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प्रधानमंत्री के लिए श्री का इस्तेमाल नहीं करने पर जवान की सैलरी काटने का फरमान, मोदी ने जताई नाराजगी

मोदी ने नाराजगी जाहिर करते हुए 15वीं बटालियन के अफसरों को जवान की सजा तत्काल वापस लेने का निर्देश दिया है।

Danik Bhaskar

Mar 07, 2018, 07:17 PM IST
नरेंद्र मोदी कई बार सीमा पर तै नरेंद्र मोदी कई बार सीमा पर तै

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए 'असम्मान' जताने पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक जवान को उसके कमांडिंग अफसर (सीओ) ने सजा के तौर पर 7 दिन की सैलरी काटने का फरमान सुनाया। पीएम मोदी को बुधवार को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए 15वीं बटालियन के अफसरों को तत्काल सजा वापस लेने का निर्देश दिया। इस तरह बीएसएफ जवान को राहत मिली। बता दें कि यह बटालियन पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा की निगरानी करती है।

क्या है मामला?

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, बीएसएफ की 15वीं बटालियन के कॉन्स्टेबल संजीव कुमार फिलहाल पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में पोस्टेड हैं। संजीव पर आरोप है कि उन्होंने 21 फरवरी को मॉर्निंग जीरो परेड (इसमें आला अफसरों को अपने ऑफिशियल प्रोग्राम की जानकारी देनी होती है) में श्री या माननीय के बगैर 'मोदी कार्यक्रम' कह दिया था।
- इसके बाद कमांडिंग अफसर अनूप लाल भगत ने कॉन्स्टेबल संजीव के खिलाफ 'प्रधानमंत्री के प्रति असम्मान जताने' के मामले में जांच कराई। इसमें कॉन्स्टेबल को बीएसएफ एक्ट की धारा 40 के तहत अनुशासन तोड़ने का दोषी माना और एक हफ्ते की सैलरी काटने की सजा दी गई।

सीओ के फैसले से मोदी नाखुश

- बीएसएफ स्पोक्सपर्सन ने कहा, ''जवान के खिलाफ हुई कार्रवाई से प्रधानमंत्री नाखुश हैं और उन्होंने फौरन सजा को वापस लेने की बात कही है। हमने इस ऑर्डर को रद्द कर दिया, साथ ही सूझबूझ से मामले को नहीं निपटाने पर अफसर को आगाह भी किया है।''

सैलरी काटना न्यायिक फैसला नहीं: बीएसएफ अफसर

- एक सीनियर अफसर ने कहा कि बीएसएफ के सभी आला अफसर को आगाह किया गया है कि वो अपने शब्दों और भावानाओं के जरिए जवानों के बीच बेहतर लीडरशिप साबित करें। सभी सैनिक चाहे वो महिला हों या पुरुष, काफी मुश्किल हालात में ड्यूटी करते हैं। कमांडर फोर्स में अनुशासन बनाएं रखें, लेकिन इस तरह की सजा (सैलरी काटना) देना न्यायिक फैसला नहीं होता है।

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