• Home
  • National
  • Civil aviation minister Jayant Sinha urges IITians to develop passenger drones to help decongest cities
--Advertisement--

सड़कों से भीड़ कम करने के लिए पैसेंजर ड्रोन्स बनाएं IIT स्टूडेंट्स, सरकार भी करेगी मदद: जयंत सिन्हा

सिविल एविएशन मिनिस्टर जयंत सिन्हा ने आईआईटी बॉम्बे के टेक-फेस्ट में की स्टूडेंट्स से नई टेक्नोलाॅजी बनाने की अपील।

Danik Bhaskar | Dec 31, 2017, 03:41 PM IST
IIT बॉम्बे के टेक फेस्ट में जयंत सिन्हा ने स्टूडेंट्स से की पैसेंजर ड्रोन्स बनाने की अपील IIT बॉम्बे के टेक फेस्ट में जयंत सिन्हा ने स्टूडेंट्स से की पैसेंजर ड्रोन्स बनाने की अपील

नई दिल्ली/मुंबई. सिविल एविएशन मिनिस्टर ऑफ स्टेट जयंत सिन्हा रविवार को आईआईटी बॉम्बे टेक-फेस्ट में पहुंचे। यहां उन्होंने स्टूडेंट्स से ट्रांसपोर्टेशन की नई टेक्नोलॉजी डेवलप करने अपील की। सिन्हा ने कहा कि पैसेंजर ड्रोन्स जैसे नए साधन सड़कों की भारी भीड़ को कम कर सकते हैं और ऐसी टेक्नोलॉजी बनाने में आईआईटी स्टूडेंट्स अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार भी ड्रोन सेक्टर के तेज और बेहतर डेवलपमेंट के लिए रेग्युलेशन बना रही है।

आसमान में शुरू किया जा सकता है ट्रांसपोर्टेशन
- फेस्ट में ड्रोन टेक्नोलाॅजी पर जोर देते हुए सिन्हा ने कहा कि, ये टेक्नोलाॅजी आज कई जगहों पर इस्तेमाल की जा रही है। मसलन डिलिवरी, सर्विलांस, और मैपिंग के लिए आज दुनियाभर में ड्रोन्स का इस्तेमाल हो रहा है। इसी कड़ी में लोग पैसेंजर ड्रोन्स बनाने के लिए काम कर रहे हैं।”
- ड्रोन्स सेक्टर एक बड़ा मौका है। जमीन पर चलने वाले इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (वाहनों) की तरह ही ड्रोन्स में भी इलेक्ट्रिक मोटर और बैट्री का इस्तेमाल होता है, फर्क सिर्फ इतना ही कि ड्रोन्स आसमान में उड़ते हैं। हमारी सरकार कुछ रेग्युलेशन्स बनाने वाली है जिससे इस टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाया जा सके।”
- सिन्हा ने बताया कि अगर इन ड्रोन्स को अच्छे तरीके से बनाया जाए तो इनका किराया ऑटोरिक्शा की तर्ज पर किया जा सकता है।

फाइनेंसियल टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में है भविष्य
- सिन्हा ने कहा कि ये समय इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी में नए इन्वेंशन्स (खोजों) का है।
- आधार और भीम (‌BHIM) जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए सिन्हा ने कहा “हम ऐसे फाइनेंसियल प्रोडक्ट्स डेवलप कर सकते हैं जिनसे कुछ छोटी-बड़ी कंपनियां बन सकें।”
- भारत के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का मार्केट बनने पर सिन्हा ने कहा “हम टू-व्हीलर्स के सबसे बड़े एक्सपोर्टर हैं। अगर हम इस फील्ड में बढ़ते रहे तो जल्द ही हम ई-कार के भी सबसे बड़े एक्सपोर्टर बन सकते हैं।”

अभी सर्विलांस, डिलीवरी और मैपिंग के लिए इस्तेमाल होते हैं ड्रोन्स। अभी सर्विलांस, डिलीवरी और मैपिंग के लिए इस्तेमाल होते हैं ड्रोन्स।