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ट्रायल रन के दौरान दिल्ली मेट्रो में हादसा, दीवार तोड़ते हुए निकल गया ड्राइवरलेस इंजन

नोएडा से साउथ दिल्ली के बीच मेट्रो की नई लाइन पर 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका इनॉगरेशन करेंगे।

Danik Bhaskar | Dec 19, 2017, 05:37 PM IST
डीएमआरसी ने कहा है कि हादसे के डीएमआरसी ने कहा है कि हादसे के

नई दिल्ली. राजधानी की पहली ड्राइवरलेस मेट्रो मंगलवार को हादसे का शिकार हो गई। मेट्रो का इंजन कालिंदी कुंज डिपो की दीवार तोड़ते हुए निकल गया। हादसा शाम करीब 4.30 बजे हुआ, तब इसमें कोई सवार नहीं था। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने कहा है कि हादसे के वक्त ट्रेन धुलाई के लिए ले जाई जा रही थी। घटना की जांच के ऑर्डर दिए गए हैं। पिछले साल भी टायल के वक्त मेजेंटा लाइन पर दो ट्रेन एक ट्रैक पर आ गई थीं। पिछले महीने डीएमआरसी की ओर से इस लाइन को हरी झंडी मिल चुकी है। नोएडा से साउथ दिल्ली के बीच मेट्रो की नई मेजेंटा लाइन तैयार की गई है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के 93वें जन्मदिवस के मौके पर 25 दिसंबर को नरेंद्र मोदी इसका इनॉगरेशन करेंगे।

नोएडा से कालकाजी पहुंचाएगी नई मेट्रो

- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले महीने मेट्रो रेल सेफ्टी कमिश्नर (CMRS) की ओर से नई लाइन को मंजूरी मिल चुकी है। हादसे के पीछे तकनीकी गड़बड़ी बताई जा रही है। डीएमआरसी ने जांच के ऑर्डर दिए हैं।

- डीएमआरसी ने नोएडा के बॉटनिकल गार्डन से साउथ दिल्ली के कालकाजी मंदिर के बीच 13 किलोमीटर लंबी नई लाइन तैयार की है। इसे मेजेंटा मेट्रो लाइन नाम दिया गया है।

- मेजेंटा लाइन की लंबाई नोएडा से जनकपुरी वेस्ट तक करीब 38 किलोमीटर है। कालकाजी से आगे कंस्ट्रक्शन चल रहा है। हौज खास स्टेशन पर मेट्रो बदलकर यलो लाइन से गुड़गांव तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा।

19 मिनट के सफर में 9 स्टेशन होंगे

- नई मजेंटा लाइन पर बॉटनिकल गार्डन, ओखला बर्ड सेंचुरी, कालिंदी कुंज, जसोला विहार, शाहीन बाग, ओखला विहार, सुखदेव विहार, ओखला एनएसआइसी, कालकाजी मेट्रो स्टेशन पड़ेंगे।

- 19 मिनट में 13 किलोमीटर का सफर पूरा होगा। फिलहाल, ब्लू लाइन मेट्रो के जरिए नोएडा से मंडी हाउस और वहां से कालकाजी पहुंचने में करीब 41 मिनट लगते हैं। कार या बाइक से कालकाजी तक जाने में 52 मिनट लगते हैं। नई लाइन से पैसेंजर्स का 45 मिनट टाइम बचेगा।

डीएमआरसी ने क्या कहा?

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, दिल्ली मेट्रो ने कहा, ''जिस शख्स ने मेंटेनेंस स्टाफ से ट्रेन ली थी, उसने ब्रेक चेक नहीं किए। ट्रेन वॉशिंग प्लान्ट के रैम्प पर ले जाई जा रही थी, इसे रैम्प पर रोका गया। ब्रेक नहीं लगने पर ट्रेन पीछे चली गई।''

ट्रायल के दौरान पहले भी हुआ हादसा

- 5 नवंबर, 2016 को ट्रायल रन के दौरान मेजेंटा मेट्रो हादसे का शिकार हो गई थी। तब दो मेट्रो एक ही ट्रैक पर आ गई थीं।