देश

  • Home
  • National
  • Are you waiting for atom bomb of garbage to explode SC ask states
--Advertisement--

सरकारों को वेस्ट मैनेजमेंट की चिंता नहीं, क्या कूड़े का परमाणु बम फटने का इंतजार कर रहे हैं: SC की फटकार

देशभर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच सुनवाई कर रही है, अगली तारीख 19 मार्च है।

Danik Bhaskar

Mar 07, 2018, 10:07 PM IST
सुप्रीम कोर्ट सॉलिड वेस्ट मैन सुप्रीम कोर्ट सॉलिड वेस्ट मैन

नई दिल्ली. कूड़ा निपटारे के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं करने पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को जिम्मेदार अथॉरिटीज को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा, ''सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (कचरे का स्थायी निपटारा) एक राष्ट्रीय मुद्दा है। राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें इसके लिए बिल्कुल चिंतित नहीं हैं। क्या कूड़े का परमाणु बम फटने का इंतजार है?'' बता दें कि देशभर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच सुनवाई कर रही है, इसके लिए अगली तारीख 19 मार्च तय की गई है।

तीन जजों की बेंच में सुनवाई

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सुनवाई के दौरान जस्टिस मदन बी. लोकुर, जस्टिस कुरियन जोसेफ और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने कहा कि किसी को इस मुद्दे की चिंता नहीं। इसीलिए पूरे देश का कचरा यहां आ सकता है।
- बेंच के सामने एडिशनल सॉलिसीटर जनरल एएनएस नंदकरणी ने केंद्र सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि हमने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर सभी राज्यों से जानकारी मिलने के बाद हलफनामा दाखिल कर दिया है।
- बेंच ने कहा कि किसी राज्य और केंद्र सरकार को चिंता नहीं है। नंदकरणी ने बोले- ''ये बिल्कुल वैसा ही है कि हम कूड़े के परमाणु बम पर बैठे हैं।''

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा- बताएं क्या करें?

- बेंच ने नंदकरणी से पूछा, ''हमें क्या करना चाहिए? कूड़े का बम फटने का इंतजार करें? बताएं केंद्र सरकार इसमें क्या कर सकती है। क्या यह सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए राज्य सरकारों का रवैया होना चाहिए? दिल्ली को छोड़कर किसी राज्या/केंद्र शासित प्रदेश के वकील कोर्ट में मौजूद नहीं हैं।''
- इस पर नंदकरणी ने कहा कि कोर्ट चाहे तो राज्यों में एक जिम्मेदार अफसर तैनात करने का आदेश दे सकती है, जो आगे कोर्ट में आकर अपना पक्ष रखें।

पिछली सुनवाई में केंद्र को लगाई थी फटकार

- नंदकरणी ने कोर्ट को बताया कि राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों, सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और कुछ राज्यों में बनी एडवाइजरी बॉडी से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्र ने हलफनामा दाखिल कर दिया है। कुछ राज्यों में वेस्ट मैनेजमेंट लेकर मीटिंग हो चुकी हैं। जबकि दिल्ली ने सबसे ज्यादा 6 मीटिंग कीं।
- 6 फरवरी को हुई पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार ने वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर अधूरी जानकारियों के साथ 845 पेज का हलफनामा दाखिल किया था। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि क्यों सुप्रीम कोर्ट में कूड़ा जमा किया जा रहा है।

दिसंबर में कोर्ट ने वेस्ट मैनेजमेंट का प्लान मांगा?

- सुप्रीम कोर्ट ने 12 दिसंबर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर पिछले साल केंद्र को निर्देश किया था कि इसके लिए सभी राज्यों के साथ मिलकर एक डिटेल प्लान सौंपा जाए।
- कोर्ट ने यह भी कहा था कि कूड़े की वजह से चिकनगुनिया जैसी मच्छरों से पैदा होने वाली बीमारियां फैलती हैं, जो देशभर में कई लोगों की जान ले लेती है। इसके अलावा 2015 में एक बच्चे को डेंगू होने के बाद उसके पेरेंट्स के सुसाइड करने पर भी कोर्ट संज्ञान ले चुकी है।

Click to listen..