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आर्मी चीफ से भिड़ने की कोशिश ना करें J&K के एजुकेशन मिनिस्टर: बयानबाजी पर महबूबा के मंत्री को BJP की वॉर्निंग

बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर सरकार में एजुकेशन मिनिस्टर को आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत के खिलाफ बयानबाजी ना करने को कहा है।

Danik Bhaskar | Jan 15, 2018, 08:34 AM IST
रावत ने पिछले हफ्ते कहा था- राज्य में सोशल मीडिया, कुछ मस्जिद और मदरसों के जरिए युवाओं के बीच गलत जानकारियां फैलाने का कैम्पेन चल रहा है। इसका मकसद उन्हें रेडिकलाइज करना है। इसे देखते हुए मदरसों और मस्जिदों पर कुछ कंट्रोल होना चाहिए।- फाइल रावत ने पिछले हफ्ते कहा था- राज्य में सोशल मीडिया, कुछ मस्जिद और मदरसों के जरिए युवाओं के बीच गलत जानकारियां फैलाने का कैम्पेन चल रहा है। इसका मकसद उन्हें रेडिकलाइज करना है। इसे देखते हुए मदरसों और मस्जिदों पर कुछ कंट्रोल होना चाहिए।- फाइल

जम्मू/नई दिल्ली. बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर सरकार में एजुकेशन मिनिस्टर अल्ताफ अहमद बुखारी को आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत के खिलाफ बयानबाजी ना करने की वॉर्निंग दी है। बता दें कि कुछ दिनों पहले जनरल रावत ने राज्य में अलगाववाद रोकने के लिए एजुकेशन सिस्टम सुधारने को कहा था। इसके बाद बुखारी ने रावत पर सख्त बयान दिया था। बुखारी ने कहा था- आर्मी चीफ एक सम्मानीय अफसर हैं। मेरा मानना है कि वे शिक्षाविद् नहीं इसलिए उन्हें शिक्षा पर उपदेश नहीं देना चाहिए। यह राज्य का मामला है। हमें पता है कि यह हमारे एजुकेशन सिस्टम को कैसे चलाना है।


अार्मी चीफ को हालात की जानकारी है

- जम्मू-कश्मीर बीजेपी यूनिट के चीफ स्पोक्सपर्सन ब्रिग्रेडियर अनिल गुप्ता (रिटायर्ड) ने कहा- एजुकेशन मिनिस्टर को सच्चाई कबूल करने की जरूरत है। उन्हें आर्मी चीफ से नहीं भिड़ना चाहिए। बेहतर होगा वो आर्मी चीफ के बयान को पॉजिटिव तरीके से लें, इस पर सियासत ना करें।
- गुप्ता ने आगे कहा- आर्मी चीफ का बयान उनके गहरे अनुभव का नतीजा है। उन्होंने कई लेवल पर स्टूडेंट्स से बातचीत भी की है। लिहाजा, बुखारी या कोई ये दावा नहीं कर सकता कि रावत ने बयान हल्के में दिया।
- बीजेपी स्पोक्सपर्सन ने आगे कहा- सीएम भी राज्य में युवाओं के बीच कट्टरता को लेकर विधानसभा में चिंता जता चुकी हैं। वैसे भी राज्य में अमन कायम करने में सेना का बहुत बड़ा रोल है, इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता। आर्मी चीफ को ये हक है कि वो राज्य के मसलों पर अपनी राय जाहिर करें।

आर्मी चीफ ने क्या कहा था?

- विपिन रावत ने पिछले हफ्ते जम्मू-कश्मीर के एजुकेशन सिस्टम में सुधार करने का सुझाव दिया था।
- उन्होंने कहा था, “राज्य में सोशल मीडिया, कुछ मस्जिद और मदरसों के जरिए युवाओं के बीच गलत जानकारियां फैलाने का कैम्पेन चल रहा है। इसका मकसद उन्हें रेडिकलाइज करना है। इसे देखते हुए मदरसों और मस्जिदों पर कुछ कंट्रोल होना चाहिए। अगर सरकार एजुकेशन सिस्टम में सुधार करेगी तो इस समस्या से निपटा जा सकता है। इसमें बेसिक गड़बड़ियां हैं।”

कश्मीर के स्कूलों में दो नक्शे क्यों?

- आर्मी डे मौके पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनरल विपिन रावत ने कहा था कि युवाओं के रेडिकलाइजेशन को रोकने के लिए गलत जानकारियों को फैलने से रोका जाए। पत्थरबाजी में शामिल रहे काफी युवा स्कूलों से थे। इसलिए एजुकेशन सिस्टम में सुधार की जरूरत है।
- सरकार एजुकेशन सिस्टम में थोड़ा बदलाव करें। अगर आप कश्मीर के किसी भी स्कूल में जाएंगे तो आपको सभी क्लास रूम में दो नक्शे मिलेंगे। एक भारत और दूसरा जम्मू-कश्मीर का। दूसरे मैप की जरूरत क्या है?

बुखारी ने क्या कहा था?

- रावत के बयान के बाद बुखारी ने कहा था,“ यह राज्य का मामला है और हम जानते हैं कि एजुकेशन सिस्टम को कैसे चलाना है? आर्मी चीफ एक सम्मानीय अफसर हैं। मेरा मानना है कि वे शिक्षाविद् नहीं इसलिए उन्हें शिक्षा पर उपदेश नहीं देना चाहिए। यह राज्य का मामला है। हमें पता है कि यह हमारे एजुकेशन सिस्टम को कैसे चलाना है।
- “राज्य में दो नक्शे हैं; जम्मू-कश्मीर और भारत का संविधान। हरेक स्कूल के पास स्टेट मैप है, इसलिए राज्य के बारे में पढ़ाने की जरूरत है।”

रावत के बयान के बाद बुखारी ने कहा था- यह राज्य का मामला है और हम जानते हैं कि एजुकेशन सिस्टम को कैसे चलाना है?- फाइल रावत के बयान के बाद बुखारी ने कहा था- यह राज्य का मामला है और हम जानते हैं कि एजुकेशन सिस्टम को कैसे चलाना है?- फाइल