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क्या BJP नरेश अग्रवाल को पार्टी से बाहर करेगी, समझिए उनकी पार्टी के लिए कितनी वैल्यू है?

विवादित बयान के बाद नरेश अग्रवाल पर एक्शन लेने की मांग हो रही है।

Dainik Bhaskar

Mar 13, 2018, 10:48 AM IST
Will Naresh Agarwal be expelled from BJP?

नेशनल डेस्क. नरेश अग्रवाल को सपा छोड़कर बीजेपी ज्वॉइन किए कुछ ही घंटे बीत थे कि उन्हें पार्टी से निकालने की मांग की जाने लगी। वजह पार्टी बदलना नहीं बल्कि वो बयान है जिसने BJP के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। उन्होंने कहा कि 'फिल्मों में नाचने वाली के सामने सपा ने मेरी हैसियत कम कर दी'। बयान का काफी विरोध हुआ। खुद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, स्मृति ईरानी और रूपा गांगुली ने इस पर नाराजगी जताई। वहीं अखिलेश यादव ने मांग कर दी कि अगर बीजेपी नारी का सम्मान करती है नरेश अग्रवाल पर एक्शन ले। अब फैसला बीजेपी के हाथ में है। लेकिन उससे पहले ये समझना जरूरी है कि अगर बीजेपी नरेश अग्रवाल के खिलाफ कोई कड़ा एक्शन लेती है तो उसे इसकी क्या कीमत चुकानी पड़ सकती है वहीं जानते हैं कि सपा के लिए नरेश अग्रवाल की क्या वैल्यू थी।

पूरा विवादित बयान
बीजेपी ज्वॉइन करने के बाद नरेश अग्रवाल ने बयान दिया कि 'फिल्मों में काम करने वाली से मेरी हैसियत कर दी गई। ये फिल्मों में डांस कर दें, अपना रोल कर दें। उनके नाम पर मेरा टिकट काटा गया। मैंने इसे बहुत उचित नहीं समझा'। बयान में नरेश अग्रवाल का निशाना साफ था। निशाने पर जया बच्चन थीं। जिन्हें समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा के लिए अपना उम्मीदवार बनाया। जो नरेश अग्रवाल की नाराजगी की वजह बना।

बयान पर BJP का विरोध
सुषमा स्वराज-
'श्री नरेश अग्रवाल भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए हैं। उनका स्वागत है। लेकिन जया बच्चन जी के विषय में उनकी टिप्पणी अनुचित एवं अस्वीकार्य है'।
स्मृति ईरानी- 'जब भी महिलाओं के सम्मान को चुनौती दी जाएगी, तब विचारधारा की लड़ाई छोड़ सभी को एकजुट होना चाहिए'।
रूपा गांगुली- 'नरेश अग्रवाल की ऐसी टिप्पणी करना काफी दुखद है। ऐसी बातें स्वीकार्य नहीं किया जाएंगी। ये बीजेपी की लीडरशिप नहीं है। मैं जया दीदी पर गर्व करती हूं'।

अगर BJP लेती है एक्शन तो क्या हो सकता है नुकसान

1980 से लेकर 2012 तक नरेश अग्रवाल हरदोई विधानसभा सीट से सात बार विधायक रहे। सिर्फ 1985 में उनकी हार हुई थी। ऐसे में उनका स्थानीय लोगों में अच्छी पकड़ है। वर्तमान में उनका बेटा नितिन अग्रवाल हरदोई से ही सपा से विधायक है। ऐसे में माना जा रहा है कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी नरेश अग्रवाल को हरदोई से लोकसभा चुनाव में उतार सकती है। जिससे बीजेपी का काफी फायदा पहुंच सकता है।

सपा को क्या नुकसान हुआ?
नरेश अग्रवाल रामगोपाल के सबसे करीबियों में से एक थे। पार्टी की रणनीति बनाने में उनकी अहम भूमिका होती थी। मुलायम और अखिलेश के बीच झगड़े में उन्होंने खुलकर अखिलेश यादव का साथ दिया था। यहीं वजह थी कि उन्हें राज्यसभा सदस्य से लेकर सपा में महासचिव तक का पद मिला था। 2002 का चुनाव उन्होंने सपा के टिकट पर लड़ा और मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में परिवहन मंत्री भी बने।

राज्यसभा चुनाव पर असर
सपा और बसपा ने साथ मिलकर उपचुनाव लड़ा। राजनीतिक जानकार इसे बीजेपी के लिए घातक मान रहे हैं। सपा और बसपा को इसका फायदा राज्यसभा चुनाव में भी मिल सकता है। लेकिन अब राम नरेश के जाने से उनके बेटे नितिन अग्रवाल के वोट पर संशय है कि अब वो अपना वोट सपा को देंगे या फिर बीजेपी को। बता दें कि वो हरदोई से सपा के विधायक हैं।

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