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दावोस: अमेरिका फर्स्ट का मतलब केवल अमेरिका नहीं है: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में बोले ट्रम्प

दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में शुक्रवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पीच दी।

Danik Bhaskar | Jan 26, 2018, 08:10 PM IST
दावोस में WEF में स्पीच देते हुए डोनाल्ड ट्रम्प। दावोस में WEF में स्पीच देते हुए डोनाल्ड ट्रम्प।

नई दिल्ली. दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में शुक्रवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पीच दी। ट्रम्प ने कहा, "अमेरिका का प्रेसिडेंट होने के नाते मैं हमेशा अमेरिका को पहले रखूंगा, लेकिन अमेरिका फर्स्ट का मतलब केवल अमेरिका से ही नहीं है। जब अमेरिका विकास करता है तो दुनिया भी करती है।" ट्रम्प ने जिहादियों के खात्मे के लिए सहयोगियों के साथ मिलकर काम करने की बात कही। बता दें कि WEF में नरेंद्र मोदी ने 50 मिनट की इनॉगरल स्पीच दी थी। इसमें उन्होंने आतंकवाद पर भी चर्चा की थी।

दावोस में और क्या बोले अमेरिकी प्रेसिडेंट?

1) व्यापार के लिए खुले हैं US के दरवाजे

- ट्रम्प ने कहा, "अमेरिका अब अनुचित व्यापारिक लेन-देन को नजरंदाज नहीं करेगा। इसमें बड़े पैमाने पर हो रही इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी की चोरी, इंडस्ट्रियल सब्सिडी भी शामिल है। ये वो लूट के तरीके हैं, जो ग्लोबल मार्केट, बिजनेस और वर्कर्स को नुकसान पहुंचा रहे हैं। और, ऐसा केवल युनाइटेड स्टेट में नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में है।"
- "अमेरिका में निवेश करने, रोजागार देने, निर्माण करने और विकास करने का इससे बेहतर मौका नहीं मिलेगा। व्यापार के लिए अमेरिका खुला है और हम एक बार फिर मुकाबले में हैं।"

2) जिहादियों को खत्म करने के लिए मिलकर काम करेंगे
- ट्रम्प ने कहा, "हम अपने सहयोगियों और साथियोंके साथ मिलकर ISIS जैसे जिहादियों को खत्म करने का काम करते रहेंगे। यूएस एक बड़े गठबंधन का नेतृत्व कर रहा है, जो आतंकवादियों से उनके इलाके छीन रहा है। मुझे ये बताते हुए खुशी हो रही है कि इस गठबंधन ने इराक और सीरिया में इन हत्यारों द्वारा छीना गया 100% इलाका वापस हासिल कर लिया है।'

मोदी ने भी स्पीच में किया था आतंकवाद का जिक्र
- वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2018 (WEF) में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इनॉगरल स्पीच दी थी। हिंदी में करीब 50 मिनट दी गई इस स्पीच में मोदी ने तीन चुनौतियों क्लाइमेट चेंज, टेररिज्म और देशों के सेल्फ सेंटर्ड होने का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने मौजूदा हालात को देखते हुए 4 जरूरतों पर भी जोर दिया था।
- मोदी ने कहा था, "दूसरी बड़ी चुनौती आतंकवाद है। इस संबंध में विश्व भर में पूरी मानवता के लिए बने खतरे से सभी सरकारें अवगत हैं। आतंकवाद जितना खतरनाक है, उससे भी खतरनाक है गुड टेररिस्ट और बैड टेररिस्ट के बीच बनाया गया आर्टिफिशियल भेद। दूसरी बात समकालीन गंभीर पहलू है पढ़े लिखे और संपन्न युवाओं का आतंकवाद में लिप्त होना।"

नरेंद्र मोदी ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में 50 मिनट की स्पीच दी थी। नरेंद्र मोदी ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में 50 मिनट की स्पीच दी थी।