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सिर्फ अटकलों और अफवाहों पर आधारित था केस, 7 सालों में एक भी सबूत सामने नहीं आया: स्पेशल जज ओ.पी सैनी

2G केस की सुनवाई करने वाल सीबीआई स्पेशल कोर्ट के जज ओ.पी सैनी ने 1552 पन्नों की रिपोर्ट में बताई अपने फैसले की वजह।

Danik Bhaskar | Dec 21, 2017, 05:04 PM IST
2G स्पैक्ट्रम स्कैम में आरोपी बनाए गए ए. राजा को गुरुवार को स्पेशल कोर्ट ने बरी कर दिया। 2G स्पैक्ट्रम स्कैम में आरोपी बनाए गए ए. राजा को गुरुवार को स्पेशल कोर्ट ने बरी कर दिया।

नई दिल्ली. 2G स्पेक्ट्रम केस में सीबीआई स्पेशल कोर्ट के जज ओपी सैनी ने गुरुवार को ए. राजा, कनिमोझी समेत 44 आरोपियों और कंपनियों को बरी करने का फैसला सुनाया। जज सैनी ने अपनी 1552 पन्नों की रिपोर्ट में कहा, "पूरा केस सिर्फ अटकलों और अफवाहों पर आधारित है। पिछले 7 साल से मैं सबूतों का इंतजार कर रहा था, लेकिन सारी उम्मीदें बेकार साबित हुईं। इतने सालों में कानूनी रूप से मान्य एक भी सबूत सामने नहीं आया।" बता दें कि 2010 में CAG विनोद राय की रिपोर्ट में 2G घोटाले का खुलासा किया गया था।

स्पेशल कोर्ट के जज ने फैसले में क्या कहा ?

1# कही-सुनी बातों की कोर्ट में जगह नहीं

- जज सैनी ने अपनी रिपोर्ट में कहा, "2011 से अब तक एक भी ऐसा शख्स सामने नहीं आया, जो असल में केस से जुड़े सबूत दे पाता। इससे साफ था कि पूरा मामला सिर्फ लोगों के नजरिए पर आधारित था और ये नजरिया अफवाहों और कही-सुनी बातों से ही बना था। कोर्ट की सुनवाई में इसकी कोई जगह नहीं होती।"

2# सच्चाई लाने को कहा तो केस छोड़कर चले गए लोग

- "कोर्ट में कई ऐसे लोग पेश हुए, जिन्होंने कहा कि कोर्ट के सामने सच्चाई नहीं आई है। लेकिन, जब उनसे सच्चाई और सबूत सामने लाने को कहा गया तो सभी केस को बीच में छोड़ कर चले गए।"

3# सीबीआई सबूतों को ठीक ढंग से पेश करने में नाकाम रही
- जज ने कहा, "कई लोगों ने इन्वेस्टिगेशन का दायरा बढ़ाने और इसमें जांच से बाहर कुछ और नाम जोड़ने की एप्लिकेशन दी थी, लेकिन किसी के पास भी कानूनी सबूत नहीं थे।"
- सैनी ने ऐसे कई उदाहरण भी दिए, जहां सीबीआई सबूतों को ठीक ढंग से पेश करने में नाकाम रही।

4# केस को खींचती रही सीबीआई

- "जब आखिरी बहस शुरू हुई तब प्रॉसिक्यूटर ने जल्द से जल्द लिखित सबमिशन देने की बात कही थी, लेकिन वे लंबे समय तक बिना किसी पक्के सबूत के बहस में ही जुटे रहे। 2G केस की कम समझ के चलते लोगों को इसमें कोई बड़ी साजिश समझ आई और ये केस पूरी तरह से दिशाहीन हो गया।"

कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?
- 2जी स्पैक्ट्रम केस में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने पूर्व मंत्री ए. राजा और डीएमके नेता कनिमोझी समेत 44 आरोपियों और कई कंपनियों को बरी कर दिया। दो मामले सीबीआई के थे तो एक मामला एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने दायर किया था।
- जज ने फैसले में कहा, "प्रॉसिक्यूशन कोई भी आरोप साबित करने में नाकाम रहा। लिहाजा सभी को बरी किया जाता है।'' एक लाख 76 हजार करोड़ के इस घोटाले में यूपीए सरकार में टेलीकॉम मिनिस्टर रहे ए. राजा और डीएमके नेता कनिमोझी मुख्य आरोपी थे।

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राजा के साथ डीएमके की राज्यसभा सांसद कन्निमोझी को भी बनाया गया था आरोपी। राजा के साथ डीएमके की राज्यसभा सांसद कन्निमोझी को भी बनाया गया था आरोपी।