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राज्यसभा में पहली बार जीरो ऑवर में सभी मुद्दों का हुआ निपटारा, रिकॉर्ड बनने पर वेंकैया खुश

राज्यसभा में पहली बार शून्यकाल (जोरी ऑवर) में सभी लिस्टेड और विशेष मुद्दों का निपटारा हुआ।

Danik Bhaskar | Jan 02, 2018, 07:06 PM IST
सदन की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए सभापति वेंकैया नायडू ने मंत्रियों को जल्दी जवाब देने की सलाह दी थी। -फाइल सदन की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए सभापति वेंकैया नायडू ने मंत्रियों को जल्दी जवाब देने की सलाह दी थी। -फाइल

नई दिल्ली. राज्यसभा में मंगलवार को एक नया रिकॉर्ड बना। अपर हाउस में पहली बार शून्यकाल (जोरी ऑवर) में सभी लिस्टेड और विशेष मुद्दों का निपटारा हुआ। इस पर सभापति वेंकैया नायडू ने खुशी जाहिर की। उन्होंने मेज थपथाते हुए सदन में मौजूद मेंबर्स को बताया कि आज इतिहास बन गया है। जीरो ऑवर में 10 लिस्टेड और एक विशेष मुद्दे पर चर्चा हुई।

वेंकैया बोले- अब सदन का वक्त जाया नहीं होगा

- कार्यवाही शुरू होने पर राज्यसभा की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए सभापति ने सभी मंत्रियों को जीरो ऑवर में उठाए जाने वाले मुद्दों के जल्द जवाब देने जाने की सलाह दी।

- प्रश्नकाल के बाद सभी लिस्टेड और विशेष मुद्दों पर चर्चा खत्म होने पर वेंकैया ने कहा, ''सभी मेंबर्स के सहयोग और मेरे संचालन की बदौलत ये पूरा हो सका। आशा है कि मेंबर्स का सहयोग आगे भी मिलता रहेगा और सदन का वक्त जाया नहीं होगा।''
- बता दें कि विंटर सेशन के दौरान पिछले दो हफ्तों में कई बार अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा को लेकर हंगामे के बाद राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी।

क्या होता है शून्यकाल?

- संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में प्रश्नकाल के ठीक बाद का 1 घंटा जीरो ऑवर होता है। 12 बजे के बाद शुरू होने पर इसे शून्यकाल नाम दिया गया है। इस दौरान वे सभी मुद्दे उठाए जा सकते हैं जिनकी औपचारिक सूचना पहले से न हो।

बुधवार को हंगामे के आसार

- राज्यसभा में बुधवार को ट्रिपल तलाक बिल पेश किया जाना है। इस पर बीजेपी समेत सभी पार्टियों की निगाहें कांग्रेस के रुख पर टिकी हुई हैं। हालांकि, कांग्रेस पहले लोकसभा में बिल का सपोर्ट कर चुकी है, लेकिन वह इसमें कुछ बदलाव चाहती है। संभव है कि कांग्रेस राज्यसभा में इसकी मांग करे।
- दूसरी ओर, लेफ्ट पार्टियां भी बिल में बदलाव चाहती हैं। अब राज्यसभा में विपक्ष के सांसदों की संख्या ज्यादा होने से बिल को हू-ब-हू पास कराने में सरकार के सामने मुश्किल खड़ी हो सकती है। अपोजिशन पार्टियां बिल को पार्लियामेंट्री कमेटी के पास भेजने की बात कह चुकी हैं।

बुधवार को राज्यसभा में ट्रिपल तलाक बिल पेश होना है। इस दौरान कांग्रेस समेत विपक्ष पार्टियां हंगामा कर सकती हैं। -फाइल बुधवार को राज्यसभा में ट्रिपल तलाक बिल पेश होना है। इस दौरान कांग्रेस समेत विपक्ष पार्टियां हंगामा कर सकती हैं। -फाइल