• Hindi News
  • National
  • Before India China border talks china said Lessons should be learnt from Dokalam standoff.
--Advertisement--

डोकलाम की घटना से सबक लें, आगे फिर ऐसा ना हो: भारत-चीन के बीच बाइलेटरल बातचीत से पहले चीन

बातचीत नई दिल्ली में 22 दिसंबर से होगी। फिलहाल, औपचारिक तौर पर तारीखों का एलान नहीं किया गया है।

Dainik Bhaskar

Dec 19, 2017, 06:25 PM IST
सिक्किम के डोकलाम में भारत और चीन के सैनिक 72 दिन तक आमने-सामने रहे थे।- फाइल सिक्किम के डोकलाम में भारत और चीन के सैनिक 72 दिन तक आमने-सामने रहे थे।- फाइल

बीजिंग/नई दिल्ली. भारत और चीन के बीच 20वें दौर की बातचीत शुरू होने के पहले चीन ने कहा है कि जून-अगस्त में हुए डोकलाम विवाद से सबक सीखा जाना चाहिए। इस तरह के इश्यू फिर नहीं होने चाहिए। बाइलेटरल बातचीत 22 दिसंबर को शुरू होनी है लेकिन अब तक दोनों ही देशों की तरफ से ऑफिशियली इसकी डेट अनाउंस नहीं की गई हैं। बता दें कि सिक्किम के डोकलाम में भारत और चीन के सैनिक 72 दिन तक आमने-सामने रहे थे। चीन वहां सड़क बनाना चाहता था जबकि भारत ने भूटान की अपील पर वहां चीन को ऐसा करने से रोक दिया था।

भारत की तरफ से एनएसए लेंगे हिस्सा

- बाइलेटरल बातचीत में भारत की तरफ से नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल जबकि चीन की तरफ से वहां के स्टेट काउंसलर यांग जियची हिस्सा लेंगे।
- बातचीत नई दिल्ली में 22 दिसंबर से होगी। फिलहाल, औपचारिक तौर पर तारीखों का एलान नहीं किया गया है। खास बात ये है कि डोकलाम विवाद के बाद दोनों देशों के बीच यह पहली हाईलेवल बातचीत होगी। डोकलाम विवाद 28 अगस्त को डिप्लोमैटिक तरीके से सुलझाया गया था।

आगे फिर डोकलाम ना हो

- मंगलवार को चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री की स्पोक्सपर्सन हुआ चुनियांग ने कहा- इस बातचीत में सिर्फ सीमा विवाद पर ही बातचीत नहीं होगी बल्कि दोनों देशों के बीच स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशन के लिहाज से भी यह एक अहम दौर है। दोनों देश अापसी चिंताओं पर विचार कर सकेंगे।
- चुनियांग ने कहा- 2017 में दोनों देशों के बीच अच्छे रिश्ते रहे। लेकिन, फिर डोकलाम विवाद हुआ। ये दोनों देशों के लिए एक बड़ा टेस्ट था। मुझे लगता है कि हमें इससे सबक सीखना जरूरी है। ये इसलिए भी अहम है ताकि आगे हम इस तरह के विवादों से बच सकें।
- हुआ चुनियांग ने आगे कहा- दोनों देशों को पहले हुए समझौतों का सम्मान करना चाहिए ताकि बॉर्डर पर अमन कायम रहे। यही दोनों के लिए फायदेमंद भी है।

बातचीत में होगा इस मुद्दे का जिक्र

- चुनियांग से जब ये पूछा गया कि क्या बाइलेटरल बातचीत में डोकलाम विवाद पर भी चर्चा होगी? इस पर उन्होंने कहा- हमारे फॉरेन मिनिस्टर वांग यी तीन देशों के फॉरेन मिनिस्टर्स की बातचीत में हिस्सा लेने के लिए भारत गए थे। इसमें रूस भी शामिल था। तब भी इस मुद्दे पर बातचीत हुई थी। उन्होंने सुषमा स्वराज और रामनाथ कोविंद से अलग से बातचीत की थी। तब भी इस मामले पर बातचीत हुई थी।

कितनी लंबी बॉर्डर

- भारत और चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी ‘लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल’ यानी एलएसी या वास्तविक नियंत्रण रेखा है। ये जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक है। इसका करीब 220 किलोमीटर का हिस्सा सिक्किम में भी आता है। इसी हिस्से पर डोकलाम विवाद हुआ था।
- शी जिनपिंग के दोबारा चीन के राष्ट्रपति बनने के बाद यह पहला मौका है जब दोनों देशों के बीच हाईलेवल बाइलेटरल बातचीत होगी। इसके पहले 19 दौर की बातचीत हो चुकी है। इस दौरान दोनों देशों ने एलएसी पर अमन बनाए रखने पर सहमति जताई है।
- चीन ने डोकलाम विवाद के बाद नाथुला पास को बंद कर दिया था। विवाद के कुछ दिन पहले ही इसे कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए खोला गया था।

क्या है डोकलाम विवाद?

- डोकलाम में विवाद 16 जून को तब शुरू हुआ था, जब इंडियन ट्रूप्स ने वहां चीन के सैनिकों को सड़क बनाने से रोक दिया था। हालांकि चीन का दावा है कि वह अपने इलाके में सड़क बना रहा है।
- इस एरिया का भारत में नाम डोका ला है जबकि भूटान में इसे डोकलाम कहा जाता है। चीन दावा करता है कि ये उसके डोंगलांग रीजन का हिस्सा है। भारत-चीन का जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक 3488 km लंबा बॉर्डर है। इसका 220 km हिस्सा सिक्किम में आता है।

बाइलेटरल बातचीत में भारत की तरफ से नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल जबकि चीन की तरफ से वहां के स्टेट काउंसलर यांग जियची हिस्सा लेंगे।- फाइल बाइलेटरल बातचीत में भारत की तरफ से नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल जबकि चीन की तरफ से वहां के स्टेट काउंसलर यांग जियची हिस्सा लेंगे।- फाइल
X
सिक्किम के डोकलाम में भारत और चीन के सैनिक 72 दिन तक आमने-सामने रहे थे।- फाइलसिक्किम के डोकलाम में भारत और चीन के सैनिक 72 दिन तक आमने-सामने रहे थे।- फाइल
बाइलेटरल बातचीत में भारत की तरफ से नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल जबकि चीन की तरफ से वहां के स्टेट काउंसलर यांग जियची हिस्सा लेंगे।- फाइलबाइलेटरल बातचीत में भारत की तरफ से नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल जबकि चीन की तरफ से वहां के स्टेट काउंसलर यांग जियची हिस्सा लेंगे।- फाइल
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..