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चीन-पाक कॉरिडोर में अफगानिस्तान भी होगा शामिल, तीनों देश बोले- आतंकियों को पनाह नहीं देंगे

बीजिंग में तीनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में फैसला, सीपीईसी का विरोध करता है भारत।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Dec 27, 2017, 08:17 AM IST

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बीजिंग. चीन दौरे पर बीजिंग पहुंचे अफगानिस्तान के विदेश मंत्री सलाहुद्दीन रब्बानी ने कहा कि उनका देश चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) में शामिल होगा। रब्बानी ने कहा कि अफगानिस्तान बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट में सक्रिय रूप से शामिल होने और चीन से सहयोग बढ़ाने को तैयार है। रब्बानी ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी और पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ से मंगलवार को मुलाकात के बाद यह बात कही। बीजिंग ने पहले ही इस प्रोजेक्ट में अन्य देशों को साझीदार बनने का प्रस्ताव दिया है। भारत सीपीईसी का विरोध कर रहा है, क्योंकि इसके तहत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के बड़े हिस्से में हाईवे और अन्य डेवलपमेंट प्रस्तावित है। भारत का मानना है कि यह भारत के भौगोलिक क्षेत्र में दखल है।

करार: आतंकियों को पनाह नहीं देंगे तीनों देश

- चीन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में इस बात पर सहमति बनी है कि वह आतंकियों को पनाह नहीं देंगे। साथ ही अपने देश से आतंकवादी गतिविधियों की इजाजत देंगे।
- तीनों देशों के विदेश मंत्रियों की मीटिंग में सहमति बनी कि आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। तीनों विदेश मंत्रियों ने सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की।

2442 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का भारत क्यों करता है विरोध?

- चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर 46 बिलियन डॉलर अनुमानित लागत वाला प्रोजेक्ट है। जिसका मकसद दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान से चीन के उत्तर-पश्चिमी स्वायत्त क्षेत्र शिनजियांग तक ग्वादर बंदरगाह, रेलवे और हाईवे के जरिए तेल और गैस का कम समय में डिस्ट्रीब्यूशन करना है।
- इकोनॉमिक कॉरिडोर चीन-पाक संबंधों में अहमियत रखता है। कॉरिडोर ग्वादर बंदरगाह से चीन के काशगर तक लगभग 2442 किलोमीटर लंबा है। यह कॉरिडोर पाक के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के गिलगित-बाल्तिस्तान और बलूचिस्तान होते हुए जाएगा।
- चीन की जिनपिंग सरकार ने 2014 में सीपीईसी की आधिकारिक रूप से घोषणा की थी। इसके जरिए चीन ने पाकिस्तान में विभिन्न विकास कार्यों के लिए करीबन 46 बिलियन डॉलर देने की घोषणा की है।
- प्रोजेक्ट पीओके से होकर गुजरता है, जिसे भारत अपनी सॉवेरीनटी (संप्रभुता) का उल्लंघन मानता है।

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Web Title: chin-paak koridor mein afgaaanistaan bhi hoga shaamil, teenon desh bole- aatnkiyon ko pnaah nahi dengae
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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