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आर्म्ड फोर्सेस का मॉडर्नाइजेशन जरूरी, अगली जंग कठिन हालात में होगी; तैयार रहने की जरूरत: बिपिन रावत

दिल्ली में आर्मी टेक्नोलॉजी सेमिनार में बिपिन रावत ने दिया भारत में हथियार बनाने पर जोर।

Dainik Bhaskar

Jan 08, 2018, 12:20 PM IST
आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने देश में बनीं डिफेंस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर जोर दिया।   -फाइल आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने देश में बनीं डिफेंस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर जोर दिया। -फाइल

नई दिल्ली. आर्मी चीफ बिपिन रावत ने देश में बनीं डिफेंस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर जोर दिया है। दिल्ली में आर्मी टेक्नोलॉजी सेमिनार में रावत ने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत इम्पोर्ट पर निर्भरता कम करे और अगला युद्ध अपने बनाए हथियारों से लड़े। इसके अलावा उन्होंने आर्म्ड फोर्सेज के मॉडर्नाइजेशन पर भी जोर दिया। बता दें कि, भारतीय सेना मॉडर्नाइजेशन के लिए पिछले साल ही एक प्लान फाइनल कर चुकी है। इसके तहत अगले कुछ सालों में सेना के मौजूदा हथियारों को रिप्लेस कर दिया जाएगा।

आर्मी को मॉडर्नाइजेशन की जरूरत

- आर्मी चीफ ने कहा कि आर्म्ड फोर्सेस में मॉडर्नाइजेशन की सख्त जरूरत है। आने वाले वक्त में जंग कठिन हालात और परिस्थितियों में होगी। इसके लिए मुस्तैद रहने की जरूरत है।

देश की टेक्नोलॉजी का होगा इस्तेमाल

- रावत ने हल्के वजन के बुलेटप्रूफ मैटेरियल और फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी को डिफेंस के एरिया में अच्छी प्रगति बताया। उन्होंने कहा “सफर शुरू हो चुका है और अब ये जारी रहना चाहिए। अगर इंडस्ट्री का सपोर्ट मिलता रहा तो हम खुद आगे बढ़कर ये पक्का करेंगे कि उस टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल हो।”

पहले भी डिफेंस मॉडर्नाइजेशन की बात कह चुके हैं रावत

- पिछले साल नवंबर में ‘फ्यूचर आर्म्ड व्हीकल्स इंडिया 2017’ सेमिनार में भी आर्मी चीफ ने सेना की ताकत बढ़ाने के लिए मॉडर्न हथियारों के इस्तेमाल की बात कही थी।
- सेमिनार में रावत ने मॉडर्नाइजेशन के लिए 2025 से 2027 की डेडलाइन रखी थी। उन्होंने इसे डिफेंस के लिए निर्णायक वक्त बताया था।
- आर्मी चीफ पिछले काफी समय से देश में ही डिफेंस टेक्नोलॉजी डेवलप करने पर जोर दे रहे हैं। पिछले साल अक्टूबर में FICCI की एक कॉन्फ्रेंस के दौरान भी रावत ने डोमेस्टिक (घरेलू) डिफेंस इंडस्ट्री बनाने की बात कही थी।
- इस मकसद को पूरा करने के लिए रावत ने सरकार और प्राइवेट सेक्टर के साथ काम करने की बात कही थी।

क्या है आर्मी का मॉडर्नाइजेशन प्लान?

आर्मी ने 40,000 करोड़ रुपए का मेगा प्लान फाइनल किया है। इसके तहत पुराने हथियारों की जगह आर्मी को नए हथियार दिए जाएंगे। मौजूदा समय में देश के पश्चिमी और पूर्वी बॉर्डर पर खतरों को देखते हुए इंडियन आर्मी जल्द से जल्द इन हथियारों को हासिल करना चाहती है। आर्मी को मॉडर्न राइफल, लाइट मशीन गन और कार्बाइन जैसे हथियार मिलेंगे।

दिल्ली में आर्मी टेक्नोलॉजी सेमिनार में बोल रहे थे आर्मी चीफ    -फाइल दिल्ली में आर्मी टेक्नोलॉजी सेमिनार में बोल रहे थे आर्मी चीफ -फाइल
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आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने देश में बनीं डिफेंस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर जोर दिया।   -फाइलआर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने देश में बनीं डिफेंस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर जोर दिया। -फाइल
दिल्ली में आर्मी टेक्नोलॉजी सेमिनार में बोल रहे थे आर्मी चीफ    -फाइलदिल्ली में आर्मी टेक्नोलॉजी सेमिनार में बोल रहे थे आर्मी चीफ -फाइल
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