Hindi News »India News »Latest News »National» Delhi Swaroop Nagar Murder Case Of 7 Year Old Boy, Family Unhappy From Delhi Police Investigation | 7 वर्षीय लड़के के दिल्ली स्वरुप नगर हत्या का मामला, दिल्ली पुलिस जांच से परिवार दुखी

दिल्ली में मासूम का मर्डर: 38 दिन में पुलिस ने 50 घरों में तलाशी ली, पर आरोपी के घर नहीं गई

DainikBhaskarf.com | Last Modified - Feb 14, 2018, 12:19 PM IST

स्वरूप नगर में सिविल सर्विसेज की तैयारी करने वाले अवधेश शाक्य ने बच्चे का मर्डर कर बॉडी को 38 दिन सूटकेस में छिपाए रखा।
  • दिल्ली में मासूम का मर्डर: 38 दिन में पुलिस ने 50 घरों में तलाशी ली, पर आरोपी के घर नहीं गई, national news in hindi, national news
    +2और स्लाइड देखें
    दिल्ली में आशीष (7 साल) की को पड़ोसी किराएदार ने जनवरी में अगवा किया था। उसकी हत्या कर दी गई। -फाइल

    नई दिल्ली.नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली के स्वरूप नगर में 7 साल के आशीष को किडनैप करने के बाद हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। बच्चे के घर से 4 मकान छोड़कर 5वें मकान में ही आरोपी अवधेश शाक्य ने 38 दिन तक बॉडी को सूटकेस में छिपाए रखा और पुलिस आंखें बंद कर बैठी रही। जबकि गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में बच्चा आखिरी बार आरोपी के घर के पास दिखाई दिया था। इसके बावजूद पुलिस ने इलाके के 50 से ज्यादा घरों और पानी की टंकियों की तलाशी ली, लेकिन आरोपी के घर नहीं गई। आखिरकार मंगलवार को अवधेश की गिरफ्तारी हुई।

    जांच से निराश फैमिली ने कोर्ट में लगाई थी गुहार

    - आशीष के पेरेंट्स के मुताबिक, उन्होंने पुलिस से अवधेश पर शक जाहिर किया था। मगर आरोपी से न तो पूछताछ की गई और न ही उसके कमरे की तलाशी ली। जांच से निराश होकर उन्होंने कोर्ट में शिकायत की। वारदात के 18 दिन बाद अवधेश काे कोर्ट का नोटिस मिला तो उसने घर आना-जाना बंद कर दिया।

    - डीसीपी असलम खान का कहना है कि पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की थी लेकिन उसके शामिल होने की कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई। इस वजह से अवधेश के घर की तलाशी नहीं ली गई। जहां तक जांच का सवाल है तो पुलिस ने कोई लापरवाही नहीं बरती।

    कब गायब हुआ था बच्चा?

    - स्वरूप नगर के नत्थूपुरा में आशीष (7 साल) की फैमिली रहती है। बच्चा 7 जनवरी को अचानक घर के पास से गायब हो गया था। फैमिली ने पुलिस के पास बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई और किडनैपिंग की आशंका जताई थी।

    - पुलिस के मुताबिक, आरोपी अवधेश ने बच्चे को अगवा करने के बाद गला घोंटकर उसकी हत्या की। बॉडी को पॉलीथीन में पैक कर सूटकेस में बंद कर दिया। इलाके में लगातार पुलिस की तलाशी और सीसीटीवी लगे होने से वह डरा हुआ था। बॉडी को फेंकने के लिए मौका ढूंढ रहा था।

    अवधेश पर शक कैसे हुआ?

    - आरोपी अवधेश चूंकि बच्चे के घर में 8 साल तक किराए पर रहा था, इसलिए फैमिली से उसकी नजदीकियां थीं। शायद इसलिए वारदात के बाद 18 दिन तक वह केस दर्ज कराने से लेकर हर जगह फैमिली के साथ रहा और सबको गुमराह करता रहा।

    - लेकिन एक दिन आशीष के दादा लाल सिंह ने पुलिस को अवधेश पर शक होने की बात बताई। उन्हें आशीष की बड़ी बहन ने बताया था कि घटना वाले दिन अवधेश चाचा ने भाई को साइकिल दिलाने के लिए बुलाया था।

    आरोपी बरगलाता था- एक महिला ने पैसे के लिए बेटे को उठाया है

    - आशीष की मां ने कहा, ''अवधेश हमारा दूर का रिश्तेदार है। उसका घर पर आना-जाना था। यहां तक कि जब आशीष पैदा हुआ था, तब भी डिस्चार्ज के वक्त अवधेश हमारे साथ ही घर आया था। वो हमारे लिए फैमिली मेंबर की तरह था। अंदाजा भी नहीं था कि वो ऐसा कर देगा।''
    - ''बेटे के गायब पर वह रोज घर आने लगा। हर दिन नए-नए ढोंग रचता था। कहता था कि मैं एक तांत्रिक के पास गया। उसने बताया कि आपके पड़ोस में शादी के लिए एक महिला आई है। वह गरीब है और पैसों के लिए उसने बच्चे को उठाया है। एक दिन बोतल में कोई लिक्विड और सामान लाया। कहा कि इसे घर में छिड़को, बच्चा लौट आएगा।''
    - ''आशीष पढ़ाई में तेज था और डॉक्टर बनना चाहता था। 19 दिसंबर को उसका जन्मदिन था। इसके दो दिन पहले उसने पापा से साइकिल की मांग की थी। पापा ने कहा कि आपको डॉक्टर बनना है तो साइकिल नहीं लाऊंगा। इस पर बेटे ने कहा था कि मुझे साइकिल नहीं चाहिए, डॉक्टर बनना है। लेकिन यह बात बड़ी बेटी ने अवधेश को बता दी। अवधेश ने साइकिल का लालच देकर आशीष को घर बुलाया और मार डाला।''

    बदबू दबाने के लिए परफ्यूम छिड़कता, लोग पूछते तो मरे चूहे दिखाता

    - बच्चे की बॉडी की बदबू बाहर ना जाए, इसलिए आरोपी अवधेश कई तरह के परफ्यूम इस्तेमाल करता था। पड़ोसी कभी बदबू की शिकायत करते तो उन्हें गुमराह करने के लिए मरे हुए चूहे दिखा देता था। आरोपी के कमरे से मरे हुए चूहे और परफ्यूम की कई बोतलें मिली हैं।

    UPSC की तैयारी कर रहा है अवधेश

    - आरोपी अवधेश आईएएस की तैयारी कर रहा है। तीन बार एग्जाम भी दे चुका था। दो बार प्री एग्जाम में पास भी हुआ था। वह पड़ोसियों को बताता था कि मैं सीबीआई में हूं और तुम्हारे बच्चों की नौकरी लगवा दूंगा। बच्चे के घर भी उसका आना-जाना था। कहता था कि मैंने 21 लाख की कार बुक कराई है।

  • दिल्ली में मासूम का मर्डर: 38 दिन में पुलिस ने 50 घरों में तलाशी ली, पर आरोपी के घर नहीं गई, national news in hindi, national news
    +2और स्लाइड देखें
    आरोपी अवधेश विक्टिम के घर के पास ही रहता था, उसने यहां 38 दिन तक बच्चे की बॉडी छिपाए रखी।
  • दिल्ली में मासूम का मर्डर: 38 दिन में पुलिस ने 50 घरों में तलाशी ली, पर आरोपी के घर नहीं गई, national news in hindi, national news
    +2और स्लाइड देखें
    आरोपी अवधेश शाक्य को पुलिस ने गिरफ्तार किया। वह दो बार यूपीएससी प्री एग्जाम क्लिकर कर चुका है।
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए India News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Delhi Swaroop Nagar Murder Case Of 7 Year Old Boy, Family Unhappy From Delhi Police Investigation | 7 वर्षीय लड़के के दिल्ली स्वरुप नगर हत्या का मामला, दिल्ली पुलिस जांच से परिवार दुखी
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      More From National

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×