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डोकलाम हमारा हिस्सा, वहां हम जो भी कर रहे उसका हमें हक- भारतीय राजदूत के बयान पर चीन

भारत के चीन में राजदूत गौतम बंबावले के शनिवार को कहा था कि चीनी सेना डोकलाम में यथास्थिति में बदलाव की कोशिश न करे।

Dainik Bhaskar

Mar 26, 2018, 04:17 PM IST
डोकलाम में भारत और चीन की सेनाएं 73 दिनों तक आमने-सामने रही थीं। -फाइल डोकलाम में भारत और चीन की सेनाएं 73 दिनों तक आमने-सामने रही थीं। -फाइल

बीजिंग. डोकलाम को लेकर भारत और चीन के बीच तीखे बयानों का सिलसिला जारी है। चीन ने सोमवार को कहा कि डोकलाम हमारा हिस्सा है और हमारा वहां से ऐतिहासिक रिश्ता है। चीन विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनियिंग ने भारत को धमकी भरे अंदाज में कहा, "डोकलाम में हम जो भी कुछ कर रहे हैं, वो हमारा हक है। भारत को पिछले साल चले गतिरोध से सबक लेना चाहिए।" चुनयिंग का ये बयान चीन में भारत के राजदूत गौतम बंबावले के बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि चीन डोकलाम में हालात बदलने की कोशिश ना करे।

बंबावले ने क्या कहा था, चुनियंग ने क्या जवाब दिया?

1) सीमाओं का विवाद

बंबावले: शनिवार को भारतीय राजदूत ने कहा था, "भारत-चीन की सीमाएं रेखांकित और निर्धारित नहीं हैं। इसलिए हमें इन्हें रेखांकित और निर्धारित करने के लिए एक-दूसरे से बातचीत करनी होगी।"

चुनयिंग: "चीन की स्थिति इस पर एकदम साफ और निश्चित है। हालांकि, पूर्वी-मध्य और पश्चिमी इलाके में अभी ये निश्चित होना बाकी है।"

2) बातचीत के प्रयास

बंबावले: "चीन की सेना ने डोकलाम में यथास्थिति को बदलने की कोशिश की थी और भारत को ऐसा करने पर जवाब देना पड़ा। इस मसले पर दोनों देशों को उच्च स्तर पर बातचीत करनी चाहिए।"

चुनयिंग: दोनों देशों के बीच 20 राउंड की बातचीत का हवाला दिया और कहा, "चीन बातचीत के जरिए इस विवाद का हल निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए दोनों देशों को मिलकर इसका हल निकालना होगा।"

3) रिश्तों की मजबूती

बंबावले: "डोकलाम जैसे गंभीर मामले के दौरान भी गोलीबारी नहीं हुई, तब भी हमने शांति को कायम रखा। मैं सोचता हूं कि ये हम दोनों देशों के बीच कूटनीति का एक कामयाब उदाहरण है।"

चुनयिंग: "मैं भारतीय राजदूत के इस बयान की सराहना करती हूं। एक-दूसरे का सहयोगी बनने के लिए हमारे पास वजह है। हम दोनों के पास एक-दूसरे के लिए संभावनाएं हैं और हम मिलकर पूरे विश्व के लिए संभावनाएं पैदा करते हैं। हम राजनीतिक विश्वास, द्विपक्षीय मसलों में भारत का सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। "

भारतीय रक्षा मंत्री ने डोकलाम पर क्या कहा?

- रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "भारत सजग है और डोकलाम में हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। सरकार सेना के आधुनिकीकरण के लिए लगातार काम कर रही है। हम अपनी सीमा की सुरक्षा के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं।''

इस बयानबाजी की वजह?

- निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में मार्च की शुरुआत में बताया था, "सर्दियों में भी ये सैनिक बने रहें, इसके लिए पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने संतरी चौकियों, खंदकों और हेलिपैड समेत कुछ बुनियादी निर्माण किया है।" इस पर विपक्षी पार्टियों खासकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर सवाल उठाया था।

- चीन ने लगातार डोकलाम पर हक जताने वाला रवैया जारी रखा। इसके बाद गौतम बंबावले ने कहा कि डोकलाम में यथास्थिति बदलने से दोबारा पहले जैसे हालात बन सकते हैं।

डोकलाम पर क्यों है विवाद?

- भारत में इस हिस्से को डोका ला कहा जाता है। चीन दावा करता है कि ये हिस्सा डोंगलांग रीजन में है। उधर, भूटान भी इस पर अपना हक जताता है। इस ट्राई जंक्शन पर सीमाओं को लेकर हालात कभी एक जैसे नहीं रहते। 16 जून 2017 को जब चीन के सैनिकों ने यहां सड़क बनाने की कोशिश की थी तो भारतीय सैनिकों ने उन्हें रोक दिया था। ये विवाद 73 दिन तक चला था।

चीन विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग का बयान भारतीय राजदूत गौतम बंबावले के बयान के बाद आया।- फाइल चीन विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग का बयान भारतीय राजदूत गौतम बंबावले के बयान के बाद आया।- फाइल
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डोकलाम में भारत और चीन की सेनाएं 73 दिनों तक आमने-सामने रही थीं। -फाइलडोकलाम में भारत और चीन की सेनाएं 73 दिनों तक आमने-सामने रही थीं। -फाइल
चीन विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग का बयान भारतीय राजदूत गौतम बंबावले के बयान के बाद आया।- फाइलचीन विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग का बयान भारतीय राजदूत गौतम बंबावले के बयान के बाद आया।- फाइल
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