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इलेक्शन कमीशन ने उत्तराखंड के CM त्रिवेंद्र सिंह रावत के एसेट्स को लेकर रिपोर्ट मांगी

फरवरी, 2017 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने कुल एसेट्स 1.15 करोड़ से ज्यादा बताए थे।

Dainik Bhaskar

Dec 31, 2017, 08:32 PM IST
उत्तराखंड के पूर्व बीजेपी कार्यकर्ता ने त्रिवेंद्र रावत के हलफनामे को लेकर ईसी से शिकायत की थी। -फाइल उत्तराखंड के पूर्व बीजेपी कार्यकर्ता ने त्रिवेंद्र रावत के हलफनामे को लेकर ईसी से शिकायत की थी। -फाइल

नई दिल्ली/देहरादून. चुनाव आयोग (EC) ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की संपत्ति (एसेट्स) की जानकारी मांगी है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इलेक्शन कमीशन ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) से कहा है कि रावत के द्वारा चुनावी हलफनामे में बताई अचल संपत्ति का दोबारा वैल्यूएशन कर रिपोर्ट सौंपी जाए। बता दें कि अक्टूबर में त्रिवेंद्र रावत के हलफनामे को लेकर चुनाव आयोग में शिकायत की गई थी। इसमें उन पर गलत जानकारियां देने का आरोप है। फरवरी, 2017 के चुनाव में रावत ने अपने कुल एसेट्स 1.15 करोड़ से ज्यादा बताए थे।

पूर्व बीजेपी कार्यकर्ता ने की थी शिकायत

- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीजेपी के वर्कर रहे रघुनाथ सिंह नेगी ने 30 अक्टूबर को सीएम रावत के हलफनामे पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की थी। नेगी 2010 में गढ़वाल मंडल विकास निगम के वाइस चेयरमैन रह चुके हैं।
- शिकायत में रघुनाथ नेगी का आरोप है कि त्रिवेंद्र रावत ने विधानसभा चुनाव के हलफनामे में अपनी अचल संपत्ति की वैल्यू काफी कम दिखाई। इसमें उन्होंने 9 लाख 56 हजार में तीन मकान खरीदने का जिक्र किया है, जबकि असल में इनकी मार्केट वैल्यू कहीं ज्यादा है।
- रावत पर यह भी आरोप है कि उन्होंने 2017 के विधानसभा और 2014 के उपचुनाव में अपनी उम्र को लेकर भी गलत जानकारी दी थी। दोनों हलफनामों में उम्र 54 साल बताई गई।

कितनी है रावत की संपत्ति?

- कुल संपत्ति: 1,15,83,826 रुपए
- चल: 37,83,826 रुपए
- अचल: 78,00,000 रुपए (इसमें खेती के लिए जमीन, प्लॉट और देहरादून के मकान की जानकारी दी गई)
- पिछले साल चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में रावत ने अपने ऊपर 11,59,238 रुपए कर्ज बताया था।

EC को गलत जानकारी देने पर क्या कार्रवाई होती है?

- अगर कोई कैंडिडेट अपने हलफनामे में चुनाव आयोग को गलत या झूठी जानकारी देता है तो उसके खिलाफ जनप्रतिनिधि कानून 1951 की धारा 125 (A) के तहत कार्रवाई होती है। इसमें 6 महीने की सजा और जुर्माना हो सकता है।

संघ के करीबी हैं त्रिवेंद्र रावत

- उत्तराखंड की 70 सीटों वाली असेंबली में फरवरी, 2017 में हुए इलेक्शन में बीजेपी ने 57 पर जीत दर्ज कर पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई। कांग्रेस को 11 सीट मिलीं।

- बीजेपी लीडरशिप ने मुख्यमंत्री के तौर पर डोईवाला सीट से जीते त्रिवेंद्र रावत के नाम पर मुहर लगाई थी। रावत लंबे वक्त से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं।

चुनाव आयोग ने त्रिवेंद्र रावत के द्वारा हलफनामे की बताई अचल संपत्ति के दोबारा वैल्यूएशन के ऑर्डर दिए हैं। -फाइल चुनाव आयोग ने त्रिवेंद्र रावत के द्वारा हलफनामे की बताई अचल संपत्ति के दोबारा वैल्यूएशन के ऑर्डर दिए हैं। -फाइल
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उत्तराखंड के पूर्व बीजेपी कार्यकर्ता ने त्रिवेंद्र रावत के हलफनामे को लेकर ईसी से शिकायत की थी। -फाइलउत्तराखंड के पूर्व बीजेपी कार्यकर्ता ने त्रिवेंद्र रावत के हलफनामे को लेकर ईसी से शिकायत की थी। -फाइल
चुनाव आयोग ने त्रिवेंद्र रावत के द्वारा हलफनामे की बताई अचल संपत्ति के दोबारा वैल्यूएशन के ऑर्डर दिए हैं। -फाइलचुनाव आयोग ने त्रिवेंद्र रावत के द्वारा हलफनामे की बताई अचल संपत्ति के दोबारा वैल्यूएशन के ऑर्डर दिए हैं। -फाइल
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