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आधार डाटा के बिक्री की खबरें पूरी तरह झूठ है, ये पूरी तरह सुरक्षित है: राज्यसभा में बोले कानून मंत्री

सरकार ने शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया में आधार डाटा होने का एक भी केस नहीं है।

DainikBhaskar.com| Last Modified - Feb 02, 2018, 05:11 PM IST

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Aadhaar data safe, not being sold: Prasad
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आधार डाटा पूरी तरह सेफ है। - फाइल

नई दिल्ली. सरकार ने शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया में आधार डाटा होने का एक भी केस नहीं है। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, "हाल में आधार डाटा चोरी होने की जो रिपोर्ट्स आई हैं, वे पूरी तरह झूठी हैं। आधार डाटा पूरी तरह सेफ और सिक्योर है।' प्रसाद समाजवादी पार्टी के मेंबर नीरज शेखर ने इस मुद्दे पर सवाल पूछा था। 

 

क्या जवाब दिया कानून मंत्री ने?

- प्रसाद ने कहा, "जिन मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि 500 रुपए में आधार का डाटा बेचा जा रहा है, वो पूरी तरह झूठ है। ये गलत रिपोर्टिंग का मामला है। UIDAI ने राज्य सरकार के अफसरों को सर्च फैसिलिटी दी है, जिसमें किसी शख्स की डेमोग्राफिक इन्फर्मेशन पता लगती है। रिपोर्ट में इसी सुविधा के गलत इस्तेमाल की बात कही गई है। UIDAI ने इस मामले में 4 जनवरी को शिकायत की थी, जिसके आधार पर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आधार और IT एक्ट की कुछ धाराओं में केस दर्ज किया था।"

 

रिपोर्ट में क्या दावा किया गया था?
- द ट्रिब्यून की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि 500 रुपए में एक सेलर ने वॉट्सऐप पर करोड़ों आधार कार्ड की डिटेल का एक्सेस दे दिया। रिपोर्टर ने बताया था कि इस काम के लिए उसने गिरोह चलाने वाले एक एजेंट से कॉन्टैक्ट किया था। उसे पेटीएम से 500 रुपए पेमेंट किए। 10 मिनट के बाद एक शख्स ने उसे एक लॉग-इन आईडी और पासवर्ड दिया, जिससे पोर्टल पर किसी भी आधार नंबर की पूरी जानकारी ली जा सकती थी। इनमें नाम, पता, पोस्टल कोड, फोटो, फोन नंबर और ईमेल शामिल हैं।

 

UIDAI ने क्या एक्शन लिया और क्या कहा?
- UIDAI ने द ट्रिब्यून की वेबसाइट के जर्नलिस्ट के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। UIDAI ने कहा था कि वो FIR दर्ज करवाकर व्हिसलब्लोअर्स या मीडिया को टारगेट नहीं कर ही बल्कि अपना काम कर रही है।
- ये भी कहा था, " हम प्रेस और मीडिया की स्वतंत्रता का सम्मान करते हैं। हालांकि, UIDAI ने FIR डिटेल्स के आधार पर फाइल की है और इसे इस तरह से नहीं देखना चाहिए कि हम आगाह करने वाले और खबर देने वाले को ही निशाना बना रहे हैं।"

 

गिल्ड ने UIDAI के कदम पर क्या कहा?
- गिल्ड ने कहा था कि UIDAI को पहले इस मामले में एक इंटरनल इन्वेस्टिगेशन करवानी चाहिए थी और पूरी जानकारी को पब्लिक के सामने रखनी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय पत्रकार के खिलाफ केस किया गया। 
- गिल्ड ने कहा था, “हम सरकार से मांग करते हैं कि रिपोर्टर के ऊपर से केस वापस लिया जाए।”

Aadhaar data safe, not being sold: Prasad
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि 500 रुपए में एक सेलर ने वॉट्सऐप पर करोड़ों आधार कार्ड की डिटेल का एक्सेस दे दिया। - फाइल
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