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क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म रोकने के लिए पाकिस्तान पर दबाव डालना जरूरी, आर्मी को हमेशा तैयार रखनी होंगी नई रणनीति: बिपिन रावत

आर्मी डे से एक दिन पहले सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर्मी चीफ ने पाकिस्तान से निपटने के लिए नई प्लानिंग पर दिया जोर।

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2018, 08:37 PM IST
आर्मी चीफ बिपिन रावत ने आर्मी डे से एक दिन पहले सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस अटेंड की।      -फाइल आर्मी चीफ बिपिन रावत ने आर्मी डे से एक दिन पहले सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस अटेंड की। -फाइल

नई दिल्ली. आर्मी चीफ बिपिन रावत ने रविवार को कश्मीर में शांति के लिए राजनीतिक पहल और सैन्य अभियानों को साथ-साथ चलाए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म रोकने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाना जरूरी है। बॉर्डर पर काम करने के लिए सेना की प्लानिंग हमेशा एक जैसी नहीं रह सकती, इसलिए हमें हालात से निपटने के लिए नई रणनीतियां बनानी पड़ेंगी।" जनरल रावत ने ये बयान आर्मी डे से एक दिन पहले दिया।

तालमेल से काम करना होगा

- रावत ने कहा, “राजनैतिक पहल और सैन्य अभियानों को अब साथ चलना होगा। तालमेल के साथ काम करने से ही हम कश्मीर में शांति ला सकते हैं। आर्मी हमेशा एक जैसी स्थिति में नहीं रह सकती, हमें अलग-अलग हालात से निपटने के लिए हमेशा अपनी योजनाओं और रणनीतियों में बदलाव करते रहना होगा।”

- आर्मी चीफ ने कहा, " कश्मीर में कुछ युवा अभी भी आतंकी बन रहे हैं। आर्मी पूरी कोशिश कर रही है कि आतंकी संगठनों पर दबाव बना रहे, ताकि युवाओं को आतंकी बनने से रोका जा सके।"

कश्मीर में अब बेहतर हैं हालात

- न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में रावत ने बताया कि उनके आने के बाद से कश्मीर में स्थितियां काफी हद तक ठीक हुई हैं। उन्होंने कहा, “मैं स्थितियों में एक बड़ा अंतर देख रहा हूं, हालांकि ये समय ओवर-कॉन्फिडेंट होकर ये सोंचने का नहीं है कि सिचुएशन पूरी तरह से हमारे कंट्रोल में है क्योंकि बॉर्डर पर घुसपैठ अभी जारी रहेगी।"

अब नॉर्थ कश्मीर होगा सेना का फोकस

- गौरतलब है कि आर्मी ने ऑपरेशन ऑल-आउट के तहत कश्मीर में सैकड़ों आतंकियों को मार गिराया है। इससे आतंकी घटनाओं में भी काफी कमी आई है। जनरल रावत ने कहा कि नए साल में उनका फोकस साउथ कश्मीर से हटकर नॉर्थ कश्मीर पर रहेगा।

इस साल फायरिंग में कितने जवान शहीद हुए?

- PAK के सीजफायर वॉयलेशन में आर्मी के 6 अफसर और जवान मारे गए हैं। इनमें से 3 जनवरी को बीएसएफ कॉन्स्टेबल आरपी हाजरा शहीद हुए और इसी दिन उनका जन्मदिन था।


सीजफायर वॉयलेशन में 4 गुना इजाफा

- भारतीय सेना को बीते साल सीजफायर वॉयलेशन और टेररिस्ट एक्टिविटीज की वजह से मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।
- आर्मी के स्पोक्सपर्सन कर्नल अमन आनंद ने कहा कि भारत इससे असरदार तरीके से निपट रही है।
- अफसर के मुताबिक, 2017 में पाकिस्तानी सेना ने 860 बार सीजफायर वॉयलेशन किया। 2016 में उसने 221 बार वॉयलेशन किया था।


2017 में कुल 210 आतंकी मारे गए

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सिक्युरिटी फोर्सेस ने जम्मू-कश्मीर में कुल 210 आतंकियों को मार गिराया। इनमें से 72 एलओसी और 148 कश्मीर के अंदरुनी इलाकों में मारे गए।


2017 में भारत के कितने जवान शहीद हुए?

- 2017 में एयरफोर्स के 3 गरुड़ कमांडो समेत भारतीय सेना के कुल 61 जवान शहीद हुए। इनमें से 30 ने आतंकियों से लड़ते हुए शहादत हासिल की। 14 जवान पाकिस्तान के सीजफायर वॉयलेशन और 17 को आतंकी घुसपैठ को नाकाम करते वक्त जान गंवानी पड़ी।


कश्मीर से 91 आतंकी पकड़े गए

- केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने पिछले दिनों लोकसभा में बताया कि इस साल 14 दिसंबर तक जम्मू-कश्मीर में कुल 337 आतंकी घटनाएं हुईं। इनमें कुल 318 लोगों की मौत हुई।
- इस दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना के कुल 75 जवान शहीद हुए, जबकि आतंकी हमले के दौरान 40 आम नागरिकों की भी जान गई। 91 आतंकियों को घाटी से पकड़ा गया।
2017 में एक बार सिक्युरिटी फोर्सेस पर हमला हुआ
- होम मिनिस्ट्री के मुताबिक, इस साल 10 दिसंबर तक सिक्युरिटी फोर्सेस के सिर्फ एक काफिले पर हमला हुआ। दूसरी ओर, 2014 और 2015 में 2-2 जबकि 2016 में 6 बार आतंकियों/माओवादियों ने सिक्युरिटी फोर्सेस को निशाना बनाकर हमले किए थे।

जनरल ने पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाने की बात कही।        -फाइल जनरल ने पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाने की बात कही। -फाइल
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आर्मी चीफ बिपिन रावत ने आर्मी डे से एक दिन पहले सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस अटेंड की।      -फाइलआर्मी चीफ बिपिन रावत ने आर्मी डे से एक दिन पहले सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस अटेंड की। -फाइल
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