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नीरव मोदी केस में बाल-बाल बचीं प्रियंका, बिपाशा और कंगना; विज्ञापन करने पर लग सकता था 3 साल का प्रतिबंध

प्रियंका चोपड़ा नीरव मोदी ब्रांड और बिपाशा-कंगना मेहुल चौकसी के गीतांजली ब्रांड के साथ जुड़ी थीं।

Dainik Bhaskar

Mar 02, 2018, 08:57 AM IST
नीरव मोदी ब्रांड के लिए विज्ञापन करती थीं बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा। नीरव मोदी ब्रांड के लिए विज्ञापन करती थीं बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा।

नई दिल्ली. नीरव मोदी मामले में बॉलीवुड की स्टार सेलिब्रिटीज प्रियंका चोपड़ा, बिपाशा बसु और कंगना रनौत बाल-बाल बच गईं। अगर कंज्यूमर्स को ठगी और जालसाजी से बचाने वाला ‘कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल’ शीतकालीन सत्र में लागू हो गया होता तो इसके प्रावधानों के मुताबिक, तीनों हीरोइनों पर 3 साल तक एडवर्टिजमेंट करने से प्रतिबंध लग सकता था।

नीरव-मेहुल पर खराब क्वालिटी के हीरे बेचने का आरोप

- नीरव मोदी और मेहुल चौकसी पर खरीददारों को खराब क्वालिटी के हीरे के जेवर बेचने के आरोप लगे हैं। ऐसे में उनकी कंपनियों का ब्रांड प्रमोशन कर के प्रियंका, बिपाशा और कंगना पर भी कस्टमर्स के साथ धोखा करने का आरोप लगता।
- बता दें कि प्रियंका चोपड़ा नीरव मोदी के ब्रांड प्रमोशन से जुड़ी थीं। वहीं बिपाशा और कंगना मेहुल चौकसी के गीतांजलि ब्रांड के प्रमोशन से।
- हालांकि, ये हीरोइन भी पंजाब नेशनल बैंक के 12000 करोड़ से अधिक के घोटाले के आरोपी नीरव और चौकसी पर उनके साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगा रही हैं।

बिल आने के बाद प्रोडक्ट-ब्रांड की पूरी जानकारी लेंगे सेलिब्रिटीज

- कंज्यूमर ऑनलाइन फाउंडेशन के संस्थापक बिजॉय मिश्रा के मुताबिक, उपभोक्ता की खरीदारी इन सेलिब्रिटीज के प्रमोशन से प्रभावित होती है। यही वजह है कि बिक्री बढ़ाने के लिए कारोबारी बड़े-बड़े सेलिब्रिटी का सहारा लेते हैं।
- उन्होंने बताया कि बिल पारित होने के बाद सेलिब्रिटी विज्ञापन करने से पहले उस प्रोडक्ट और उस ब्रांड की पूरी जानकारी लेंगे जिसका वो प्रमोशन करने जा रहे हैं।

भ्रामक विज्ञापनों पर लगेगा 10 से 50 लाख तक जुर्माना

- उन्होंने बताया कि आगामी 5 मार्च से आरंभ होने वाले संसद सत्र में यह कानून आ सकता है। शीतकालीन सत्र के दौरान इस साल 5 जनवरी को लोक सभा में यह बिल पेश किया जा चुका है। पिछले तीन साल से यह बिल लटक रहा है।
- बिल के मुताबिक, भ्रामक विज्ञापन छापने पर भी 10 लाख रुपए तक का जुर्माना होगा। इसके अलावा बिल में कंज्यूमर्स के हितों को ध्यान में रखते हुए सेंट्रल कंज्यूमर्स अथॉरिटी (CCA) का गठन करने की बात भी कही गई है। भ्रामक विज्ञापन की शिकायत पर प्राधिकरण उसकी जांच करेगा। किसी भी प्रकार का फैसला देने से पहले प्राधिकरण संबंधित पार्टी को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका देगा।
- जांच में विज्ञापन भ्रामक पाए जाने पर या उपभोक्ता के हित का किसी भी प्रकार से नुकसान होने की स्थिति में प्राधिकरण उस विज्ञापन को वापस लेने, उसके प्रसारण पर रोक या विज्ञापन में बदलाव का आदेश दे सकता है। बिल में प्राधिकरण को भ्रामक विज्ञापन बनाने वाली कंपनी या उसे करने वाले मॉडल पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाने का भी अधिकार दिया गया है। यह जुर्माना 50 लाख रुपए तक जा सकता है।

गीतांजलि के विज्ञापनों में नजर आ चुकी हैं बिपाशा और कंगना। गीतांजलि के विज्ञापनों में नजर आ चुकी हैं बिपाशा और कंगना।
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नीरव मोदी ब्रांड के लिए विज्ञापन करती थीं बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा।नीरव मोदी ब्रांड के लिए विज्ञापन करती थीं बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा।
गीतांजलि के विज्ञापनों में नजर आ चुकी हैं बिपाशा और कंगना।गीतांजलि के विज्ञापनों में नजर आ चुकी हैं बिपाशा और कंगना।
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