--Advertisement--

इस 1 नियम में बैंक कस्टमर को पूरा पैसा देता है रिफंड, जानें अपना अधिकार

आपके बैंक अकाउंट से यदि कोई फ्रॉड हुआ है, जिसमें आपकी गलती नहीं है तो बैंक को पूरा पैसा आपको रिफंड करना होगा।

Danik Bhaskar | Jan 03, 2018, 12:02 AM IST

यूटिलिटी डेस्क। आपके बैंक अकाउंट से यदि कोई फ्रॉड हुआ है, जिसमें आपकी गलती नहीं है तो बैंक को पूरा पैसा आपको रिफंड करना होगा। ऐसे केस में कस्टमर को 3 दिनों के अंदर बैंक को इंफॉर्म करना होता है।

3 दिन में इंफॉर्म नहीं किया तो फिर क्या होगा

3 दिन में इंफॉर्म न करने पर कस्टमर की भी कुछ लाइबिलिटी हो जाती है। बेसिक सेविंग अकाउंट होने पर कस्टमर की मैक्सिमम लाइबिलिटी 5 हजार रुपए की होती है। ओवरड्रॉफ्ट अकाउंट और जिस अकाउंट में एवरेज बैलेंस 25 लाख रुपए साल तक है, उसमें कस्टमर की लाइबिलिटी मैक्सिमम 10 हजार रुपए तक होती है। वहीं जिन अकाउंट्स में क्रेडिट कार्ड लिमिट 5 लाख रुपए तक होती है, उनमें मैक्सिमम लाइबिलिटी 25 हजार रुपए तक होती है।

10 दिनों के अंदर पैसा आना चाहिए
किसी कस्टमर के साथ ऐसी धोखाधड़ी होती है तो कस्टमर के इंफॉर्म करने के 10 दिनों के अंदर बैंक को कस्टमर के अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करना होता है। इसके अलावा जिस केस में कस्टमर की लाइबिलिटी होती है, वहां शिकायत का निराकरण 90 दिनों के अंदर होना जरूरी है।

इस 1 नियम में बैंक कस्टमर को पूरा पैसा देता है रिफंड, देखिए आगे की स्लाइड्स में...