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अमनाथ गुफा साइलेंस जोन घोषित, एंट्री प्वाइंट से आगे कोई भी सामान ले जाने पर रोक: NGT के निर्देश

अमरनाथ गुफा को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने बुधवार को साइलेंस जोन घोषित कर दिया।

DainikBhaskar.com| Last Modified - Dec 13, 2017, 10:17 PM IST

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NGT declares Amarnath cave shrine silence zone
अमरनाथ गुफा को NGT ने साइलेंस जोन घोषित किया। - फाइल

नई दिल्ली. अमरनाथ गुफा को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने बुधवार को साइलेंस जोन घोषित कर दिया। इसके साथ ही NGT ने एंट्री प्वाइंट से आगे चढ़ावा ले जाने पर रोक लगा दी। ट्रिब्यूनल के चेयरपर्सन जस्टिस स्वतंत्र कुमार ने कहा कि अमरनाथ श्राइन बोर्ड ये निश्चित करे कि श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए अमरनाथ गुफा में पर्याप्त इन्फ्रास्ट्रक्चर मौजूद रहे ताकि उन्हें अच्छी तरह से दर्शन हों और इस इलाके की इकोलॉजी भी बरकरार रहे। 

 

 

अमरनाथ गुफा को लेकर क्या निर्देश दिए NGT ने?

 

साइलेंस जोन घोषित करने से फायदा
- NGT ने कहा, "अमरनाथ गुफा और आस-पास के इलाके को साइलेंस जोन घोषित करने से फायदा होगा। इससे हिमस्खलन (एवलॉन्च) रोकने में मदद मिलेगी और यहां का पुराने समय का वातावरण भी बरकरार रहेगा।"


सीढ़ियों से आगे नहीं ले जा सकेंगे सामान
- NGT ने कहा, "किसी को भी गुफा तक जाने वाली सीढ़ियों की शुरुआत से आगे किसी भी तरह का चढ़ावा या सामान नहीं ले जाया जा सकेगा।  मोबाइल और पर्सनल सामान भी नहीं ले जाया जाएगा। श्राइन बोर्ड ऐसा इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करे, जिसमें श्रद्धालु अपना सामान रख सकें। सीढ़ियों की शुरुआत से गुफा तक का इलाका साइलेंस जोन होगा।"

 

लोहे की ग्रिल हटाई जाएंगी
- ट्रिब्यूनल ने कहा, "बर्फ के शिवलिंग के आगे से लोहे की ग्रिल हटाई जाए, ताकि श्रद्धालुओं को अच्छी तरह से शिवलिंग के दर्शन हो सकें। पवित्र स्थल के पास किसी भी तरह का ध्वनि प्रदूषण (नॉयज पॉल्यूशन) नहीं होना चाहिए।"

 

तीन हफ्ते में बताएं एक्शन प्लान
- "मिनिस्ट्री ऑफ एन्वॉयरन्मेंट एंड फॉरेस्ट के एडिशनल सेक्रेटरी की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी श्रद्धालुओं को सुविधाएं देने के बारे में एक्शन प्लान बनाए और तीन हफ्तों के भीतर उसे पेश करे। कमेटी सही रास्ता देने और सफाई को दुरुस्त करने पर भी रिपोर्ट दे।"

 

ठीक तरह से दर्शन करना श्रद्धालुओं का हक
- अच्छी व्यवस्थाएं मुहैया ना करने पर NGT ने श्राइन बोर्ड से कहा कि श्रद्धालुओं को गुफा में अच्छी तरह से दर्शन करने का हक है, उन्हें इससे अलग नहीं किया जा सकता है। 
- ट्रिब्यूनल ने 2012 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर बोर्ड से सवाल किया कि इतने सालों में आपने इन निर्देशों पर क्या किया। 

 

किसकी पिटीशन पर दिए गए ये निर्देश?

- एन्वायरन्मेंट एक्टिविस्ट गौरी मुलेखी की पिटीशन पर NGT ने ये निर्देश दिए। मुलेखी ने कहा, "ये प्रोग्रेसिव निर्देश हैं। अमरनाथ गुफा नाजुक इको सिस्टम में है। ट्रिब्यूनल के डायरेक्शन अमरनाथ यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए आसान और सुरक्षित बनाएंगे। इससे श्राइन के क्षरण (डिग्रेडेशन) को रोका जा सकेगा और इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है।"

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शिवलिंग के आगे से लोहे की ग्रिल हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं। - फाइल
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