वित्त वर्ष 2018-19 में टैक्स की दरों में हुए 13 बड़े बदलाव, जानें आपके लिए क्या है खास

4 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. हर साल पेश होने वाले बजट पर छोटे-बड़े व्यापारियों और टैक्स अदा करने वाले सरकारी/ गैर सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की नजर होती है। सब जानना चाहते हैं कि उनके लिए इस बार बजट में क्या खास है। इन सब बातों के बीच सबको इंतजार रहता राहत का। इस बार 2018-19 के वित्त वर्ष में टैक्स की दरों में 13 बड़े बदलाव हुए हैं। इस बार सरकार ने मेडिकल पर मिलने वाली 15 हजार रुपए की वार्षिक छूट को घटा कर 5,800 तक कर दिया है। वहीं उच्च शिक्षा पर 3 प्रतिशत और हेल्थ पर 4 प्रतिशत तक उपकर बढ़ा दिया गया है। आइए इसी के साथ 13 बड़े बदलाव पर डालते हैं एक नजर। 


1. इस वित्त वर्ष में करदाताओं को स्टैंडर्ड डिडक्शन के तहत 40 हजार रुपए तक की विशेष छूट मिलेगी। इसका लाभ पेंशनर भी ले सकेंगे। खास बात यह है कि इसके लिए इनकम टैक्स विभाग को कोई प्रूफ नहीं देना पड़ेगा।

2. करदाता परिवहन भत्ते के नाम पर अब 19, 200 रुपए और मेडिकल पर मिलने वाली 15 हजार रुपए तक की छूट का फायदा नहीं उठा सकेंगे। इसे घटाकर अब 5,800 रुपए कर दिया गया है। 

3. वित्त वर्ष 2018-19 में टैक्स की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहीं शिक्षा, उच्च शिक्षा पर 3 प्रतिशत और हेल्थ पर 4 प्रतिशत तक उपकर बढ़ा दिया गया है। 

4. वित्त वर्ष 2018 में पूंजीगत लाभ एक लाख रुपए पर कोई टैक्स नहीं देना होगा, लेकिन म्यूचुअल फंड से होने वाले लाभांश पर 10 प्रतिशत टैक्स देना होगा। 

5. 2018-19 में  म्यूचुअल फंड से जो लाभ होगा उस पर 10 प्रतिशत टैक्स लगेगा, लेकिन निवेशकर्ता के हाथ में मिलने वाली रकम कर मुक्त होगी। 

6. कर अधिनियम की धारा 80टीटीबी के तहत वरिष्ठ नागरिक 50 हजार रुपए से अधिक की आय पर ब्याज के लिए दावेदारी कर सकते हैं। अगर पहले से लाभ ले रहे हैं तो कर अधिनियम की धारा 80टीटीए के तहत इसका लाभ दोबारा नहीं ले सकते हैं। 

7. कर नियम के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए टीडीएस की रकम 10 हजार से 50  हजार ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। यह केवल वरिष्ठ नागरिकों  के लिए ही लागू होगा। 

8. अगर आप साल में एक बार में 1 लाख रुपए का हेल्थ इंश्योरेंस लेते हैं तो नियम us/80D के तहत 20 हजार रुपए छूट का दावा कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि आप पांच साल से यह हेल्थ पॉलिसी ले रहे हों। 

9.  सरकार ने us/80D के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए मेडिकल इंश्योरेंस की प्रीमियम को बढ़ाकर 30 हजार से 50 हजार रुपए कर दिया है। यह रकम भी टैक्स फ्री होगी। 

10. वरिष्ठ नागरिकों का ध्यान रखते हुए सरकार ने खास तरह के उपचार के लिए 1 लाख रुपए की सीमा तय की है। इसके पहले  60 हजार रुपए इसकी सीमा थी और अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए 80 हजार रुपए तक की सीमा थी। 

11. दीर्घावधि तक के पूंजी निवेश पर के लाभ बॉन्ड पर नियम u/s 54EC के तहत कर में छूट का प्रावधान होगा। 

12. सरकार ने दीर्घावधि पूंजी निवेश की अविधि को 3 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दिया है। इसमें निवेशकर्ता को मिलेने वाले ब्याज पर भी कर देना होना। 

13. पेंशन की 40 फीसदी रकम निकालने पर अब तक कर्मचारियों को टैक्स नहीं देना पड़ता था। वित्त वर्ष 2018-19 में भी पेंशन धारकों को इसका लाभ मिलता रहेगा।  

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