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चीनी सैनिक डोकलाम में जमे हैं; 7 हेलीपैड बनाए, टैंक भी मौजूद: सैटेलाइट इमेज में दावा

आर्मी चीफ बिपिन रावत ने कहा है कि डोकलाम गंभीर समस्या नहीं, कुछ सैनिक हैं, लेकिन वे ज्यादा नहीं है।

Dainik Bhaskar

Jan 18, 2018, 07:23 AM IST
आर्मी चीफ बिपिन रावत ने कहा कि आर्मी चीफ बिपिन रावत ने कहा कि

नई दिल्ली. सैटेलाइट इमेजों के हवाले से जारी कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने डोकलाम इलाके के उत्तरी हिस्से में 7 हेलीपैड बना लिए हैं। वहां पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, टैंक्स, आर्म्ड व्हीकल्स, ऑर्टिलरी समेत कई मिलिट्री इक्युपेंट्स की मौजूदगी पाई गई है। कांग्रेस ने सरकार से इस मुद्दे पर जवाब मांगा। पार्टी स्पोक्सपर्सन रणदीप सुरजेवाला ने कहा- चीन ने डोकलाम में दो मंजिला बिल्डिंग बना ली है। वहीं, आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने बुधवार को रायसीना डायलॉग में कहा कि दोनों देशों के बीच रिश्ते अब डोकलाम से पहले जैसे हो चुके हैं। अब कोई गंभीर समस्या नहीं है। भारतीय सेना भी वहां है। चीनी सैनिक वापस आते हैं तो हम उनका सामना करेंगे।

कांग्रेस का क्या आरोप?

- सुरजेवाला ने कहा- डोकलाम इलाके में चीन की एक्टिविटीज बढ़ गई हैं। सरकार को इस पर सफाई देनी चाहिए। हमने सैटेलाइट इमेजेस देखी हैं। वहां चीन ने दो मंजिला बिल्डिंग और बंकर्स बना लिए हैं।

डोकलाम के बाद ऐसे दोनों देशों में तनाव कम हुआ
- दूसरी तरफ, आर्मी चीफ बिपिन रावत ने दोनों देशों में तनाव कम करने के लिए अपनाए गए तरीकों की भी जानकारी दी। बताया, "बॉर्डर पर दोनों ही देशों के सैनिकों के बीच लगातार बातचीत हो रही है। हमने आपस में पर्सनल मीटिंग शुरू कर दी है। जमीनी स्तर पर भी कमांडरों के बीच बातचीत हो रही है। इससे दोनों देशों के बीच के रिश्ते डोकलाम विवाद से पहले थे, अब वैसे हो चुके हैं।" डोकलाम में भारत-चीन की सेना 73 दिनों तक आमने-सामने थीं। यह टकराव 28 अगस्त, 2017 को खत्म हुआ था।

10 किलोमीटर इलाके में चीन आर्मी कैम्प बना रहा है

- मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि उत्तरी डोकलाम इलाके में एक बार फिर चीन आर्मी कैम्प बना रहा है। इसका मकसद इलाके में सड़क बनाना है। ताकि, इस इलाके तक उसकी पहुंच आसान हो।

- नई सैटेलाइट इमेजों में साफ तौर पर देखा जा सकता है, चीन कैसे विवादित इलाके में मिलिट्री कैम्प बना रहा है। जिस इलाके पर भूटान अपना दावा करता है, उसी इलाके में चीन यह कंस्ट्रक्शन कर रहा है। यह पूरा इलाका करीब 10 वर्ग किलोमीटर में फैला है।

एक हफ्ते में चौथी बार पड़ोसियों को वॉर्निंग

12 जनवरी: चीन भले ही ज्यादा ताकतवर देश है, लेकिन भारत कमजोर नहीं है। हम अपने बॉर्डर पर किसी भी हाल में अतिक्रमण नहीं करने देंगे।

14 जनवरी: जम्मू-कश्मीर में मिलिट्री कैम्पैन तेज करने की जरूरत। सीमापार आतंकवाद रोकने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाया जा सकेगा।

15 जनवरी: पाकिस्तान सीमा पर बाज नहीं आया तो भारत दूसरा ऑप्शन अपनाने से पीछे नहीं हटेगा। सेना हर हालात में जवाब देने के काबिल है।

क्या था डोकलाम विवाद, कितने दिन चला?
- डोकलाम में विवाद 16 जून को तब शुरू हुआ था, जब इंडियन ट्रूप्स ने वहां चीन के सैनिकों को सड़क बनाने से रोक दिया था। हालांकि चीन का दावा था कि वह अपने इलाके में सड़क बना रहा था।
- इस एरिया का भारत में नाम डोका ला है जबकि भूटान में इसे डोकलाम कहा जाता है। चीन दावा करता है कि ये उसके डोंगलांग रीजन का हिस्सा है। भारत-चीन का जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक 3488 km लंबा बॉर्डर है। इसका 220 km हिस्सा सिक्किम में आता है।
- बता दें कि भारतीय-चीन बॉर्डर पर डोकलाम इलाके में दोनों देशों के बीच मिड 16 जून से 28 अगस्त के बीच तक टकराव चला था। हालात काफी तनावपूर्ण हो गए थे। बाद में अगस्त में यह टकराव खत्म हुआ और दोनों देशों में सेनाएं वापस बुलाने पर सहमति बनी।

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आर्मी चीफ बिपिन रावत ने कहा कि आर्मी चीफ बिपिन रावत ने कहा कि
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