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14 चीजें जो इस साल बढ़ाएंगी जीवन का आनंद

2018 में हमारे जीवन को अधिक रोमांचक, सुविधाजनक और सेहतमंद बनाने के लिए कुछ टेक्नोलॉजी और सुविधाएं रही हैं।

Danik Bhaskar | Jan 01, 2018, 08:40 AM IST
30 हजार  एलेक्सा स्किल्स हैं दुनियाभर में, जिन्हें जरूरत के मुताबिक ढाल सकते हैं। भारत में एलेक्सा स्पीकर्स पर 10 हजार काम किए जा सकते हैं, जैसे कैब बुकिंग, खाना ऑर्डर आदि। 30 हजार एलेक्सा स्किल्स हैं दुनियाभर में, जिन्हें जरूरत के मुताबिक ढाल सकते हैं। भारत में एलेक्सा स्पीकर्स पर 10 हजार काम किए जा सकते हैं, जैसे कैब बुकिंग, खाना ऑर्डर आदि।

नई दिल्ली. 2018 में हमारे जीवन को ज्यादा रोमांचक, सुविधाजनक और सेहतमंद बनाने के लिए कुछ नई टेक्नोलॉजी और सुविधाएं आ रही हैं। आप घर की कुछ चीजों को आवाज से नियंत्रित कर सकते हैं। बायोमीट्रिक पहचान का चलन बढ़ जाएगा, रोबोटिक सर्जरी से जटिल आॅपरेशन होने लगेंगे। साथ ही, देश में 100% यूजर्स 4जी डाटा इस्तेमाल करने लगेंगे। जानते हैं, इस साल होने वाले ऐसे ही कुछ बड़े बदलावों के बारे में। ये 14 चीजें बदल देंगी आपकी जिंदगी...

1. एलेक्सा: तकनीक का 30% इस्तेमाल हम बोलकर करेंगे

- एलेक्सा अमेजन का वॉइस असिस्टेंट है। इससे घर को स्मार्ट बना सकते हैं। एमेजन ने भारत में एलेक्सा इनेबल्ड स्पीकर लॉन्च किए हैं।

- इससे कनेक्ट होने वाले बल्ब और प्लग भारत में लॉन्च हो चुके हैं। 2018 में बीपीएल पहला भारतीय ब्रांड बनेगा, जो एलेक्सा से कनेक्ट होने वाले स्मार्ट स्पीकर बनाएगा। इस पर म्यूजिक, अलार्म, टाइमर्स, कैलेंडर चेक आदि काम किए जाते हैं। एलेक्सा की मदद से आप इलेक्ट्रिक अप्लायंसेस चालू-बंद करने से लेकर शॉपिंग तक कर सकते हैं।

- गार्टनर के अनुसार, 2018 में हम जितनी भी तकनीक का इस्तेमाल करते हैं, उनमें से 30 फीसदी इस्तेमाल बोलकर करेंगे। यानी वॉइस कमांड से।

आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, एयरपोर्ट: दस मिनट में होगी जांच, फेस स्कैन भी आया... जैसी बाकी 13 चीजें...

मार्च में बेंगलुरु का केम्पेगोडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट देश का पहला आधार आधारित एंट्री और बायोमीट्रिक बोर्डिंग सिस्टम वाला एयरपोर्ट बन जाएगा। (फाइल) मार्च में बेंगलुरु का केम्पेगोडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट देश का पहला आधार आधारित एंट्री और बायोमीट्रिक बोर्डिंग सिस्टम वाला एयरपोर्ट बन जाएगा। (फाइल)

एयरपोर्ट : दस मिनट में होगी जांच, फेस स्कैन भी आया

 

- 753 रेजोल्यूशन इस साल लागू हो रहा है। इससे यात्रियों को फायदा होगा। एयर ट्रैवल के दौरान आपका लगेज कहां है, यह लगातार बताना जून 2018 से जरूरी हो जाएगा।

- इसी साल मार्च में बेंगलुरु का केम्पेगोडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट देश का पहला आधार आधारित एंट्री और बायोमीट्रिक बोर्डिंग सिस्टम वाला एयरपोर्ट बन जाएगा। इसके बाद एयरपोर्ट में एंट्री के लिए जगह-जगह आईडी कार्ड नहीं, बल्कि सिर्फ मशीन के सामने हाथ दिखाना होगा। अभी कई चेक प्वाइंट पर करीब 25 मिनट का समय व्यर्थ जाता है।

- अब प्रक्रिया 10 मिनट में ही पूरी हो जाएगी। इससे लोगों का समय बचेगा। इधर देश के कई एयरपोर्ट्स पर हैंड बैगेज टैग से निजात पिछले साल मिल गई है। उधर, अमेरिका के कुछ शहरों में सुरक्षा जांच को फेस स्कैन और वीजा स्कैन के जरिए आसान बना दिया गया है। 

2020 तक सालााना 20,000 से ज्यादा राेबोटिक सर्जरी होने लगेंगी। (फाइल) 2020 तक सालााना 20,000 से ज्यादा राेबोटिक सर्जरी होने लगेंगी। (फाइल)

रोबोटिक सर्जरी : दूसरा बड़ा केंद्र बनने की ओर बढ़ेगा भारत

 

- 2020 तक सालााना 20,000 से ज्यादा राेबोटिक सर्जरी होने लगेंगी। भारत अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा देश बन जाएगा, जहां सबसे ज्यादा रोबोटिक सर्जरी होने लगेंगी। 

- इस समय देश में 50 सर्जिकल रोबोट्स हैं। इसी के साथ 300 ऐसे डॉक्टर्स हैं, जो रोबोटिक सर्जरी में पारंगत हैं। हर महीने देश में करीब 700 सर्जरी रोबोट्स से हो रही हैं। हमारे यहां रोबोटिक सर्जरी को आगे बढ़ा रहे वात्तीकुती फाउंडेशन के अनुसार 2018 में 100 और डॉक्टर्स को इस सर्जरी में ट्रेंड किया जाएगा।

- अब तक उसने 360 सर्जन को इसका प्रशिक्षण दिया है। अगले दो-तीन वर्षों में देश में रोबाेटिक सर्जरी करने वाले डॉक्टर्स की संख्या 600 तक ले जाने की कोशिश की जा रही है।

- देश के टियर टू शहरों जैसे कोयंबटूर, नागपुर, मनाली, इंदौर में भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिलने लगेगी। 

 

एडिबल हेल्थ रोबोट दवा की तरह होते हैं। आर्टरीज ब्लॉक हो जाए, तो ये नैनो रोबोट आपके गले से शरीर में जाते हैं और जमा प्लैक को खत्म करते हैं। (फाइल) एडिबल हेल्थ रोबोट दवा की तरह होते हैं। आर्टरीज ब्लॉक हो जाए, तो ये नैनो रोबोट आपके गले से शरीर में जाते हैं और जमा प्लैक को खत्म करते हैं। (फाइल)

दवा की तरह खाए जा सकेंगे रोबोट 

 

- एडिबल हेल्थ रोबोट दवा की तरह होते हैं। आर्टरीज ब्लॉक हो जाए, तो ये नैनो रोबोट आपके गले से शरीर में जाते हैं और जमा प्लैक को खत्म करते हैं।

- ये ब्लड सर्कुलेशन में शामिल हो जाते हैं और खून को जरूरी न्यूट्रिएंट्स भी देते हैं।

- 2017 में वैंकूवर में हुई इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इंटेलिजेंट रोबोट्स एंड सिस्टम में स्विट्जरलैंड के रिसर्चर्स ने इसका प्रोटोटाइप दिखाया था। ये रोबोट इस साल आ सकते हैं।

33% के करीब भारतीय महिलाओं को माइग्रेन की समस्या है। माइग्रेन पीड़ितों में 75% महिलाएं होती हैं। ( सिम्बॉलिक इमेज) 33% के करीब भारतीय महिलाओं को माइग्रेन की समस्या है। माइग्रेन पीड़ितों में 75% महिलाएं होती हैं। ( सिम्बॉलिक इमेज)

माइग्रेन का दर्द उठने से पहले रोक देगी ये दवा
- जिन्हें माइग्रेन की समस्या है, उनके लिए 2018 में सिर दर्द कम करने वाली एक बड़ी खबर आ सकती है। टेवा फार्मास्यूटिकल और एमजेस, नोवार्टिस के साथ मिलकर एक ऐसी ड्रग पर काम कर रही है, जो माइग्रेन का अटैक आने से रोकेगी।

- नवंबर में इसके बेहद सकारात्मक परिणाम मिल चुके हैं। न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में छपे रिसर्च में भी ऐसी ही एक दवा की बात की गई है।

 

20 लाख लोगों को देश में हर साल हार्ट अटैक आता है। शहर में रहने वालों को गांव की तुलना में खतरा तीन गुना ज्यादा है। 20 लाख लोगों को देश में हर साल हार्ट अटैक आता है। शहर में रहने वालों को गांव की तुलना में खतरा तीन गुना ज्यादा है।

कोलेस्ट्रॉल के लिए दुनिया की सबसे दमदार दवा
- दुनिया में सबसे लंबे समय तक चले कार्डियोवेस्क्यूलर क्लिनिकल ट्रायल का परिणाम 2018 में आएगा।

- ओडिसी नाम के इस ट्रायल पर पूरी दुनिया के कॉर्डियोलॉजी विशेषज्ञों की निगाह है। इसमें पीसीएसके 9 नाम के एक नए ड्रग का दिल के मरीजों पर ट्रायल किया जा रहा है। यह एलडीएल या बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को चमत्कारिक रूप से कम कर देता है। यह गंभीर मरीजों पर भी काम करता है।

 

520-520 मीटर की दो टनल हैं। 5.5 मीटर है चौड़ाई। गंगा नदी के नीचे से मेट्रो रेल के आने-जाने के लिए टनल का प्रयोग किया जाएगा। 520-520 मीटर की दो टनल हैं। 5.5 मीटर है चौड़ाई। गंगा नदी के नीचे से मेट्रो रेल के आने-जाने के लिए टनल का प्रयोग किया जाएगा।

- तीन सौ साल पुराने कोलकाता शहर में देश में पहली बार मेट्रो रेल दौड़ी। अब यहीं देश में पहली बार अंडरवॉटर टनल का निर्माण किया जा रहा है। अंडर वॉटर टनल जमीन से 30 मीटर और गंगा के पानी के तल से 13 से 15 मीटर नीचे है।

- यह टनल हावड़ा मैदान से महाकरण तक 16.55 किलोमीटर के मेट्रो कंस्ट्रक्शन कॉरिडोर का हिस्सा है। टनल का काम 66 दिन में अप्रैल 2017 से जुलाई 2017 तक पूरा हुआ।

- सबसे चुनौतीपूर्ण यह था कि टनल बनाने का काम कभी भी बंद नहीं हो सकता, इसलिए यहां 250 मजदूर और 20 इंजीनियर्स ने 24 घंटा लगातार कार्य किया, क्योंकि अगर काम रोकते तो फिर इसमें मिट्‌टी भर जाती।

- पूरे कॉरिडोर का 5.74 किलोमीटर हिस्सा जमीन के ऊपर है और 10.81 अंडर ग्राउंड बन रहा है। कॉरिडोर का पहला चरण जून 2018 में शुरू हो जाएगा। यह सॉल्ट लेक सेक्टर-5 से फूलबागान को आपस में जोड़ेगा। जबकि दूसरा चरण दिसंबर 2020 तक पूरा होगा। इस मेट्रो टनल रास्ते का इस्तेमाल छह लाख लोग रोजाना करेंगे।

39 लाख  टेराबाइट डाटा 4जी इस्तेमाल किया गया जून 2017 में खत्म तिमाही के दौरान। कुल डाटा 42 लाख टीबी इस्तेमाल हुआ था। पिछले वर्ष इसी समय से 500 गुना ज्यादा। 39 लाख टेराबाइट डाटा 4जी इस्तेमाल किया गया जून 2017 में खत्म तिमाही के दौरान। कुल डाटा 42 लाख टीबी इस्तेमाल हुआ था। पिछले वर्ष इसी समय से 500 गुना ज्यादा।

4जी : 100% लोग करेंगे यूज, 53 करोड़ स्मार्टफोन होंगे

 

- 39 लाख  टेराबाइट डाटा 4जी इस्तेमाल किया गया जून 2017 में खत्म तिमाही के दौरान। कुल डाटा 42 लाख टीबी इस्तेमाल हुआ था। पिछले वर्ष इसी समय से 500 गुना ज्यादा।

- ओपन सिग्नल की रिपोर्ट के अनुसार 2018 में देश के सभी स्मार्टफोन यूजर्स पूरी तरह 4जी डाटा इस्तेमाल करने लगेंगे। 2016 में 10 फीसदी बढ़त के साथ 84 फीसदी समय एलटीई सिग्नल मिल जाता है।

- जेनिथ की स्टडी के अनुसार, 2018 में देश में 53 करोड़ स्मार्टफोन होंगे। चीन के पास सर्वाधिक 1.3 अरब होंगे। अमेरिका का तीसरा नंबर होगा। वहां स्मार्टफोन यूजर 22 करोड़ होंगे। 52 देशाें के 66 फीसदी लोगों के पास स्मार्टफोन होंगे। अभी 63 फीसदी लोगों के पास स्मार्टफोन हैं। 31 अक्टूबर 2017 तक देश में वायरलेस और वायरलाइन दोनों मिलाकार 120.17 करोड़ फोन सब्सक्राइबर हैं, जिनमें मोबाइल सब्सक्राइबर की संख्या 117.82 करोड़ है।

आधार कार्ड धारक जो अंगूठा स्कैनर पर लगाएगा, उसी से खाता ऑपरेट हो जाएगा। इसके लिए देश भर  के बैंकों में एंट्री प्वाइंट पर भी बायोमीट्रिक सिस्टम लगेंगे। आधार कार्ड धारक जो अंगूठा स्कैनर पर लगाएगा, उसी से खाता ऑपरेट हो जाएगा। इसके लिए देश भर के बैंकों में एंट्री प्वाइंट पर भी बायोमीट्रिक सिस्टम लगेंगे।

ई-केवाईसी : अंगूठे के निशान से ऑपरेट होगा बैंकों का खाता

 

- नेट बैंकिंग और एटीएम में फ्रॉड रोकने के लिए मार्च 2018 से नया ‘ई-केवाईसी’ सिस्टम शुरू करने की तैयारी है। इससे ग्राहक के खाते को बायोमीट्रिक (अंगूठे के निशान) से ही ऑपरेट किया जा सकेगा। ऐसा होने पर बार-बार सिग्नेचर और तरह-तरह के पासवर्ड डालने की जरूरत नहीं होगी। इससे पासवर्ड हैक या पता कर होने वाले फ्रॉड को रोकने में भी मदद मिलेगी।

- व्यक्ति विशेष का पुराना खाता आधार कार्ड से लिंक हो जाएगा। इसके अलावा नया खाता भी इसी से खुलेगा। वैसे तो पुराने खाते पहले ही आधार से लिंक किए जा रहे हैं, लेकिन ‘ई-केवाईसी’ से बैंकों के सर्वर आधार कार्ड से पूरी तरह जुड़े रहेंगे।

महिला जनप्रतिनिधियों को खास ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे वे गांवों का प्रशासन पेशेवर तरीके से चला सकें। ( सिम्बॉलिक इमेज) महिला जनप्रतिनिधियों को खास ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे वे गांवों का प्रशासन पेशेवर तरीके से चला सकें। ( सिम्बॉलिक इमेज)

महिलाएं : गांव अच्छा हो, इसके लिए मिलेगी ट्रेनिंग

 

- ग्राम पंचायतों की चुनी हुई महिला जनप्रतिनिधियों को खास ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे वे गांवों का प्रशासन पेशेवर तरीके से चला सकें। इसकी शुरुआत नवंबर, 2017 में हुई थी और मार्च, 2018 तक 25 हजार महिलाओं को यह ट्रेनिंग मिल जाएगी।

- देश में पहली बार शुरू किए गए ट्रेनिंग कार्यक्रम के दौरान उन्हें शिक्षा, फाइनेंस और महिलाओं से संबंधित मुद्दों के अलावा हल्की-फुल्की इंजीनियरिंग स्किल्स भी सिखाई जाएगी। साथ में सरकारी नीति और योजनाएं, कानून, सरकारी कामकाज पर नजर रखने के तरीकों आदि के बारे में भी बताया जाएगा।

देश के पहले फ्लाइट स्टिम्यूलेटर की शुरुआत इस साल के अंत में होगी। ( फाइल फोटो) देश के पहले फ्लाइट स्टिम्यूलेटर की शुरुआत इस साल के अंत में होगी। ( फाइल फोटो)

पहली बार देश में एयरबस पायलटों को ट्रेनिंग
- देश के पहले फ्लाइट स्टिम्यूलेटर की शुरुआत इस साल के अंत में होगी। पायलटों और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरों की बढ़ती मांग को देखकर एयरबस ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्‌डे के नजदीक इसको स्थापित करने का फैसला 2017 में लिया था।

- दो फ्लाइट सिम्यूलेटर से शुरुआत होगी। 800 पायलट और 200 इंजीनियरों को हर साल ट्रेनिंग दी जाएगी।

 

रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन यानी आरएफआईडी तकनीक अब जगह बनाने लगी है। ( फाइल फोटो) रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन यानी आरएफआईडी तकनीक अब जगह बनाने लगी है। ( फाइल फोटो)

रेडियो टैग : अब व्हीकल्स काे टोल पर रुकना नहीं होगा

 

- रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन यानी आरएफआईडी तकनीक अब जगह बनाने लगी है। आरएफआईडी टैग दिसंबर से सभी नए वाहनों में लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। टैग में वाहन के बारे में जानकारियां होंगी। बैंक डिटेल और रिचार्ज अमाउंट भी होगा।

- जब वाहन टोल से गुजरेगा तो राशि अकाउंट से कट जाएगी। वाहन को रुकना नहीं पड़ेगा। देश के करीब 370 टोल प्लाजा पर आरएफआडी रीडर लगे हैं, जहां ये उपयोगी होगा।

- 15 लाख वाहनों में टैग लगाने का है लक्ष्य मार्च तक। फिलहाल हाईवे पर चलने वाले 40 लाख वाहनों में से 6.20 लाख वाहनों में टैग लगाया गया है।

सरकार अगले साल तक वह 11 हजार करोड़ रु. खर्च कर 58 नए मेडिकल कॉलेज खोलने जा रही है। सरकार अगले साल तक वह 11 हजार करोड़ रु. खर्च कर 58 नए मेडिकल कॉलेज खोलने जा रही है।

70 मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक्स बनेंगे
- सरकार अगले साल तक 11 हजार करोड़ रुपए खर्च कर 58 नए मेडिकल कॉलेज खोलने जा रही है। 70 मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक्स बनाए जा रहे हैं।

- 2019 में इसका फायदा मिलेगा। वहीं, दूसरी तरफ ग्रेस मार्क्स के विवाद और प्रश्न पत्र में गलतियों के बाद अब 2018 से जी एडवांस्ड केवल ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। 

उर्दू भाषा में भी आएगा पहली बार नीट का पेपर। एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट  ने इसके आदेश सरकार को दिए हैं। (फाइल फोटो) उर्दू भाषा में भी आएगा पहली बार नीट का पेपर। एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने इसके आदेश सरकार को दिए हैं। (फाइल फोटो)

आईआईटी में जुड़ेंगी 1000 नई सीटें

 

-सरकार मेडिकल कॉलेज में सीटें बढ़ाने की कोशिश कर रही है। अगले साल तक वह 11 हजार करोड़ रुपए खर्च कर 58 नए मेडिकल कॉलेज खोलने जा रही है। 2019 में इसका फायदा छात्रों को मिलने लगेगा। 

- मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अनुसार एकेडमिक सेशन 2018 से देशभर के कई आईआईटी संस्थानों में 1000 सीटों का इजाफा किया जाएगा। वर्तमान में  इन संस्थानों में करीब 10500 सीटें हैं। 

आईफोन-एसई का सेकंड जनरेशन फोन लाने जा रहा है। आईफोन-एसई का सेकंड जनरेशन फोन लाने जा रहा है।

बेंगलुरु में बनेगा आईफोन, सस्ता  भी मिलेगा

 

- एप्पल इस साल अपने आईफोन-एसई का सेकंड जनरेशन फोन लाने जा रहा है। यह साल के मध्य तक बाजार में आएगा। खास बात यह है कि ताइवानी कंपनी विस्टर्न इसका प्रोडक्शन बेंगलुरु में करेगी। यानी यह मेड इन इंडिया एप्पल आईफोन होगा। यह फ्यूजन चिपसेट से लैस होगा। यही तकनीक आईफोन 7 में इस्तेमाल की गई है।

- हालांकि, नए आईफोन्स की तुलना में ये काफी सस्ता होगा। शुरुआती कीमत 29 हजार रुपए होगी। वैसे, इसकी स्क्रीन 4 से 4.2 इंच की ही होगी। यह 32 जीबी और 64 जीबी के दो इंटरनल मेमोरी वेरिएंट्स में आएगा।