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हवा साफ करने के लिए चीन ने बनाया दुनिया का सबसे ऊंचा टॉवर, 330 फीट हाइट

हवा साफ करने के लिए चीन ने बनाया दुनिया का सबसे ऊंचा टॉवर, 330 फीट हाइट

Dainik Bhaskar

Jan 17, 2018, 10:01 AM IST
इस टॉवर से करीब 10 किलोमीटर के दायरे में हवा साफ किए जाने का दावा किया गया है। इस टॉवर से करीब 10 किलोमीटर के दायरे में हवा साफ किए जाने का दावा किया गया है।

बीजिंग. चीन ने दुनिया का सबसे ऊंचा एयर प्यूरीफायर बनाया है। इसकी ऊंचाई 330 फीट है। इसका ट्रायल शुरू कर दिया गया है। बता दें कि चीन की राजधानी बीजिंग दुनिया के सबसे पॉल्यूटेड शहरों में से एक है। यहां हर साल धुएं और धुंध की वजह से लोगों की जिंदगी पर असर पड़ता है। कहा जाता है कि यहां हर एक शख्स के शरीर में रोजाना 21 सिगरेट के बराबर धुआं जाता है।

साइंटिंस्ट कर रहे टॉवर का टेस्ट

- न्यूज एजेंसी ने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के हवाले से बताया है कि यह टॉवर झियान में लगाया गया है।
- चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंस में मौजूद इंस्टीट्यूट ऑफ अर्थ एनवॉर्नमेंट के साइंटिस्ट इस टॉवर का टेस्ट कर रहे हैं।

10 KM के दायरे की हवा में हुआ सुधार

- रिसर्च के हेड काओ जुंजी ने बताया कि टॉवर को लगाने के बाद इसके आसपास 10 किलोमीटर के दायरे में बीते कुछ महीनों में हवा की क्वालिटी में सुधार नजर आया है।
- उन्होंने यह भी दावा किया कि जब से इस टॉवर को लगाया गया है कि यह करीब एक करोड़ क्युबिक मीटर हवा को साफ कर चुका है।

- उन्होंने बताया कि यह ग्रीन हाउसेज के जरिए काम करता है, जो इसके बेस में फुटबॉल के मैदान से करीब आधे के बराबर एरिया में बने हैं।

क्रिटिकल कंडीशन में भी टॉवर के आसपास हवा साफ थी

- जुंजी के मुताबिक, यह सबसे बड़ी कामयाबी है कि जब शहर में पॉल्यूशन का लेवल क्रिटिकल कैटेगरी में था तो टॉवर के आसपास की हवा मॉडरेट स्टेज में थी।

- उन्होंने यह भी कहा कि यह टेस्ट अभी शुरुआती दौर में हैं अभी और टेस्ट किए जाने हैं। रिजल्ट के बारे में डिटेल में जानकारी मार्च में दी जाएगी।

दिन में बगैर बिजली काम करता है टॉवर

- जुंजी के मुताबिक, दिन के वक्त मुश्किल है कि इस टॉवर को बिजली की जरूरत पड़ती हो। टेस्ट के दौरान यह काफी बढ़िया ढंग से काम कर रहा है।
- उन्होंने बताया कि फुल साइज का यह टॉवर करीब 500 मीटर (1640 फीट) ऊंचा होगा। जिसकी चौड़ाई (डाईमीटर) 200 मीटर (656 फीट) होगी। इसे बनाने वालों ने 2014 में इसके लिए पैटेंट एप्लीकेशन दी थी।
- यह 30 वर्ग किलोमीटर (11.6 वर्ग मील) के इलाके की हवा को साफ कर सकता है। छोटे शहरों को पूरी साफ हवा देने के लिए यह काफी है।

दिल्ली में पिछले महीने शुरू हुआ था एंटी स्मॉग गन का टेस्ट

- बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग से निपटने के लिए अरविंद केजरीवाल सरकार ने एंटी स्मॉग गन का ट्रायल शुरू किया था।

- दिल्ली सेक्रेटेरियट के बाद 20 दिसंबर को राजधानी के आनंद विहार बस स्टैंड पर इस गन की टेस्टिंग की गई थी।

- यह गन हवा में 50 मीटर ऊपर तक पानी के छोटे-छोटे कणों की बौछार कर पॉल्यूशन कम करती है। एक मशीन की कीमत करीब 20 लाख रुपए है।

- सीवियर स्मॉग के वक्त चीन में भी इसी गन का इस्तेमाल किया जाता रहा है। भारत में अपनी तरह का यह पहला प्रयोग है।

चीन की राजधानी बीजिंग दुनिया के सबसे पॉल्यूटेड शहरों में से एक है। -फाइल चीन की राजधानी बीजिंग दुनिया के सबसे पॉल्यूटेड शहरों में से एक है। -फाइल
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इस टॉवर से करीब 10 किलोमीटर के दायरे में हवा साफ किए जाने का दावा किया गया है।इस टॉवर से करीब 10 किलोमीटर के दायरे में हवा साफ किए जाने का दावा किया गया है।
चीन की राजधानी बीजिंग दुनिया के सबसे पॉल्यूटेड शहरों में से एक है। -फाइलचीन की राजधानी बीजिंग दुनिया के सबसे पॉल्यूटेड शहरों में से एक है। -फाइल
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