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भारतीयों में बेटे की चाहत ज्यादा, टैक्सपेयर्स बढ़े, इकोनॉमिक सर्वे की 10 खास बातें

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को लोकसभा में इकोनॉमिक सर्वे पेश किया।

Dainik Bhaskar

Jan 29, 2018, 06:34 PM IST
बजट सेशन के दौरान अरुण जेटली औ बजट सेशन के दौरान अरुण जेटली औ

नई दिल्ली. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को लोकसभा में इकोनॉमिक सर्वे पेश किया। ऐसा पहली बार हुआ कि इकोनॉमिक सर्वे गुलाबी रंग में आया। इसका मकसद महिला की समस्याओं और सशक्तिकरण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाना था। सर्वे में उम्मीद जताई गई कि 2018-19 में 7-7.5% की ग्रोथ के चलते भारत एक बार फिर दुनिया की सबसे तेज विकसित होने वाली इकोनॉमी बन सकती है। इसके अलावा जीएसटी के असर, एक्सपोर्ट स्ट्रक्चर और भारतीय समाज की बेटे की ख्वाहिश जैसे प्वाइंट्स को हाईलाइट किया गया।


इकोनॉमिक सर्वे, 10 खास बातें

1) गुलाबी रंग में इकोनॉमिक सर्वे

- पहली बार गुलाबी रंग में इकोनॉमिक सर्वे पेश किया गया। इस बार इस रंग का चुनाव इसलिए किया गया, ताकि महिला सशक्तिकरण और महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा को खत्म करने के लिए लगातार बढ़ रहे अभियान के समर्थन को प्रदर्शित किया जा सके।

2) टैक्सपेयर्स बढ़े
- इकोनॉमिक सर्वे में बताया गया कि डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्सपेयर्स के रजिस्ट्रेशन में बड़ा इजाफा हुआ है। प्री-GST सिस्टम के मुकाबले GST के तहत यूनीक इनडायरेक्ट टैक्सपेयर्स में 50% का इजाफा हुआ है। नवंबर 2016 से इनकम टैक्स फाइल करने वालों में 18 लाख की बढ़ोतरी हुई है।

- इकोनॉमिक सर्वे में बताया गया कि फॉर्मल नॉन एग्रीकल्चर पेरोल अनुमान से कहीं अधिक पाया गया। EPFO/ESIC जैसे सोशल सिक्युरिटी प्रॉविजंस के नजरिए फॉर्मल पेरोल 30% थी और GST में होने के पैमाने पर जब इसे आंका गया तो ये 50% थी।

3) अंतरराष्ट्रीय व्यापार और राज्यों की खुशहाली
- राज्यों का विकास उनके इंटरनेशनल और देश के भीतर व्यापार से जुड़ा रहता है। जो राज्य ज्यादा इंटरनेशनल और दूसरे राज्यों से व्यापार करते हैं, वे ज्यादा अमीर होते हैं। लेकिन, ये जुड़ाव इंटरनेशनल ट्रेड और खुशहाली और समृद्धि में ज्यादा पाया गया।

4) निर्यात का ढांचा सबके लिए एक जैसा
- इकोनॉमिक सर्वे में कहा गया कि भारत का मजबूत एक्सपोर्ट स्ट्रक्चर (निर्यात ढांचा) सभी के लिए एक जैसा है और वास्तव में इस ढांचे की ये खूबी भारत में दूसरे बड़े देशों की अपेक्षा कहीं ज्यादा है। भारत की टॉप 1% फर्म देश का 38% एक्सपोर्ट करती हैं। जबकि, ब्राजील में ये 72%, जर्मनी में 68%, मैक्सिको में 67% और अमेरिका में 55% एक्सपोर्ट टॉप 1% कंपनियां करती हैं। भारत में ऐसा टॉप 5% या 10%, या फिर और ज्यादा में ऐसा देखा जा रहा है।

5) रेडीमेड गारमेंट का एक्सपोर्ट बढ़ा
- कपड़ा इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों से रेडीमेड गारमेंट्स का एक्पोर्ट बढ़ा है। 2016 में अनाउंस किए गए रिलीफ फ्राम इम्बेडेड स्टेट टैक्स (ROSL) की वजह से रेडीमेड गारमेंट्स का एक्सपोर्ट 16% तक बढ़ा।

(6) भारतीय समाज में बेटे की ख्वाहिश ज्यादा
- इस सर्वे में यह भी बताया गया कि भारतीय समाज में बेटे को प्रिफरेंस दी जाती है। माता-पिता उस वक्त तक बच्चों की तादाद बढ़ाते हैं जब तक की उनकी मनचाहे संख्या तक बेटे पैदा नहीं हो जाते। इस तरह का विषम लिंग अनुपात अलग-अलग दिशाओं में की ओर ले जाता है।

(7) टैक्स डिपार्टमेंट को मुकदमेबाजी से बचना होगा
- सर्वे में टैक्स क्षेत्र में मुकदमे बाजी है, जिसे सरकार कम कर सकती है: टैक्स डिपार्टमेंट की पिटीशन का रेट काफी ज्यादा है। वहीं, इनकी कामयाबी का रेट काफी है। यह 30% के नीचे है।

(8) इन्वेस्टमेंट को बढ़ाना जरूरी
- फिर से ग्रोथ बढ़ाने के लिए, सेविंग्स को बढ़ाने से ज्यादा इन्वेस्टमेंट को बढ़ाना ज्यादा अहम है। क्रॉस कंट्री डाटा बताते हैं कि ग्रोथ में गिरावट इन्वेस्टमेंट गिरावट से बेहतर होती है। हालांकि सेविंग्स में गिरावट की वजह से हो यह जरूरी नहीं है।

(9) डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन हुआ कम
- भारतीय राज्यों और लोकल गवर्मेंट्स का डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन दूसरे संघीय देशों के तुलना में काफी कम पाया गया है। यह शेयर इनके डायरेक्ट टैक्स की तुलना में काफी कम है।

(10) एग्रीकल्चर पर दिखेगा क्लाइमेट चेंज का असर
- क्लाइमेट चेंज का असर आने वाले सालों में एग्रीकल्चर पर दिखेगा। इसमें बताया गया कि टेम्परेचर बढ़ने और बारिश कम होने से अनाज की पैदावार पर इसका असर दिख सकता है।

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