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हमें टैक्सपेयर्स पर पूरा भरोसा, रिटर्न फाइलिंग में मामूली अंतर होने पर नहीं भेजा जाएगा नोटिस: CBDT

फाइनेंशियल बिल में मध्यम और नौकरीपेशा वर्ग को राहत देने के लिए ये कदम उठाया गया है।

Dainik Bhaskar

Feb 06, 2018, 07:05 PM IST
इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में अगर डाटा में मामूली अंतर आता है तो टैक्सपेयर को नोटिस नहीं भेजा जाएगा। -फाइल इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में अगर डाटा में मामूली अंतर आता है तो टैक्सपेयर को नोटिस नहीं भेजा जाएगा। -फाइल

नई दिल्ली. अगर इनकम टैक्स रिटर्न और IT डिपार्टमेंट की ओर से इकट्ठा किए गए कॉरेस्पॉन्डिंग टैक्स क्रेडिट डाटा में छोटा-मोटा अंतर पाया जाता है तो टैक्स पेयर्स को नोटिस नहीं भेजा जाएगा। फाइनेंशियल बिल में मध्यम और नौकरीपेशा वर्ग को राहत देने के लिए ये कदम उठाया गया है। सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा, "हमें टैक्सपेयर्स पर भरोसा है और हमने ये फैसला इनकमटैक्स रिटर्न की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए लिया है।"

किस तरह का अंतर आता है?
- कभी-कभी टैक्सपेयर फॉर्म-16 में जो इन्फर्मेशन देता है और फॉर्म-26AS में जो इन्फर्मेशन रहती है, उसमें मामूली अंतर आ जाता है। फॉर्म-26AS में टैक्स डिपार्टमेंट बैंकों और दूसरे फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन से स्टेटमेंट हासिल करता है।
- चंद्रा ने कहा, "ऐसे मामलों में टैक्स डिमांड नोटिस ना भेजने का फैसला लिया गया है।"

कब से लागू होगा ये फैसला?
- CBDT चेयरमैन ने कहा, "पॉलिसी में सुधार का ये कदम 2018-19 के लिए भरे गए सभी रिटर्न पर लागू होगा, जो 1 अप्रैल से शुरू हो रहा है। पहले के प्रॉसिजर के मुताबिक, ये डिमांड नोटिस आईटी डिपार्टमेंट के सेंट्रल प्रॉसेसिंग सेंटर बेंगलुरू से भेजे जाते हैं।"

अगर बड़ा अंतर होता है तो क्या कदम उठाएंगे?
- उन्होंने कहा, "ऐसे मामले जिनमें ये अंतर बड़ा हो या फिर इससे टैक्स चोरी का शक पैदा होता हो तो ऐसे मामलों की जांच की जाएगी।"
- IT डिपार्टमेंट के एक सीनियर अफसर ने कहा, "CBDT ने फाइनेंस मिनिस्ट्री के सामने ये प्रपोजल रखा है, क्योंकि इस तरह के सैकड़ों मामले फाइनल प्रॉसेसिंग के लिए अटके हुए हैं। इन मामलों में टैक्सपेयर्स और टैक्स डिपार्टमेंट के बीच कम्युनिकेशन जारी है। छोटे-मोटे अंतर के लिए कोई वाजिब वजह हो सकती है। इसलिए ऐसे मामलों में पुराने तरीके को बदलने का फैसला लिया गया है।"

CBDT ने कहा कि टैक्स प्रॉसेसिंग को आसान बनाने के लिए ये फैसला लिया गया है। - फाइल CBDT ने कहा कि टैक्स प्रॉसेसिंग को आसान बनाने के लिए ये फैसला लिया गया है। - फाइल
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इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में अगर डाटा में मामूली अंतर आता है तो टैक्सपेयर को नोटिस नहीं भेजा जाएगा। -फाइलइनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में अगर डाटा में मामूली अंतर आता है तो टैक्सपेयर को नोटिस नहीं भेजा जाएगा। -फाइल
CBDT ने कहा कि टैक्स प्रॉसेसिंग को आसान बनाने के लिए ये फैसला लिया गया है। - फाइलCBDT ने कहा कि टैक्स प्रॉसेसिंग को आसान बनाने के लिए ये फैसला लिया गया है। - फाइल
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