देश

  • Home
  • National
  • Delhi HC grants interim relief to Karti Chidambaram from EDs arrest
--Advertisement--

INX मीडिया केस: दिल्ली हाईकोर्ट ने कार्ति की गिरफ्तारी पर 20 मार्च तक रोक लगाई

सीबीआई ने पिछले हफ्ते कार्ति चिदंबरम को चेन्नई एयरपोर्ट से अरेस्ट किया था।

Danik Bhaskar

Mar 09, 2018, 02:07 PM IST
कार्ति चिदंबरम के जुड़े मामले में दिल्ली के दो कोर्ट में सुनवाई हुई। -फाइल कार्ति चिदंबरम के जुड़े मामले में दिल्ली के दो कोर्ट में सुनवाई हुई। -फाइल

नई दिल्ली. आईएनएक्स मीडिया केस में आरोपी और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को लेकर शुक्रवार को दिल्ली की दो अदालतों में सुनवाई हुई। पटियाला हाउस कोर्ट ने कार्ति की सीबीआई रिमांड बढ़ाकर 12 मार्च कर दी। इस दौरान जांच एजेंसी ने कार्ति के सीए एस. भास्कर रमन से तिहाड़ जेल में आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की इजाजत मांगी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। साथ ही कोर्ट ने कार्ति की बेल पिटीशन पर सीबीआई से जवाब मांगा है। उधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने कार्ति को राहत देते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन और गिरफ्तारी पर 20 मार्च तक अंतरिम रोक लगाई। पी. चिदंबरम सुनवाई के वक्त दोनों अदालतों में मौजूद रहे। बता दें कि सीबीआई ने कार्ति को 28 फरवरी की सुबह चेन्नई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। कार्ति पर आईएनएक्स मीडिया के एफआईपीबी क्लीयरेंस के लिए करीब 6.5 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप है।

1. सीबीआई ने कार्ति के खिलाफ नए सबूत सौंपे

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, शुक्रवार को रिमांड खत्म होने के बाद सीबीआई ने कार्ति को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। इस दौरान जांच एजेंसी की मांग पर कोर्ट ने फिर कार्ति की रिमांड बढ़ाकर 12 मार्च कर दी। गिरफ्तारी के बाद से सीबीआई को कार्ति की 12 दिन की कस्टडी मिल चुकी है।

- सुनवाई के दौरान एडिशन सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि पिछले दिनों चेन्नई में छापेमारी के वक्त सीबीआई को नए सबूत और एक सीडी मिली है। इनकी जांच के लिए कार्ति की कस्टडी बढ़ाना जरूरी है।

- इस पर कार्ति के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कस्टडी का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह उनके (कार्ति) को परेशान करने के लिए है। कस्टडी के लिए कोई वजह नहीं है। वो जांच कर चुके हैं। सीबीआई हर बार जवाब देना चाहिए। 10 साल पुराने केस में सभी दस्तावेज मौजूद हैं। कस्टडी सिर्फ प्रताड़ित करने के लिए ली जा रही है।

सीबीआई ने कोर्ट में दो मांग रखीं

- सीबीआई ने कार्ति के सीए एस. भास्कर रमन की कस्टडी भी मांगी, ताकि दोनों से आमने-सामने पूछताछ की जा सके। कोर्ट ने तिहाड़ जेल में पूछताछ के लिए मंजूरी दे दी है। बता दें कि भास्कर रमन को ईडी ने 16 फरवरी को गिरफ्तार किया था, जो फिलहाल 22 मार्च तक ज्यूडीशियल कस्टडी में है।

- दूसरी एप्लीकेशन में जांच एजेंसी ने कहा कि कुछ जगहों की पहचान और पूछताछ के सिलसिले में इंद्राणी व पीटर मुखर्जी को दिल्ली लेकर आना जरूरी है। हालांकि, इसकी मंजूरी को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।

2. हाईकोर्ट ने कार्ति की गिरफ्तारी पर रोक लगाई

- उधर, दिल्ली हाईकोर्ट में कार्ति के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) समन मामले में जस्टिस एस. मुरलीधरन और जस्टिस आईएस मेहता की बेंच ने सुनवाई की। कोर्ट ने साफ कहा कि अगर सीबीआई कोर्ट कार्ति की बेल मंजूर करती है तो ईडी हाईकोर्ट में अगली सुनवाई तक उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार नहीं कर सकता है। साथ कोर्ट ने कहा कि कार्ति को इस दौरान ईडी के सामने पेश होना पड़ेगा, पासपोर्ट सरेंडर करना होगा और वो देश से बाहर नहीं जा सकते हैं।

- सुनवाई की दौरान एडिशनल सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मामले की जांच निर्णायक स्थिति में है। आरोपी सीबीआई की कस्टडी में है और एजेंसी जांच कर रही है। कार्ति के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं, इसलिए कोई राहत नहीं देनी चाहिए।

- इस पर कार्ति के वकील कपिल सिब्बल ने दलील रखी कि ईडी ने कई दस्तावेज कोर्ट में पेश किए, लेकिन इन्हें कार्ति को नहीं दिखाया। ये उनके मौलिक अधिकारों का हनन है।

- हाईकोर्ट इस मामले में कोर्ट अब 20 मार्च को सुनवाई करेगा। कोर्ट ने कार्ति की याचिका पर केंद्र सरकार और ईडी से जवाब मांगा है।

ईडी का समन रद्द कराने कोर्ट पहुंचे हैं कार्ति

- कार्ति के ईडी समन मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की थी। तब कोर्ट ने ईडी की कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इसके बाद कार्ति ने दिल्ली हाईकोर्ट में समन रद्द करने के लिए पिटीशन दायर की।

- एडिशनल सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन का विरोध करते हुए कहा था कि कोर्ट के सामने अभी ऐसी ही 50 याचिकाएं पेंडिंग हैं। जिसके बाद कार्ति की पैरवी कर रहे कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने इसे वापस ले लिया था।

- सुप्रीम कोर्ट में दायर पिटीशन में कार्ति ने कहा था कि एफआईआर में जिन मामलों का जिक्र है, उसके अलावा भी अन्य मामलों की जांच की जा रही है। ईडी को ऐसे मामलों की जांच का अधिकार नहीं है।

क्या है INX मामला, कार्ति पर क्या हैं आरोप?

- मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला आईएनएक्स मीडिया कंपनी से जुड़ा है। इसकी डायरेक्टर शीना बोरा हत्याकांड की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी थी।
- कार्ति पर आरोप है कि उन्होंने आईएनएक्स मीडिया के लिए गलत तरीके से फॉरन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) की मंजूरी ली। इसके बाद आईएनएक्स को 305 करोड़ का फंड मिला। इसके बदले में कार्ति को 10 लाख डॉलर (6.5 करोड़ रुपए ) की रिश्वत मिली।
- इसके बाद आईएनएक्स मीडिया और कार्ति से जुड़ी कंपनियों के बीच डील के तहत 3.5 करोड़ का लेनदेन हुआ।
- कार्ति पर यह भी आरोप है कि उन्होंने इंद्राणी की कंपनी के खिलाफ टैक्स का एक मामला खत्म कराने के लिए अपने पिता के रुतबे का इस्तेमाल किया।
- बता दें कि 2002 में पीटर मुखर्जी और इंद्राणी की शादी हुई थी। पीटर स्टार इंडिया के सीईओ रहे हैं। उनकी पत्नी इंद्राणी आईएनएक्स मीडिया की सीईओ रही हैं।
- शीना इंद्राणी की पहली शादी से हुई बेटी थी। जबकि संजीव खन्ना इंद्राणी का दूसरा पति है। पीटर से शादी से पहले इंद्राणी और संजीव का तलाक हुआ था। शीना बोरा की हत्या के आरोप में इंद्राणी फिलहाल भायखला महिला जेल में बंद है।

कार्ति चिदंबरम पर गलत तरीके से आईएनएक्स मीडिया को फायदा पहुंचाने का आरोप है। -फाइल कार्ति चिदंबरम पर गलत तरीके से आईएनएक्स मीडिया को फायदा पहुंचाने का आरोप है। -फाइल
कार्ति ने ईडी के समन के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। -फाइल कार्ति ने ईडी के समन के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। -फाइल
Click to listen..