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रेलवे होटल अलॉटमेंट केस: ED ने राबड़ी से 6 घंटे की पूछताछ, दिल्ली की बजाय पटना आई टीम

बिहार की पूर्व चीफ मिनिस्टर राबड़ी देवी से इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने करीब 6 घंटे तक पूछताछ की।

Danik Bhaskar | Dec 02, 2017, 09:22 PM IST
राबड़ी देवी और लालू यादव के खिलाफ रेलवे होटल टेंडर घोटाले में केस दर्ज किए गए हैं। - फाइल राबड़ी देवी और लालू यादव के खिलाफ रेलवे होटल टेंडर घोटाले में केस दर्ज किए गए हैं। - फाइल

पटना. बिहार की पूर्व चीफ मिनिस्टर राबड़ी देवी से शुक्रवार को इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने करीब 6 घंटे तक पूछताछ की। सीनियर अफसर के मुताबिक, राबड़ी से रेलवे होटल अलॉटमेंट करप्शन केस के सिलसिल में सवाल पूछे गए। सोर्सेस के मुताबिक, टीम ने राबड़ी से करीब 60 सवाल पूछे। इस मामले में ED ने 6 बार राबड़ी को समन भेजे थे, लेकिन तब राबड़ी पूछताछ के लिए नहीं पहुंची थीं। माना जा रहा है कि राबड़ी ने ED से दिल्ली की बजाय पटना में पूछताछ की अपील की थी, जिसके बाद टीम पटना आई।

तेजस्वी से 8 घंटे हुई थी पूछताछ

- इससे पहले ईडी ने बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव से दो बार पूछताछ की है। पिछले महीने ईडी की टीम ने तेजस्वी यादव से साढ़े 8 घंटे तक पूछताछ की थी। मनी लाॅन्ड्रिंग से जुड़े मामले में ईडी की ओर से उन्हें समन भेज कर जांच टीम के सामने पेश होने को कहा गया था। तेजस्वी 13 नवंबर को सुबह 11 बजे दिल्ली में ईडी दफ्तर में पहुंचे। उनके बयान लिए गए। इस दौरान अधिकतर सवाल होटल टेंडर के मामले में हुए लेन-देन व अन्य संपत्तियों के बारे में पूछे गए। देर शाम करीब साढ़े 7 बजे तेजस्वी बाहर निकले।

कब दर्ज हुई थी एफआईआर?
- आईआरसीटीसी के 2 होटलों की नीलामी में बड़े पैमाने पर हुए घोटाले को लेकर सीबीआई ने 7 जुलाई को लालू समेत 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इस सिलसिले में उनके 12 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी।
- सीबीआई ने सितंबर और अक्टूबर में लालू और तेजस्वी को पूछताछ के लिए चार बार समन भेजे थे। लेकिन, तब वे व्यस्तताओं का हवाला देकर वे पेश नहीं हुए थे। बाद में सीबीआई ने लालू और तेजस्वी से पूछताछ की थी।

स्कैम का शक क्यों?
- सीबीआई के एडिशनल डायरेक्टर, राकेश अस्थाना ने बताया था, "लालू यादव रेल मंत्री थे, तब रेलवे के पुरी और रांची स्थित बीएनआर होटल को IRCTC को ट्रांसफर किया था। इन्हें रख-रखाव और इम्प्रूव करने के लिए लीज पर देने की प्लानिंग थी।"
- "इसके लिए टेंडर विनय कोचर की कंपनी मेसर्स सुजाता होटल्स को दिए गए। टेंडर प्रॉसेस में हेर-फेर किया गया था। टेंडर की यह प्रॉसेस आईआरसीटीसी के उस वक्त के एमडी पीके गोयल ने पूरी की।"
- "टेंडर के एवज में 25 फरवरी 2005 को कोचर ने पटना के बेली रोड स्थित 3 एकड़ जमीन सरला गुप्ता की कंपनी मेसर्स डिलाइट मार्केटिंग कंपनी लिमिटेड (डीएमसीएल) को 1.47 करोड़ रुपए में बेच दी, जबकि बाजार में उसकी कीमत 1.93 करोड़ रुपए थी। इसे एग्रीकल्चर लैंड बताकर सर्कल रेट से काफी कम पर बेचा गया, स्टैम्प ड्यूटी में गड़बड़ी की गई।''
- "बाद में 2010 से 2014 के बीच यह बेनामी प्रॉपर्टी लालू की फैमिली की कंपनी लारा प्रोजेक्ट को सिर्फ 65 लाख में ट्रांसफर कर दी गई, जबकि सर्कल रेट के तहत इसकी कीमत करीब 32 करोड़ थी और मार्केट रेट 94 करोड़ रुपए था।''
- एफआईआर में आरोप है, "कोचर ने जिस दिन डीएमसीएल के फेवर में यह सौदा किया, उसी दिन रेलवे बोर्ड ने आईआरसीटीसी को उसे बीएनआर होटल्स सौंपे जाने के अपने फैसले के बारे में बताया।"

इस मामले में किन पर FIR दर्ज है?
- सीबीआई ने लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
- एफआईआर में सुजाता होटल के दोनों डायरेक्टर्स और चाणक्य होटल के मालिकों विजय कोचर और विनय कोचर और आईआरसीटीसी के पूर्व एमडी पीके गोयल समेत कई लोगों के नाम हैं।

राबड़ी के बेटे तेजस्वी से भी ईडी पूछताछ कर चुकी है। राबड़ी के बेटे तेजस्वी से भी ईडी पूछताछ कर चुकी है।