• Hindi News
  • National
  • delhi pollution all flights from and to delhi on standby due to low visibility news and updates
--Advertisement--

दिल्ली में फिर पॉल्यूशन: लो विजिबिलिटी के चलते फ्लाइट्स की लैंडिंग-टेकऑफ रोका गया

रविवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक (hazardous) दर्ज किया गया।

Dainik Bhaskar

Dec 31, 2017, 10:05 AM IST
कोहरे के चलते 150 फ्लाइट्स का रूट डायवर्ट कर दिया गया। कोहरे के चलते 150 फ्लाइट्स का रूट डायवर्ट कर दिया गया।

नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र समेत पूरे उत्तर भारत में घना कोहरा है। रविवार को दिल्ली में सीजन का सबसे घना कोहरा दर्ज किया गया और विजिबिलिटी 50 मीटर तक पहुंच गई। इसके चलते 350 से ज्यादा फ्लाइट्स पर असर पड़ा। 270 फ्लाइट्स में देरी हुई, 50 फ्लाइट्स डायवर्ट की गईं और 35 को कैंसल करना पड़ा। रविवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स भी खतरनाक (hazardous) दर्ज किया गया।

25 इंटरनेशनल फ्लाइट्स में देरी

- एयरपोर्ट्स वेबसाइट के हवाले से न्यूज एजेंसी ने बताया कि 17 घरेलू और 8 इंटरनेशनल फ्लाइट्स का रूट डायवर्ट किया गया जबकि 11 इंटरनेशनल फ्लाइट्स डिले की गईं।

- एक इंटरनेशनल और 3 घरेलू समेत 4 फ्लाइट्स कैंसल कर दी गईं।

- दिल्ली और आईजीआई एरिया के भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के डायरेक्टर आरके जेनामणि के मुताबिक, "सुबह साढ़े 5 बजे से रनवे पर विजिबिलिटी महज 50-75 मीटर थी। इस साल ये सबसे खराब अनुभव था।"

- बता दें कि दिल्ली एयरपोर्ट के पास लो विजिबिलिटी में लैंडिंग के लिए एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (CAT IIIB) है। इससे 50 मीटर विजिबिलिटी होने पर भी लैंडिंग हो सकती है। वहीं, टेकऑफ के लिए कम से कम 125 मीटर विजिबिलिटी होना चाहिए।

15 ट्रेनें कैंसल, 57 लेट

- न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक नॉर्दर्न रेलवे के पीआरओ ने बताया कि कोहरे के चलते 15 ट्रेनों के कैंसल कर दिया गया है और 57 ट्रेनें लेट चल रही हैं। जबकि 18 ट्रेनों का शेड्यूल बदला गय है।
- मौसम विभाग ने मैक्सिमम टेम्परेचर 23 डिग्री और मिनिमम टेम्परेचर 7 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया था। साथ ही कहा था कि पूरे दिन घना कोहरा रहेगा।

दिल्ली में दो महीने से खराब हालात

- बीते 2 महीने से दिल्ली में खराब मौसम बना हुआ है। स्मॉग के चलते लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। स्मॉग की वजह दिल्ली से सटे इलाकों में पराली जलाने को जिम्मेदार बताया गया था।
- स्मॉग के चलते नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने निर्माण के काम, दिल्ली में भारी वाहनों के प्रवेश और इंडस्ट्रियल इमिशन पर रोक लगा दी थी।
- उसी दौरान अरविंद केजरीवाल सरकार ने ऑड-ईवन फॉर्मूला लागू करने की बात कही लेकिन महिलाओं और बाइक को इससे बाहर रखने को कहा। हालांकि एनजीटी ने साफ कहा कि अगर ऑड-ईवन लागू होता है तो महिलाओं-बाइक को भी इससे बाहर नहीं रखा जाएगा।

दिल्ली में टोक्यो से भी 100 गुना ज्यादा पॉल्यूशन

- 7 नवंबर दिल्ली के इतिहास का सबसे प्रदूषित दिन रहा। सुबह छह से दोपहर 12 बजे तक पीएम 2.5 का मैक्सिमम लेवल सभी स्टेशनों पर 500 के पार था। मैक्सिमम लेवल 1556 रिकॉर्ड किया गया। स्मॉग बढ़ने की 5 वजहें हैं, जिसमें एग्रीकल्चरल बर्निंग भी शामिल है।
- दिल्ली का पॉल्यूशन दुनिया के सबसे प्रदूषित बड़े शहरों में शामिल लंदन और टोक्यो के सालाना एवरेज लेवल से करीब 100 गुना ज्यादा है। वहीं, पेरिस के पीएम 2.5 लेवल से करीब 85 और बीजिंग से 18 गुना ज्यादा है। लंदन और टोक्यो का औसत पीएम 2.5 लेवल 15, पेरिस का 18 और बीजिंग का 85 है।
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, दुनिया में पिछले 5 साल में एयर पॉल्यूशन का लेवल 13% बढ़ा है। वहीं, चीन ने 5 साल में बीजिंग में एयर पॉल्यूशन का लेवल 5% कम किया है।
- दिल्ली में 5 साल में 13% तक हवा पॉल्यूटेड हुई, बीजिंग में पॉल्यूशन का लेवल 5% बेहतर हुआ।

आगे की स्लाइड्स में पढ़ें: इन 5 वजहों से बढ़ा दिल्ली-एनसीआर का पॉल्यूशन लेवल...

VIDEO: दिल्ली में सीजन का सबसे घना कोहरा, 200 ट्रेन पर असर। VIDEO: दिल्ली में सीजन का सबसे घना कोहरा, 200 ट्रेन पर असर।

इन 5 वजहों से बढ़ा दिल्ली-एनसीआर का पॉल्यूशन लेवल

 

1. एग्रीकल्चरल बर्निंग 
- द एनर्जी रिसोर्सेस एंड इंस्टीट्यूट के एसोसिएट डायरेक्टर सुमित शर्मा ने बताया कि एग्रीकल्चरल बर्निंग पर रोक नहीं लग पा रही है। नवंबर के समय हर साल पंजाब-हरियाणा में क्रॉप बर्निंग देखी जा रही है।

 

ये करना होगा
किसानों को पराली के जलाने के बजाय दूसरा ऑप्शन देना बेहद जरूरी है। कुछ किसानों को सीडर मशीनें भी दी गईं। फसलों के बचे हिस्सों को जलाने की जगह इस मशीन के जरिए उन्हें मिट्टी में घोला जा सकता है। यह मिट्टी के उपजाऊपन को बढ़ाने में भी कारगर साबित होगा।

 

2. जरूरत 10 हजार बसों की, हैं सिर्फ तीन हजार
दिल्ली में 10 हजार से ज्यादा बसों की जरूरत है। लेकिन सरकार के पास सिर्फ 3 हजार बसें ही हैं। इसलिए लोगों का रुझान प्राइवेट वाहनों की ओर बढ़ रहा है।

 

ये करना होगा
दिल्ली सरकार की तरफ से बसों की संख्या को बढ़ाना जरूरी है। दिल्ली के सभी रूटों पर बसों की फ्रीक्वेंसी को भी बढ़ाया जाना बहुत जरूरी है।

 

3. दस साल पुरानी तकनीक से हो रही वाहनों की जांच
ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की तरफ से जो पीयूसी जारी किया जाता है, उसकी तकनीक 10 साल पुरानी है। इस कारण वाहनों को जारी किए गए सर्टिफिकेट के बावजूद भी उनसे प्रदूषण फैल रहा है।

 

रोकथाम का तरीका
तकनीक पुरानी होने की वजह से सबसे पहले नए इंस्पेक्शन एंड मेंटेनेंस सेंटर बड़े स्तर पर बनाने की जरूरत है। इसमें वाहनों की एडवांस्ड टेस्टिंग करते हुए पीयूसी सर्टिफिकेट जारी किए जा सकेंगे। अभी सही तरीके से पॉल्यूशन को मापा नहीं जा रहा है।

 

4. रोड डस्ट और कंस्ट्रक्शन साइटों से निकलता पॉल्यूशन कंट्रोल में नहीं आ रहा
रोड डस्ट और कंस्ट्रक्शन साइटों पर पॉल्यूशन को कंट्रोल करने के लिए वैक्यूम क्लीनिंग मशीनें ज्यादा से ज्यादा खरीदने की जरूरत है। दिल्ली में इन दोनों कारणों से ही 50 प्रतिशत से ज्यादा प्रदूषण का स्तर दर्ज हो रहा है। इसे कंट्रोल करने के सरकार को लॉन्ग टर्म प्लान बनाने की जरूरत है।

 

5. इंडस्ट्रियल पॉल्यूशन एनसीआर की आबोहवा को 35% तक खराब कर रहा है
पर्यावरणविद् विक्रांत तोंगड़ ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में 20 हजार से ज्यादा फैक्ट्रियां चल रही हैं। इससे दिल्ली में 35 फीसदी तक पॉल्यूशन बढ़ रहा है। इमरजेंसी की नौबत आने के बाद ही दिल्ली में इसकी रोकथाम के लिए प्लानिंग की जाती है।

 

हर साल भारत में पॉल्यूशन के चलते 25 लाख लोगों की जान जाती है
- लैंसट के मुताबिक, भारत में हर साल 25 लाख मौतें पॉल्यूशन के चलते होती हैं। दिल्ली में करीब 44 लाख बच्चे स्कूल जाते हैं। इनमें आधे बच्चों को दिल की बीमारी का खतरा है।
- डब्लयूएचओ के मुताबिक, भारत में पिछले 5 साल में 8 गुना बाहरी हवा खराब हुई है।
- एशिया में ईरान के जबोल में पीएम-2.5 का औसत लेवल सबसे ज्यादा 217 है।


पीएम 2.5 बढ़ने से दिल की बीमारी और कैंसर का खतरा
पीएम 2.5 बेहद माइक्रो पार्टिकल्स होते हैं, जो नजर नहीं आते। ये सांस लेते समय फेफड़ों और हृदय की धमनियों में चले जाते हैं। इससे कैंसर और दिल की बीमारियों का खतरा होता है। पीएम 10 धूल के कणों का मिश्रण होता है। ये शरीर में सीधे नहीं पहुंचते।

रविवार सुबह को लो विजिबिलिटी के चलते सभी फ्लाइट्स की लैंडिंग और टेकऑफ रोक दी गई। (फाइल) रविवार सुबह को लो विजिबिलिटी के चलते सभी फ्लाइट्स की लैंडिंग और टेकऑफ रोक दी गई। (फाइल)
दिल्ली में कोहरे के चलते 40 फ्लाइट्स का रूट डायवर्ट करना पड़ा। (फाइल) दिल्ली में कोहरे के चलते 40 फ्लाइट्स का रूट डायवर्ट करना पड़ा। (फाइल)
X
कोहरे के चलते 150 फ्लाइट्स का रूट डायवर्ट कर दिया गया।कोहरे के चलते 150 फ्लाइट्स का रूट डायवर्ट कर दिया गया।
VIDEO: दिल्ली में सीजन का सबसे घना कोहरा, 200 ट्रेन पर असर।VIDEO: दिल्ली में सीजन का सबसे घना कोहरा, 200 ट्रेन पर असर।
रविवार सुबह को लो विजिबिलिटी के चलते सभी फ्लाइट्स की लैंडिंग और टेकऑफ रोक दी गई। (फाइल)रविवार सुबह को लो विजिबिलिटी के चलते सभी फ्लाइट्स की लैंडिंग और टेकऑफ रोक दी गई। (फाइल)
दिल्ली में कोहरे के चलते 40 फ्लाइट्स का रूट डायवर्ट करना पड़ा। (फाइल)दिल्ली में कोहरे के चलते 40 फ्लाइट्स का रूट डायवर्ट करना पड़ा। (फाइल)
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..