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कोयला घोटाला मामले में पूर्व सीएम मधु कोड़ा समेत 4 की सजा का एलान आज

सीएम कोड़ा 14 सितंबर 2006 से 27 अगस्त 2008 तक 709 दिन सीएम रहे। उन पर 4000 करोड़ के घोटाले का मामला दर्ज है।

Danik Bhaskar | Dec 16, 2017, 07:37 AM IST
मधु कोड़ा पर 4000 करोड़ के घोटाले का केस है। आईटी डिपार्टमेंट ने उनके और साथियों के 79 ठिकानों पर छापेमारी की थी। -फाइल मधु कोड़ा पर 4000 करोड़ के घोटाले का केस है। आईटी डिपार्टमेंट ने उनके और साथियों के 79 ठिकानों पर छापेमारी की थी। -फाइल

नई दिल्ली/रांची. झारखंड के 10 साल पुराने कोयला घोटाला में शनिवार को सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा समेत 4 दोषियों को 3-3 साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने कोड़ा पर 25 लाख और पूर्व कोयला सेक्रेटरी एचसी गुप्ता पर 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। दिल्ली हाईकोर्ट में अपील के लिए सभी दोषियों को 2 महीने की अंतरिम जमानत दी गई है। बुधवार को कोल ब्लॉक आवंटन में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के मामले में कोर्ट ने कोड़ा, गुप्ता, झारखंड के पूर्व चीफ सेक्रेटरी एके बसु और कोड़ा के करीबी विजय जोशी को दोषी करार दिया था। इसके बाद कोड़ा ने फैमिली और हेल्थ का हवाला देकर सजा में नरमी बरते जाने की अपील की थी।

प्राइवेट कंपनी पर भी 50 लाख जुर्माना

- शनिवार को स्पेशल जज भरत पाराशर ने मधु कोड़ा, एचसी गुप्ता, एके बसु और विजय जोशी को 3-3 साल की सजा सुनाई। साथ ही कोड़ा पर 25 लाख और गुप्ता पर 1 लाख का जुर्माना लगाया। इसके अलावा कोर्ट ने एक प्राइवेट कंपनी को भी घोटाले में दोषी मानते हुए 50 लाख का जुर्माना ठोंका।

- सीबीआई ने चार्जशीट में कोड़ा, गुप्ता समेत चारों आरोपियों के खिलाफ 120बी (आपराधिक साजिश), 420 धोखाधड़ी, 409 (सरकारी पद पर रहते हुए विश्वासघात) और भ्रष्टाचार विरोधी कानून के तहत आरोप लगाए थे। जिनमें सभी को दोषी करार दिया गया था।

कैसे हुआ था घोटाला?

- यह केस झारखंड के राजहरा नॉर्थ कोयला ब्लॉक के कोलकाता की वीआईएसयूएल कंपनी को आवंटित करने में गड़बड़ी से जुड़ा है। विनी आयरन एंड स्टील उद्योग से 14 सितंबर 2006 को तब के उद्योग सचिव अरुण कुमार सिंह ने धनबाद में छह लाख टन की क्षमता का स्टील प्लांट लगाने का एमओयू किया था।

- कोड़ा सरकार ने राजहरा कोल ब्लॉक आवंटन के लिए पहले मुकुंद लिमि. और जूम बल्लभ कंपनी का नाम केंद्रीय कोयला मंत्रालय को भेजा था। फिर साजिश से इसे विनी आयरन एंड स्टील को आवंटित कर दिया।

सीबीआई ने कोर्ट में क्या बताया?

- सीबीआई ने कोर्ट में बताया था कि मंत्रालय ने जब सरकार से ब्लॉक आवंटन के लिए नाम मांगे तो दो कंपनियों के नाम भेजे गए। इसमें विनी आयरन नहीं थी। स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक हुई, तो तब झारखंड के चीफ सेक्रेटरी एके बसु शामिल हुए।

- उन्होंने कहा कि सीएम की इच्छा है कि विनी आयरन को ब्लॉक आवंटित हो। तब कोयला सचिव एचसी गुप्ता ने कहा कि उस कंपनी का प्रस्ताव ही नहीं भेजा गया। तब बसु ने कहा कि विनी को ब्लॉक आवंटित नहीं करेंगे, तो वे बैठक की कार्यवाही के कागजात पर साइन नहीं करेंगे, क्योंकि सीएम का ऐसा आदेश है।

- गुप्ता ने लिखित प्रस्ताव भेजने को कहा। तब की सरकार ने नया प्रस्ताव नहीं भेजा। तब स्क्रीनिंग कमेटी ने मुकुंद लिमि. को ब्लॉक देने की सिफारिश की। बसु ने कहा कि मुकुंद लिमि. की हालत ठीक नहीं है, तब विनी आयरन को ब्लॉक दे दिया गया।

गुप्ता ने तब के प्रधानमंत्री से छिपाए थे फैक्ट्स

- वीआईएसयूएल ने 8 जनवरी 2007 को कोल ब्लॉक के लिए अप्लाई किया था। झारखंड सरकार और इस्पात मंत्रालय ने इसे ब्लॉक देने की सिफारिश नहीं की, लेकिन 36वीं स्क्रीनिंग कमेटी ने इसकी सिफारिश कर दी।

- तब स्क्रीनिंग कमेटी के प्रेसिडेंट एचसी गुप्ता कोयला मिनिस्ट्री का काम देख रहे थे। उन्हाेंने तब पीएम मनमोहन सिंह से यह बात छिपाई कि सरकार ने कंपनी को कोल ब्लॉक देने की सिफारिश नहीं की। सीबीअाई के मुताबिक, कोड़ा, बसु और दो अन्य ने वीआईएसयूएल को ब्लॉक आवंटन की साजिश रची थी।

निर्दलीय विधायक कोड़ा 709 दिन तक रहे CM

- मधु कोड़ा झारखंड के निर्दलीय विधायक थे। वे 14 सितंबर 2006 से 27 अगस्त 2008 तक 709 दिन तक मुख्यमंत्री रहे थे। उन पर 4000 करोड़ के घोटाले का केस है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कोड़ा और साथियों के 79 ठिकानों पर छापेमारी की थी।

कोड़ा झारखंड के निर्दलीय विधायक थे। वह सितंबर, 2006 से अगस्त, 2008 तक 709 दिन सीएम रहे। -फाइल कोड़ा झारखंड के निर्दलीय विधायक थे। वह सितंबर, 2006 से अगस्त, 2008 तक 709 दिन सीएम रहे। -फाइल