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राहुल गांधी ने कहा- देश की बुनियाद है संविधान, BJP के लोग उस पर सीधा हमला बोल रहे हैं

DainikBhaskar.com | Last Modified - Dec 29, 2017, 04:22 PM IST

राहुल गांधी ने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी समेत हर भारतीय की जिम्मेदारी है कि वह संविधान की हिफाजत करे।
    • Video: कांग्रेस में अब तक ये नेता अध्यक्ष पद तक पहुंचे

      नई दिल्ली. कांग्रेस का गुरुवार को 133वां फाउंडेशन-डे था। इस मौके पर राहुल गांधी ने पहली बार बतौर कांग्रेस अध्यक्ष पार्टी हेडक्वॉर्टर्स में झंडा फहराया। राहुल गांधी ने संविधान के खिलाफ दिए जा रहे बयानों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने संघर्ष के बाद आजादी हासिल की थी। इतिहास में गौर करें तो संविधान बनाना देश के लिए गौरव का क्षण था। लेकिन आज बीजेपी के सीनियर मेंबर्स की तरफ से इसके खिलाफ बयान दिए जा रहे हैं। राजनीतिक फायदे के लिए बीजेपी झूठ बोलती है।

      किस बात का जिक्र कर रहे थे राहुल गांधी?
      - दरअसल, पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने एक विवादास्पद बयान दिया था। उन्होंने कहा था- लोगों को अपनी पहचान सेक्युलर के बजाय धर्म और जाति के आधार पर बतानी चाहिए। हम संविधान में संशोधन कर सेक्युलर शब्द हटा सकते हैं।
      - बता दें कि हेगड़े मोदी सरकार में राज्य मंत्री हैं। उनके पास स्किल डेवलपमेंट एंड आंत्रप्रेन्योरशिप मिनिस्ट्री का चार्ज है।
      - हेगड़े के बयान पर बुधवार को संसद के दोनों सदनों में हंगामा हुआ। हेगड़े को अपने बयान पर अपनी ही सरकार से सपोर्ट नहीं मिला। विवाद होने के बाद केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने राज्यसभा में कहा कि सरकार हेगड़े के विचारों को मंजूर नहीं करती।

      राहुल ने और क्या कहा?
      - राहुल गांधी ने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी समेत हर भारतीय की जिम्मेदारी है कि वह संविधान की हिफाजत करे। देश में आज जो हो रहा है, वो सही नहीं है। लेकिन हम एकजुट बने रहेंगे। संविधान इस देश की बुनियाद है और यह बुनियाद खतरे में है। इस पर बीजेपी के सीनियर मेंबर्स अपने बयानों से सीधा हमला बोल रहे हैं।
      - राहुल ने कहा कि देश में आज छलावे का जाल बुना जा रहा है। बीजेपी इसी बेसिक आइडिया पर काम करती है कि सियासी फायदे के लिए झूठ का इस्तेमाल किया जा सकता है। उनके और हमारे बीच यही फर्क है। हो सकता है कि हम अच्छा प्रदर्शन ना करें, हम हार भी जाएं लेकिन हम सचाई का साथ नहीं छोड़ेंगे।

      कांग्रेस संसद में कर रही हेगड़े का विरोध
      - बुधवार को राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हेगड़े सरकार में मंत्री हैं। उन्हें संविधान में भरोसा नहीं है। इसलिए, उन्हें मंत्री पद पर बने रहने का भी कोई अधिकार नहीं है। उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
      - वहीं, लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने जैसे ही हेगड़े की टिप्पणियों का मुद्दा उठाया, कांग्रेस सदस्य वेल तक नारे लगाते हुए आ गए। वे नारे लगा रहे थे कि अंबेडकर का अपमान नहीं चलेगा।

      राहुल के कांग्रेस प्रेसिडेंट बनने की अहमियत क्या है?
      1) पहली बार
      : कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने नवंबर 2016 में एक रिजोल्यूशन पास कर राहुल को प्रेसिडेंट बनाने की सिफारिश की थी। 131 साल में ऐसा पहली बार हुआ था, जब CWC ने किसी नेता का नाम आगे बढ़ाया।
      2) रिकॉर्ड प्रेसिडेंटशिप के बाद मिला चार्ज: सोनिया गांधी 1998 में कांग्रेस प्रेसिडेंट बनीं। उनके नाम सबसे लंबे वक्त तक अध्यक्ष पद पर बने रहने का रिकॉर्ड है। उनके 19 साल के कार्यकाल के दौरान 10 साल यूपीए की सरकार भी रही। राहुल ने उनके बाद चार्ज संभाला।
      3) निर्विरोध चुनाव: 2000 में कांग्रेस संगठन के चुनाव में सोनिया गांधी के खिलाफ जितेंद्र प्रसाद खड़े हुए। इसके बाद ऐसा कोई मौका नहीं आया, जब सोनिया को किसी नेता की चुनौती का सामना करना पड़ा हो। राहुल के साथ भी यही हुआ। वे निर्विरोध चुने गए।
      4) बुरे दौर में कांग्रेस: कांग्रेस के पास इतिहास में सबसे कम 46 लोकसभा सीटें हैं। इमरजेंसी के पास पहली बार ऐसा हुआ है जब हिमाचल, पंजाब, कर्नाटक जैसे चुनिंदा 5 राज्यों में ही कांग्रेस की सरकार है।
      5) कोई नंबर-2 नहीं: बीते 19 साल में जब बागडोर सोनिया के पास थी तब प्रणब मुखर्जी, मनमोहन सिंह या राहुल गांधी अपने-अपने दौर में जाहिर तौर पर पार्टी में नंबर-2 थे। अब राहुल के प्रेसिडेंट बन जाने के बाद बड़ा सवाल यह है कि पार्टी में नंबर-2 कौन होगा।

      अध्यक्ष पद पर नेहरू-गांधी परिवार के छठे सदस्य हैं राहुल
      - 7 साल बाद पार्टी में चुनाव हुए, अध्यक्ष बनने वाले नेहरू-गांधी परिवार के छठे शख्स हैं राहुल।
      - 132 साल में नेहरू-गांधी परिवार 44 साल अध्यक्ष रहा; इन 44 साल में से 25 साल मोतीलाल से राजीव गांधी तक कांग्रेस प्रेसिडेंट रहे।
      - परिवार में नेहरू सबसे कम 40 साल की उम्र में तो सोनिया सबसे ज्यादा 52 की उम्र में अध्यक्ष बनीं।
      - जनवरी, 2013 में कांग्रेस उपाध्यक्ष चुने गए थे राहुल, तब से कांग्रेस करीब 27 चुनावों में हारी।

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      गुरुवार को कांग्रेस के 133वें फाउंडेशन-डे पर राहुल गांधी।
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      राहुल गांधी ने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी समेत हर भारतीय की जिम्मेदारी है कि वह संविधान की हिफाजत करे।
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      राहुल गांधी ने पहली बार बतौर कांग्रेस अध्यक्ष पार्टी हेडक्वॉर्टर्स में झंडा फहराया।
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      राहुल ने कहा- बीजेपी इसी बेसिक आइडिया पर काम करती है कि सियासी फायदे के लिए झूठ का इस्तेमाल किया जा सकता है।
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    Web Title: Rahul Gandhi On 133rd Foundation Day Of The Congress Party
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