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कनाड़ा में भारतीय अफसरों की एंट्री बैन, धार्मिक मामलों में दखल का लगाया आरोप

Dainik Bhaskar

Jan 02, 2018, 04:42 PM IST

कनाडा के ओंटारियो प्रॉविंस के 15 गुरुद्वारा की बैठक एकमत से यह फैसला किया है।

आंकटारियो प्रॉविंस के 15 गुरुद आंकटारियो प्रॉविंस के 15 गुरुद

नई दिल्ली. कनाडा के ओंटारियो प्रॉविंस के गुरुद्वारों में भारतीय अफसरों की एंट्री बैन कर दी गई है। वहां के 15 गुरुद्वारों ने एकजुट होकर यह फैसला किया है। इसमें कहा गया है कि निजी वजहों से आने वाले अफसरों को माथा टेकने और अरदास की इजाजत दी जाएगी। बैन किए गए अफसरों की लिस्ट में भारतीय डिप्लोमैट्स भी शामिल हैं। बता दें कि कनाडा में करीब 4 लाख 67 हजार सिख रहते हैं।

30 दिसंबर को किया गया फैसला

- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय अफसरों के गुरुद्वारों में आने पर रोक लगाने का फैसला 30 दिसंबर को लिया गया था। इसे लेकर टोरंटो के ब्रैम्‍पटन में स्थि‍त जॉट प्रकाश गुरुद्वारे में मीटिंग की गई थी। इसके बाद बयान जारी कर फैसले की जानकारी दी गई थी।

स्टेटमेंट में क्या कहा गया?
- गुरुद्वारों की मीटिंग के बाद जारी स्टेटमेंट में इंडियन एंबेसी और सरकारी अफसरों पर कनाडा में रहने वाले सिखों की जिंदगी में दखल देने की बात कही गई है।
- फैसले में कहा गया कि संगत की सुरक्षा तय करना गुरुद्वारा प्रबंधन समिति की जिम्मेदारी है, जिसके तहत यह फैसला किया गया है।

अफसरों पर क्या लगाया आरोप?
- ओंटारियो खालसा दरबार के प्रेसिडेंट गुरप्रीत सिंह बल के मुताबिक, कम्युनिटी के मामलों में भारत सरकार का दखल काफी बढ़ गया था। इसी वजह से यह फैसला किया गया।
- मीटिंग में खालिस्‍तान समर्थक सुखमिंदर सिंह हंसरा ने भी शिरकत की थी। उनका आरोप है कि कनाडा में इंडियन एंबेसी वीजा जारी करने के अधिकार का इस्‍तेमाल सिखों को प्रभावित करने में करती है।

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