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राहुल गांधी ने विदेश के एक प्रोग्राम में घृणा और नफरत फैलाने के लिए हमारी सरकार पर आरोप लगाया: बीजेपी

राहुल गांधी ने विदेश के एक प्रोग्राम में घृणा और नफरत फैलाने के लिए हमारी सरकार पर आरोप लगाया: बीजेपी

Danik Bhaskar | Jan 09, 2018, 04:34 PM IST
राहुल गांधी ने NRIs के एक प्रोग्राम में कहा कि छह महीने में वे एक नई कांग्रेस देंगे। राहुल गांधी ने NRIs के एक प्रोग्राम में कहा कि छह महीने में वे एक नई कांग्रेस देंगे।

नई दिल्ली. बहरीन में दी गई राहुल गांधी की स्पीच पर बीजेपी ने पलटवार किया। पार्टी के सीनियर लीडर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उनके (राहुल) पिताजी राजीव गांधी ने 1986 में पाप किया था। जिसकी वजह से शाहबानो को सिर्फ 174 रुपए मिले थे। उन्होंने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के दबाव में सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलट दिया था। जो पार्टी 31 साल बाद भी कट्टरपंथियों से ऊपर नहीं उठ सकती वह हमें बहरीन में उपदेश दे रही है। बता दें कि राहुल ने मंगलवार को बहरीन में कहा था कि केंद्र सरकार युवाओं को रोजगार देने के मुद्दे पर बुरी तरह नाकाम रही है और इसे छुपाने के लिए जाति-मजहब के नाम पर लोगों को बांटा जा रहा है।

'ऐसी बातें अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नहीं कही जातीं'

- रविशंकर प्रसाद ने राहुल की स्पीच पर कहा, "राहुल गांधी ने विदेश के एक प्रोग्राम में घृणा और नफरत फैलाने के लिए हमारी सरकार पर आरोप लगाया। इसके अलावा उन्होंने कई बातें की हैं, जो अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नहीं कही जाती हैं।"

- "मुझे राहुल गांधीजी से एक सवाल पूछना है। तीन तलाक पर आपकी पार्टी ने जो स्टैंड लिया क्या वह प्यार फैलाने वाला स्टैंड था या नफरत फैलाने वाला स्टैंड था।"
- "जो कांग्रेस पार्टी नारी न्याय, नारी गरिमा, नारी सम्मान पर एक स्टैंड नहीं ले सकती। वो विदेश में हमारी सरकार को सिखाने का काम कर रही है।"

'कांग्रेस का डबल स्टैंडर्ड'

- प्रसाद ने आगे कहा, "मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि तीन तलाक पर उनकी पार्टी का लोकसभा में अलग स्टैंड था और राज्यसभा में अलग। क्या यह नफरत की राजनीति नहीं थी।"
- "कांग्रेस के दोहरे मापदंड हैं। वोट बैंक पॉलिटिक्स से प्रभावित शुद्ध रूप से नारी गरिमा के सवाल पर जो पार्टी 31 साल के बाद भी कट्टरपंथियों से ऊपर नहीं निकल सकती वो हमें बहरीन में उपदेश दे रही है। इससे बड़ी विडंबना नहीं हो सकती। बीजेपी राहुल गांधी के इस बयान की निंदा करती है।"

राहुल ने क्या कहा था- देश में गंभीर दिक्कतें

- राहुल ने कहा कि देश में इस वक्त गंभीर दिक्कतें हैं। उन्होंने NRIs से इन दिक्कतों को दूर करने में मदद मांगी। कांग्रेस प्रेसिडेंट ने कहा- गरीबी हटाने और रोजगार देने के बजाए सरकार नफरत और बंटवारे को बढ़ावा दे रही है। मैं ऐसे भारत की कल्पना भी नहीं कर सकता, जहां देश का हर नागरिक खुद को देश का हिस्सा न समझे।

- उन्होंने कहा कि भारत में रोजगार के मौके पिछले 8 सालों के मिनिमम लेवल पर है। सरकार बेरोजगार युवाओं के गुस्से का समाज में नफरत फैलाने में इस्तेमाल कर रही है।

'देश संकट में है, आप मदद कर सकते हैं'

- राहुल ने आगे कहा कि नोटबंदी से देश की इकोनॉमी को बड़ा झटका लगा है। देश में बैंक क्रेडिट ग्रोथ पिछले 63 सालों के मिनिमम लेवल पर है।

- उन्होंने कहा कि देश में आज दलितों को पीटा जा रहा है, पत्रकारों को धमकाया जा रहा है और जजों की रहस्यमयी हालत में मौत हो रही है।

- उन्होंने कहा कि आज मैं आपको यह बताने आया हूं कि भारत इस समय संकट में है और आप देश की मदद कर सकते हैं।

- राहुल ने भरोसा जताया कि 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस बीजेपी को हराने में कामयाब रहेगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी अपने गढ़ गुजरात में ही बहुत मुश्किल से पिछला असेंबली इलेक्शन जीत पाई।

3 प्रॉयोरिटीज क्या?
- राहुल ने अपने विजन का भी जिक्र किया। कहा- हमारी तीन प्रॉयोरिटीज हैं। रोजगार के मौके मुहैया कराना, अच्छी सेहत के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करना और एजुकेशन सिस्टम में सुधार।

कांग्रेस ने अंग्रेजों को हराया था
- राहुल ने कहा- कांग्रेस जानती है कि बीजेपी से कैसे लड़ना है। हमारी पार्टी ने ही अंग्रेजों को हराया था। इसी ने देश को अपने पैरों पर खड़ा किया। हम मानते हैं कि पिछले कुछ वक्त में पार्टी ने गलतियां की हैं। लेकिन, हमारे पास इतनी ताकत है कि हम बीजेपी को 2019 में हरा सकते हैं। हम आपके सामने एक नई कांग्रेस लाएंगे।
- राहुल ने कहा कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर प्रोपेगंडा चलाया जाता है, लेकिन सच सबके सामने आएगा

आगे की स्लाइड में पढ़ें, क्या था शाहबानो का मामला...

Video: राहुल गांधी को बीजेपी ने दिया जवाब... Video: राहुल गांधी को बीजेपी ने दिया जवाब...
क्या था शाहबानो का मामला?

- इंदौर की रहने वाली पांच बच्चों की मां शाहबानो को उसके पति मोहम्मद खान ने 1978 में तलाक दे दिया था। मुस्लिम पारिवारिक कानून के अनुसार, पति पत्नी की मर्ज़ी के खिलाफ़ ऐसा कर सकता है। लेकिन बच्चों और खुद के भरण-पोषण के लिए शाहबानो ने तलाक के खिलाफ आवाज उठाई और हक मांगने अदालत जा पहुचीं। सुप्रीम कोर्ट ने 7 साल तक चले केस के बाद फैसला शाहबानो के पक्ष में सुनाया। कोर्ट ने पति को शाहबानो को भरण-पोषण के लिए भत्ता देने का आदेश दिया।

केस जीतने के बाद भी नहीं मिला हक
शाहबानो के पक्ष में अाए इस फैसले का मुस्लिम समाज ने विरोध शुरू कर दिया। विरोध स्वरूप ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड नाम की एक संस्था बनाई और सरकार को देशभर में उग्र आंदोलन की धमकी दी। इनकी धमकी के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने उनकी मांगें मानते हुए एक साल के भीतर सुप्रीम कोर्ट के धर्मनिरपेक्ष निर्णय को उलटने वाले, मुस्लिम महिला (तालाक अधिकार सरंक्षण) कानून 1986 को पास करा दिया और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलट दिया। इस कानून के बाद शाहबानो को उसका हक नहीं मिल पाया।