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नीरव-माल्या जैसे भगोड़ों की संपत्ति जब्त करने के लिए कानून बनेगा, 100 करोड़ से ज्यादा का लाेन नहीं लौटाने वालों पर कसेगा शिकंजा

बिल को कैबिनेट की मंजूरी, बजट सत्र के दूसरे चरण में संसद में पेश होगा बिल ।

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 08:09 AM IST
नीरव मोदी और विजय माल्य जैसे भगोड़े कारोबारियों की संपत्ति जब्त करने के लिए लाया जा रहा है बिल। नीरव मोदी और विजय माल्य जैसे भगोड़े कारोबारियों की संपत्ति जब्त करने के लिए लाया जा रहा है बिल।

नई दिल्ली. अमेरिका ने शुक्रवार को कहा कि हमें नीरव मोदी के यूएस में होने का पता है लेकिन हम इस बात की पुष्टि नहीं कर सकते। वहीं भारत सरकार ने कहा कि विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चौकसी जैसे भगोड़े आर्थिक अपराधियों की सारी संपत्ति जब्त करने के लिए कानून बनेगा। यह 100 करोड़ रु. से ज्यादा की धोखाधड़ी करने वालों पर लागू होगा। इससे जुड़ा बिल गुरुवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूर कर लिया। इसमें बेनामी सहित सारी संपत्ति जब्त करने का प्रावधान है। विदेशी संपत्ति जब्त करने के लिए दूसरे देशों के साथ काम किया जाएगा। अपराधी देश में सिविल दावा भी नहीं कर पाएगा।

हमें सारी मीडिया रिपोर्ट्स की जानकारी है: US

- अमेरिकी विदेश विभाग के स्पोक्सपर्सन के मुताबिक, "सरकार को उन मीडिया रिपोर्ट्स की जानकारी है, जिनमें नीरव मोदी के न्यूयॉर्क में छिपे होने की बात कही गई है।" हालांकि, उन्होंने इन रिपोर्ट्स की पुष्टि करने से इनकार कर दिया।

- यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका मोदी का पता लगाने के लिए भारत की मदद कर रहा है, यूएस अफसर ने कहा कि नीरव मोदी की तफ्तीश और भारतीय अथॉरिटीज को कानूनी मदद के लिए मामले को डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस को सौंप दिया गया है।

जेटली ने किया कानून का एलान

- वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक, 2018 को 5 मार्च से शुरू हो रहे बजट सत्र के दूसरे चरण में संसद में रखा जाएगा।
- आर्थिक अपराध में जिनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है, उन्हें भगोड़ा माना जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल ऐसे अपराधियों के साथ सहानुभूति नहीं जताना चाहेगा। नए कानून से जल्द से जल्द रिकवरी संभव होगी।

किन कारोबारियों के लिए कानून?

- ट्रायल में शामिल होने से इनकार करने वाले इस कानून के दायरे में आएंगे। 100 करोड़ से ज्यादा का लाेन जानबूझकर नहीं लौटाने वालों पर भी इसके प्रावधान लागू होंगे।

क्यों उठी कानून की मांग?

- बैंकों का 9 हजार करोड़ रु. से अधिक का बकाया चुकाए बिना शराब कारोबारी विजय माल्या देश छोड़ चुका है। पीएनबी के साथ 12,717 करोड़ की धोखाधड़ी के बाद हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी भी भाग चुके हैं। इन घटनाओं के कारण ऐसे सख्त कानून की जरूरत महसूस हुई।

ऑडिटर्स पर नजर रखने के लिए अथॉरिटी को मंजूरी

कैबिनेट ने नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी के गठन को भी मंजूरी दी है। यह ऑडिटिंग के पेशे के लिए एक स्वतंत्र रेगुलेटर के तौर पर काम करेगी। पीएनबी घोटाले में ऑडिटिंग की लापरवाही सामने आने के बाद सरकार ने यह फैसला किया है। वित्त मंत्री जेटली ने बताया कि चार्टर्ड अकाउंटेंट, उनकी कंपनियां, लिस्टेड कंपनियां और बड़ी नॉन लिस्टेड कंपनियां भी इस अथॉरिटी के दायरे में आएंगी। सरकार विशेष हालात में कंपनी की जांच भी इस अथॉरिटी को सौंप सकती है।

गुरुवार को कैबिनेट में पास हो गया फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स बिल, बजट सत्र में सरकार इसे संसद में पेश करेगी। गुरुवार को कैबिनेट में पास हो गया फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स बिल, बजट सत्र में सरकार इसे संसद में पेश करेगी।