किया है। साथ ही फिल्म कुछ जरूरी बदलाव करने के कहा है। सेंसर बोर्ड ने फिल्म का नाम पद्मावत करने का सुझाव दिया है। मीडिया रिपोर्ट के हवाले से न्यूज एजेंसी ने कहा है कि पद्मावती में 26 कट लगाए जाएंगे। वहीं राजपूत करणी सेना अभी भी अपने तेवर नहीं बदले। उन्होंने कहा है कि अगर किसी भी थिएटर में फिल्म लगी तो तोड़फोड़ करेंगे। इसको लेकर 28 दिसंबर को सेंसर बोर्ड ने पद्मावती का रिव्यू किया था। फिल्म में जरूरी बदलाव करने के लिए एक्सपर्ट्स का एक पैनल भी बनाया गया था। बता दें कि फिल्म को 1 दिसंबर को रिलीज किया जाना था। लेकिन विवादों में आने के चलते रिलीज टाल दी गई थी।

फिल्म में अब तक क्या हुआ?

कब हुई थी सेंसर बोर्ड की मीटिंग और क्या तय हुआ?
28 दिसंबर। तय हुआ कि कुछ बदलावों के साथ फिल्म को U/A सर्टिफिकेट दिया जाएगा। जहां से कहानी ली गई है, उसके आधार पर फिल्म का नाम भी बदला जा सकता है।


बोर्ड ने क्या सुझाव दिया?
- फिल्म में सुझावों के साथ बाकायदा डिस्क्लेमर लगाना होगा।
- सती प्रथा को बढ़ा-चढ़ाकर नहीं दिखाया जाएगा। फिल्म में दिखाए घूमर नृत्य में भी बदलाव होंगे।

क्या संजय लीला भंसाली को भी पक्ष रखने के मौका मिला?
- भंसाली पार्लियामेंट्री पैनल के सामने पेश हुए थे। उन्होंने कहा था कि फिल्म में 150 करोड़ रुपए लगे हैं। उनकी फिल्म 1540 में लिेखे गए ग्रंथ पद्मावत पर आधारित है।
- भंसाली प्रोडक्शन ने सेंसर बोर्ड को लेटर लिखा था जिसमें हिस्टॉरियंस और राजपूत कम्युनिटी के लोगों को फिल्म दिखाने की बात कही थी।

सेंसर बोर्ड के स्पेशल पैनल में कौन थे?
उदयपुर के अरविंद सिंह और जयपुर यूनिवर्सिटी के डॉ. चंद्रमणि सिंह और प्रो. केके सिंह।
- पैनल ने कहा कि फिल्म में दिखाई ऐतिहासिक घटनाओं और सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों की प्रामाणिकता तय होनी चाहिए।

बोर्ड का क्या रुख रहा?
- "फिल्म को लेकर फिल्ममेकर्स और सोसाइटी में संतुलित रवैया रखना चाहिए।"
- "फिल्म की पेचीदगी को देखते हुए हमने एक स्पेशल पैनल गठित किया था। पैनल के सुझाव पर ही बोर्ड अंतिम फैसला लेगा।"

फिल्म पद्मावती को लेकर क्या आपत्ति है?

- राजस्थान में करणी सेना, बीजेपी लीडर्स और हिंदूवादी संगठनों ने इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। राजपूत करणी सेना का मानना है कि ​इस फिल्म में पद्मिनी और खिलजी के बीच सीन फिल्माए जाने से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची। फिल्म में रानी पद्मावती को भी घूमर नृत्य करते दिखाया गया है। जबकि राजपूत राजघरानों में रानियां घूमर नहीं करती थीं।

- हालांकि, भंसाली साफ कर चुके हैं कि ड्रीम सीक्वेंस फिल्म में है ही नहीं।

कौन थीं रानी पद्मावती?

पद्मावती चित्तौड़ की महारानी थीं। उन्हें पद्मिनी भी कहा जाता है। वे राजा रतन सिंह की पत्नी थीं। उन्होंने जौहर किया था। उनकी कहानी पर ही संजय लीला भंसाली ने फिल्म बनाई है।

क्या हकीकत में थीं रानी पद्मावती?

वे कोरी कल्पना नहीं थीं। रानी पद्मावती ने 1303 में जौहर किया। मलिक मुहम्मद जायसी ने 1540 में ‘पद्मावत’ लिखी। छिताई चरित, कवि बैन की कथा और गोरा-बादल कविता में भी पद्मावती का जिक्र था।

क्या जायसी ने हकीकत के साथ कल्पना जोड़ी?

इसी पर डिबेट है। कई इतिहासकार कुछ हिस्सों को कल्पना मानते हैं। जायसी ने लिखा कि पद्मावती सुंदर थीं। खिलजी ने उन्हें देखना चाहा। चित्तौड़ पर हमले की धमकी दी। रानी मिलने के लिए राजी नहीं थीं। उन्होंने जौहर कर लिया।

खिलजी हीरो नहीं था

चित्तौड़गढ़ के जौहर स्मृति संस्थान का कहना है- फिल्म में हमलावर अलाउद्दीन खिलजी को नायक बताया है। जबकि राजा रतन सिंह की अहमियत खत्म कर दी है। यही इतिहास से छेड़छाड़ है।

घूमर नृत्य नहीं, सम्मान

फिल्म के एक गाने में घूमर नृत्य दिखाया है। राजपूतों के मुताबिक, घूमर अदब का प्रतीक है। रानी सभी के सामने घूमर कर ही नहीं सकतीं।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From National

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×