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एक देश-एक पहचान होने में गलत क्या है? आधार मामले पर SC ने बंगाल सरकार से पूछा

Dainik Bhaskar

Feb 08, 2018, 11:46 AM IST

आधार की संवैधानिक वैधता को लेकर सुप्रीम कोर्ट की बेंच सुनवाई कर रही है। इस बेंच में सीजेआई दीपक मिश्रा समेत 5 जज हैं।

आधार की वैलिडिटी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई पिटीशन लगाई गई हैं। -फाइल आधार की वैलिडिटी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई पिटीशन लगाई गई हैं। -फाइल

नई दिल्ली. आधार स्कीम का विरोध कर रही पश्चिम बंगाल सरकार से सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि एक देश-एक पहचान होने में गलत क्या है? ममता बनर्जी सरकार ने आधार स्कीम और इसके लिए 2016 में बनाए कानून का विरोध किया। उसने कहा था कि आधार से एक देश-एक पहचान का संबंध नहीं है। इस पर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की समेत 5 जजों की कॉन्स्टीट्यूशनल बेंच ने बुधवार को कहा कि हम सब इस देश के नागरिक हैं और भारतीयता का किसी खास तरह की पहचान से कोई लेना-देना नहीं है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच आधार वैलेडिटी पर सुनवाई कर रही है। इसी सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने वकील कपिल सिब्बल के जरिए दलीलें पेश कीं।

आधार का भारतीयता से कोई लेना-देना नहीं: सिब्बल

- सिब्बल ने कहा, '‘हम सब गर्व से और भाव से भारतीय हैं, लेकिन आधार में सब कुछ गलत है। इसका भारतीयता की पहचान से कोई लेना-देना नहीं है। हम इस बहस में इसलिए पड़ रहे हैं क्योंकि यह कानूनी की बजाय राजनीतिक ज्यादा है।’'

सिब्बल बोले-आधार एक्ट में कई खामियां

- सिब्बल ने आधार एक्ट को पढ़ते हुए कहा कि यह गलत तरीके से ड्राफ्ट किया गया कानून है। इसमें आधार के अलावा किसी शख्स की पहचान की प्रामाणिकता की कोई गुंजाइश नहीं है।
- उन्होंने कहा कि आधार एक्ट किसी नागरिक की पहचान बताने के लिए कोई और ऑप्शन की गुंजाइश की बात नहीं करता। बैंक कहते हैं कि वे कोई अन्य सूचना या कार्ड नहीं चाहते हैं, सिर्फ आधार संख्या मांगते हैं। UIDAI का दावा है कि यह सेफ है, पर इसका डेटाबेस टूट चुका है, कई जगह डेटा स्टोर है।

डेटाबेस हैक होने का मतलब ये नहीं कि आधार कमजोर है

- इस पर बेंच ने कहा कि सैद्धांतिक रूप से सभी सेंट्रलाइज डेटाबेस हैक किया जा सकता है, लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि यह कमजोर है।
- जस्टिस डी.वाय. चंद्रचूड़ ने कहा कि इसके लिए आपको एक्स्ट्रा देखभाल और सेफ्टी के उपाय करने होंगे। इस पर सिब्बल ने कहा कि मुझे भरोसा होना चाहिए कि मेरे डेटा सेफ है। लेकिन डिजिटल वर्ल्ड में ऐसा भरोसा नहीं दिया जा सकता।

चीफ जस्टिस कर रहे हैं बेंच की अगुआई
- सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली पांच जजों की बेंच आधार की संवैधानिक वैधता (constitutional validity) पर सुनवाई कर रही है। इसमें जस्टिस एके. सीकरी, जस्टिस एएम. खानविलकर, जस्टिस डीवाय. चंद्रचूड़ और जस्टिस अशोक भूषण भी शामिल हैं।
- केंद्र सरकार के इस कदम के खिलाफ कुछ पिटीशंस सुप्रीम कोर्ट में दायर की गईं हैं। सरकार ने 2016 में आधार की संवैधानिक वैधता पर कानून बनाया था।

सुप्रीम कोर्ट की कॉन्स्टीट्यूशनल बेंच आधार की वैलिडिटी पर सुनवाई कर रही हैं। -फाइल सुप्रीम कोर्ट की कॉन्स्टीट्यूशनल बेंच आधार की वैलिडिटी पर सुनवाई कर रही हैं। -फाइल
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आधार की वैलिडिटी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई पिटीशन लगाई गई हैं। -फाइलआधार की वैलिडिटी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई पिटीशन लगाई गई हैं। -फाइल
सुप्रीम कोर्ट की कॉन्स्टीट्यूशनल बेंच आधार की वैलिडिटी पर सुनवाई कर रही हैं। -फाइलसुप्रीम कोर्ट की कॉन्स्टीट्यूशनल बेंच आधार की वैलिडिटी पर सुनवाई कर रही हैं। -फाइल
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