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बाजार से 2000 के नोट गायब हो रहे, इसके पीछे साजिश है: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसानों की बात हो तो राजनीति नहीं होनी चाहिए।

Danik Bhaskar | Apr 16, 2018, 09:02 PM IST

- देश में हर महीने कैश डिमांड 20 हजार करोड़ रुपए की होती है
- अप्रैल के शुरुआती 13 दिनों में नकदी की मांग बढ़कर 40 हजार करोड़ रुपए हो गई
- एसबीआई ने कहा- कई राज्यों में किसानों को पेमेंट होने की वजह से आया संकट

भोपाल/लखनऊ/अहमदाबाद/पटना. दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, गुजरात, बिहार, तेलंगाना, झारखंड, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में नकदी का संकट है। एटीएम में कैश नहीं होने की शिकायतें हैं। कुछ शहरों में 2000 के नोटों और बैंक चेस्ट में करंसी की कमी बताई जा रही है। मंगलवार को यह मुद्दा गरमाने पर सरकार को तीन बार सफाई देनी पड़ी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसे अस्थाई किल्लत बताया। वहीं, वित्त मंत्रालय और आर्थिक मामलों के विभाग ने भी अलग से बयान दिए। फिलहाल 500 के नोटों की सप्लाई पांच गुना तक बढ़ाई जा रही है। अगले दो-तीन दिन में हालात सामान्य होने के अासार हैं। इस बीच, राहुल गांधी ने कहा- नोटबंदी का आतंक एक बार फिर छा गया है। बैंकिंग सिस्टम बर्बाद हो गया है।

दिक्कतें पिछले हफ्ते से, शिवराज के बयान से बहस शुरू हुई
- कई राज्यों में कैश की किल्लत की खबरें पिछले हफ्ते से आ रही थीं, लेकिन सोमवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के बयान के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया।
- मध्य प्रदेश के शाजापुर में हुई एक सभा में शिवराज ने कहा, ‘"बाजार से 2000 के नोट गायब हो रहे हैं। ये नोट कहां जा रहे हैं, कौन दबाकर रख रहा है, कौन नकदी की कमी पैदा कर रहा है? यह षड्यंत्र है।’’

राज्यों का हाल : बिहार-झारखंड में क्षमता से 80% नोट कम
1) एटीएम में कैश नहीं
: दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र में एटीएम में कैश नहीं होने की खबरें आईं। गुजरात, आंध्र और तेलंगाना में पिछले हफ्ते से ही एटीएम में कैश की किल्लत है।

2) 2000 के नोटों की किल्लत: सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश में 2000 के नोटों की किल्लत बताई। बिहार में भी कांग्रेस नेता सदानंद सिंह ने 2000 के नोटों की कमी की बात कही। उन्होंने कहा, ‘"बिहार-झारखंड में स्टेट बैंक के 110 करेंसी चेस्ट हैं। इनकी क्षमता 12 हजार करोड़ रुपए की है। लेकिन यहां नकदी की उपलब्धता सिर्फ ढाई हजार करोड़ रुपए ही है। यानी कैपेसिटी से 80% कम नोट हैं।’’

नकदी का संकट बढ़ने की वजह : दोगुना बढ़ी कैश की डिमांड
- वित्त मंत्रालय के मुताबिक, देश में हर महीने कैश डिमांड 19 हजार करोड़ से 20 हजार करोड़ रुपए के आसपास होती है। लेकिन अप्रैल के शुरुआती 13 दिनों में यह डिमांड बढ़कर 40 हजार करोड़ रुपए से 45 हजार करोड़ रुपए के बीच हो गई। मांग में यह अचानक इजाफा आंध्र, तेलंगाना, कर्नाटक, एमपी और बिहार में देखा गया। इसी वजह से एटीएम और बैंकों पर असर पड़ा।

- मंगलवार शाम आरबीआई ने कहा, "देश में करंसी की कोई किल्लत नहीं है। कुछ इलाकों में नकदी की कमी इसलिए आई,क्योंकि वहां एटीएम में लगातार नकदी की भरपाई नहीं हो पा रही थी। आरबीआई के करंसी चेस्ट और वॉल्ट में पर्याप्त नकदी है। चारों नोट प्रेस में नोटों की प्रिंटिंग भी बढ़ा दी गई है।"

कैश डिमांड बढ़ने की वजह एसबीआई चेयरमैन ने बताई
- एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा, ‘"ये नोटबंदी जैसे हालात नहीं हैं। दरअसल, ये हालात भौगोलिक वजहों से बने हैं। कृषि उपज की सरकारी खरीद का सीजन शुरू हो गया है। किसानों को दिया जाने वाला पेमेंट भी बढ़ गया है। इस वजह से मांग बढ़ी है। एक हफ्ते के भीतर हालात सामान्य हो जाएंगे।’’

सरकार की तरफ से आए तीन बयान
1) जेटली ने कहा- ये किल्लत अस्थाई है

- अरुण जेटली ने कहा, ‘"पूरे देश में पर्याप्त करंसी सर्कुलेशन में है। बैंकों में भी पर्याप्त मात्रा में नकदी है। ये अस्थाई कमी है जो कुछ इलाकों में अचानक मांग बढ़ने से बनी है। इसे बहुत जल्द दूर कर लिया जाएगा।’’

2) वित्त मंत्रालय ने कहा- हमारे पास पर्याप्त नकदी
- वित्त मंत्रालय ने कहा, ‘"सरकार आरबीआई के साथ मिलकर कैश डिमांड को पूरा करने के लिए कदम उठा रही है। हमारे पास 100, 200, 500 के नोट पर्याप्त संख्या में हैं।’’

3) आर्थिक मामलों के सचिव ने कहा- पांच गुना बढ़ा देंगे क्षमता
- आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव एससी गर्ग ने कहा, "‘देश में 18 लाख करोड़ रुपए की करंसी सर्कुलेशन में है। अभी भी हम ढाई-तीन लाख करोड़ करंसी स्टॉक में रखते हैं। ये देश में नकदी की किसी भी समस्या का सामना करने के लिए पर्याप्त है। जहां से जैसी मांग आई, वहां वैसी ही आपूर्ति की गई।’’
- ‘‘हमने करंसी प्रिंटिंग का काम भी बढ़ा दिया है। 15 दिन पहले तक हम 500 करोड़ रुपए मूल्य के 500 के नोट प्रिंट कर रहे थे। अब जल्द ही हम 2500 करोड़ रुपए मूल्य के 500 के नोट एक दिन में प्रिंट करेंगे। इस हिसाब से हम एक महीने में 500 के 70 से 75 हजार करोड़ रुपए के नोट छापेंगे।’’

नोटबंदी के पहले जितनी करंसी थी, उससे ज्यादा अभी चलन में

साल चलन में मौजूद नोटों का मूल्य
7 नवंबर 2016 17.97 लाख करोड़ रुपए
6 जनवरी 2017 8.98 लाख करोड़ रुपए
6 अप्रैल 2018 18.17 लाख करोड़ रुपए

राहुल ने कहा- मोदीजी ने बैंकिंग सिस्टम बर्बाद कर दिया
- अमेठी में माैजूद राहुल गांधी ने कहा, ‘"मोदीजी ने बैंकिंग सिस्टम को बर्बाद कर दिया। नीरव मोदी 30 हजार करोड़ लेकर भाग गया, लेकिन मोदी ने इस पर एक शब्द नहीं कहा। मोदी ने जनता की जेब से 500 और 1000 के नोट निकालकर नीरव मोदी की जेब में डाल दिए। पूरी जनता को लाइन में लगाया। मोदी पार्लियामेंट में खड़े होने से डरते हैं। हमें 15 मिनट का भाषण मिल जाए पार्लियामेंट में प्रधानमंत्री खड़े नहीं हो पाएंगे।’’