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आधार डाटा लीक मामला: पत्रकार पर FIR के लिए एडिटर्स गिल्ड ने की UIDAI की आलोचना

‘द ट्रिब्यून’ में आधार डाटा लीक होने की खबर छापी थी, UIDAI ने इस खबर को झूठ बताते हुए पत्रकार पर FIR दर्ज कराई है।

Dainik Bhaskar

Jan 07, 2018, 10:05 PM IST
UIDAI ने आधार डाटा लीक मामला सामने लाने वाले जर्नलिस्ट पर FIR दर्ज कराई है। UIDAI ने आधार डाटा लीक मामला सामने लाने वाले जर्नलिस्ट पर FIR दर्ज कराई है।

नई दिल्ली. यूनीक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने द ट्रिब्यून की वेबसाइट के जर्नलिस्ट के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। कुछ दिन पहले वेबसाइट पर एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें दावा किया गया था कि महज 500 रुपए में आधार की जानकारी व्हाट्सऐप पर मुहैया कराई जा रही है। FIR दर्ज कराने पर एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने UIDAI की आलोचना की है। गिल्ड ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया और सरकार दखल की मांग की। बता दें कि आधार का डाटा लीक होने की रिपोर्ट को UIDAI ने खारिज कर दिया था।

जर्नलिस्ट के खिलाफ कहा दर्ज हुआ केस?

- UIDAI के डिप्टी डायरेक्टर बीएम पटनायक ने ये मामला दिल्ली क्राइम ब्रांच में दर्ज कराया है। जर्नलिस्ट पर इंडियन पीनल कोड के सेक्शन 419, 420, 469 और 471 के तहत मामला दर्ज कराया है। इसके अलावा इन्फोर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी एक्ट और आधार एक्ट की कुछ सेक्शन्स को भी इसमें जोड़ा गया है।
- पुलिस के मुताबिक, पटनायक ने जर्नलिस्ट पर गलत तरीकों का इस्तेमाल करते हुए व्हाट्सएप पर एक अनजान सेलर से लोगों का डाटा लेने का आरोप लगाया है।

गिल्ड ने स्टेटमेंट में क्या कहा?

- गिल्ड ने स्टेटमेंट जारी कर कहा कि UIDAI को पहले इस मामले में एक इंटरनल इन्वेस्टिगेशन करवानी चाहिए थी और पूरी जानकारी को पब्लिक के सामने रखनी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय पत्रकार के खिलाफ केस किया गया।
- गिल्ड ने इस मामले में सरकार से दखल देने की मांग की। गिल्ड ने स्टेटमेंट में कहा “हम सरकार से मांग करते हैं कि रिपोर्टर के ऊपर से केस वापस लिया जाए।”

अपोजिशन ने क्या कहा?

- कांग्रेस ने कहा कि सरकार और मोदी इस मामले की जांच करने के बजाय मामले में टालमटोल कर रहे हैं और खबर देने वाले को ही निशाना बना रहे हैं।
- कांग्रेस स्पोक्सपर्सन रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "सरकार की इस बददिमाग हरकत की हर किसी को निंदा करनी चाहिए।"

UIDAI ने स्टेटमेंट में क्या कहा?

- UIDAI ने कहा कि वो FIR दर्ज करवाकर व्हिसलब्लोअर्स या मीडिया को टारगेट नहीं कर ही बल्कि अपना काम कर रही है।

- UIDAI ने कहा, " हम प्रेस और मीडिया की स्वतंत्रता का सम्मान करते हैं। हालांकि, UIDAI ने FIR डिटेल्स के आधार पर फाइल की है और इसे इस तरह से नहीं देखना चाहिए कि हम आगाह करने वाले और खबर देने वाले को ही निशाना बना रहे हैं।

रिपोर्ट में क्या दावा किया गया था?

- द ट्रिब्यून की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि 500 रुपए में एक सेलर ने वॉट्सऐप पर करोड़ों आधार कार्ड की डिटेल का एक्सेस दे दिया। रिपोर्टर ने बताया था कि इस काम के लिए उसने गिरोह चलाने वाले एक एजेंट से कॉन्टैक्ट किया था। उसे पेटीएम से 500 रुपए पेमेंट किए। 10 मिनट के बाद एक शख्स ने उसे एक लॉग-इन आईडी और पासवर्ड दिया, जिससे पोर्टल पर किसी भी आधार नंबर की पूरी जानकारी ली जा सकती थी। इनमें नाम, पता, पोस्टल कोड, फोटो, फोन नंबर और ईमेल शामिल हैं।

पत्रकार पर FIR कराने पर UIDAI ने ट्वीट कर सफाई दी। पत्रकार पर FIR कराने पर UIDAI ने ट्वीट कर सफाई दी।
Aadhaar data leak The Tribune Congress Editors guild of India Government
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UIDAI ने आधार डाटा लीक मामला सामने लाने वाले जर्नलिस्ट पर FIR दर्ज कराई है।UIDAI ने आधार डाटा लीक मामला सामने लाने वाले जर्नलिस्ट पर FIR दर्ज कराई है।
पत्रकार पर FIR कराने पर UIDAI ने ट्वीट कर सफाई दी।पत्रकार पर FIR कराने पर UIDAI ने ट्वीट कर सफाई दी।
Aadhaar data leak The Tribune Congress Editors guild of India Government
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