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जिंदा बच्ची को डेड बताने पर दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल का लाइसेंस कैंसल, केजरी सरकार ने की कार्रवाई

अंतिम संस्कार से पहले बच्ची में हलचल देखी गई और अब दिल्ली के दूसरे हॉस्पिटल में उसका इलाज चल रहा है।

Dainik Bhaskar

Dec 08, 2017, 03:53 PM IST
30 नवंबर को महिला ने शालीमार बाग के मैक्स हॉस्पिटल में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। -फाइल 30 नवंबर को महिला ने शालीमार बाग के मैक्स हॉस्पिटल में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। -फाइल

नई दिल्ली. जन्म के बाद जिंदा बच्ची को डेड बताकर फैमिली के सुपुर्द करने के मामले में केजरीवाल सरकार ने मैक्स हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द कर दिया। शुक्रवार को दिल्ली के हेल्थ मिनिस्टर सत्येंद्र जैन ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शालीमार बाग के हॉस्पिटल ने जो लापरवाही की, उसे सहन नहीं किया जा सकता है। बता दें कि 30 नवंबर को महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। बाद में हॉस्पिटल ने दोनों को डेड करार दिया। अंतिम संस्कार से पहले बच्ची में हलचल देखी गई थी। इलाज के दौरान दूसरे हॉस्पिटल में बुधवार को उसकी भी मौत हो गई।

केजरीवाल सरकार ने दिए थे जांच के ऑर्डर

- घटना की जानकारी मिलने पर अरविंद केजरीवाल सरकार ने मैक्स हॉस्पिटल के खिलाफ 'आपराधिक लापरवाही' की जांच के ऑर्डर दिए थे। सीएम केजरीवाल ने भी सख्त कार्रवाई की बात कही थी।
- इसके बाद हेल्थ मिनिस्टर ने कहा था कि अगर जांच रिपोर्ट में हॉस्पिटल की लापरवाही सामने आई तो उसका लाइसेंस कैंसल किया जा सकता है। इस मामले में शुरुआती रिपोर्ट 72 घंटे में और फाइनल रिपोर्ट एक हफ्ते में आई है।

हॉस्पिटल ने जिंदा बच्ची को पॉलीथीन बैग में पैक कर दिया

- बच्ची के पिता आशीष ने बताया था कि 27 नवंबर को पत्नी वर्षा को मैक्स हॉस्पिटल में एडमिट कराया था। डॉक्टर्स ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए डिलिवरी कराने की बात कही।

- पुलिस के मुताबिक, वर्षा ने 30 नवंबर की सुबह प्री-मैच्योर जुड़वां बच्चों (लड़का-लड़की) को जन्म दिया था। आशीष ने पुलिस को बताया कि दोनों बच्चे जिंदा पैदा हुए थे। बाद में डॉक्टर्स ने कहा कि दोनों नवजातों की मौत हो गई। उन्हें पॉलीथीन बैग में पैक कर उन्हें सौंप दिया।

- शाम को जब परिवार उनके अंतिम संस्कार के लिए श्मशान की ओर जा रहा था, तभी पैकेट में कुछ हलचल देखी गई। पैकेट खोला तो बच्ची की सांसें चल रही थीं। फैमिली ने उसे फौरन पश्चिम विहार के एक हॉस्पिटल में एडमिट कराया था।

डॉक्टर्स ने बच्चों को नर्सरी में रखने का 50 लाख खर्च बताया

- आशीष का आरोप है कि डॉक्टरों ने बच्चों भी हालत नाजुक बताकर उन्हें नर्सरी में रखने की बात कही थी। इसके लिए करीब 50 लाख रुपए खर्च बताया गया। मैंने कुछ रुपए जमा कर बच्चों को हॉस्पिटल में रखा। अगले दिन डॉक्टर्स ने दोनों बच्चों की मौत की जानकारी दी।

हॉस्पिटल ने क्या कहा था?

- मैक्स हॉस्पिटल ने सफाई में कहा था, "प्री-मैच्योर बेबी नर्सिंग होम में लाइप सपोर्ट पर था। उसमें जिंदा होने के कोई लक्षण नहीं थे और दुर्भाग्य से मैक्स हॉस्पिटल शालीमार बाग ने उसे हैंडओवर कर दिया। 30 नवंबर को दो बच्चे डिलिवर किए गए थे, उनमें से एक स्टिलबॉर्न था। हम इस घटना से हिले हुए हैं। इस मामले में डिटेल इन्क्वायरी के निर्देश दिए हैं। इससे जुड़े डॉक्टर को छुट्टी पर भेज दिया है। फैमिली से लगातार कॉन्टैक्ट में हैं और उनकी पूरी मदद करेंगे।''

पुलिस ने कहा- जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे

- दिल्ली पुलिस के स्पोक्सपर्सन, दीपेंद्र पाठक ने बताया था कि घटना बेहद चौंकाने वाली है। बड़ी लापरवाही का मामला है। हमने मामले की जांच शुरू कर दी है। दिल्ली मेडिकल काउंसिल के बात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रहे हैं। इसके बाद जिम्मेदारों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करेंगे।

- पुलिस ने दो डॉक्टर्स के खिलाफ आईपीसी की धारा 308 (हत्या की कोशिश) के तहत केस दर्ज किया गया है, इसके तहत दोषी पाए जाने पर 7 साल की जेल हो सकती है।

फैमिली का आरोप है कि डॉक्टर्स ने जुड़वां बच्चों को डेड बताकर उन्हें सौंप दिया, अंतिम संस्कार से पहले बच्ची की सांस चलने लगीं। फैमिली का आरोप है कि डॉक्टर्स ने जुड़वां बच्चों को डेड बताकर उन्हें सौंप दिया, अंतिम संस्कार से पहले बच्ची की सांस चलने लगीं।
दिल्ली सरकार ने मैक्स हॉस्पिटल में हुई घटना की जांच के ऑर्डर दिए थे। -फाइल दिल्ली सरकार ने मैक्स हॉस्पिटल में हुई घटना की जांच के ऑर्डर दिए थे। -फाइल
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30 नवंबर को महिला ने शालीमार बाग के मैक्स हॉस्पिटल में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। -फाइल30 नवंबर को महिला ने शालीमार बाग के मैक्स हॉस्पिटल में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। -फाइल
फैमिली का आरोप है कि डॉक्टर्स ने जुड़वां बच्चों को डेड बताकर उन्हें सौंप दिया, अंतिम संस्कार से पहले बच्ची की सांस चलने लगीं।फैमिली का आरोप है कि डॉक्टर्स ने जुड़वां बच्चों को डेड बताकर उन्हें सौंप दिया, अंतिम संस्कार से पहले बच्ची की सांस चलने लगीं।
दिल्ली सरकार ने मैक्स हॉस्पिटल में हुई घटना की जांच के ऑर्डर दिए थे। -फाइलदिल्ली सरकार ने मैक्स हॉस्पिटल में हुई घटना की जांच के ऑर्डर दिए थे। -फाइल
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