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GST काउंसिल ने हॉस्पिटल कैटरिंग पर लगने वाला टैक्स हटाया, कई और सर्विसेज में भी रियायत

मरीज को डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन में दिए जाने वाले खाने पर 5% टैक्स था, जो अब 0% कर दिया गया है।

गुरुदत्त तिवारी | Last Modified - Feb 07, 2018, 10:01 AM IST

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    नर्सिंग होम सर्विसेज पर लगने वाले टैक्स की दरों में रियायत देने पर जीएसटी काउंसिल में सहमति बन चुकी है। -सिम्बॉलिक इमेज

    भोपाल. गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) काउंसिल की आम बजट पर हुई मीटिंग में कई अहम फैसले किए थे। इसके तहत नर्सिंग होम और हॉस्पिटल की सर्विसेज पर जीएसटी में कुछ राहत मिल सकती है। अब तक हॉस्पिटल में मरीज को दिए जाने वाले खाने को केटरिंग सर्विस माना जा रहा था, लेकिन अब इसे इलाज का ही हिस्सा माना जाएगा। इसलिए, इस पर लगने वाला टैक्स हटा लिया गया है। अगर अस्पताल अटेंडर को खाना देता है तो उसे पहले की ही तरह टैक्स देना होगा।

    नर्सिंग होम को भी रियायत
    - नर्सिंग होम सर्विसेज पर लगने वाले टैक्स की दरों में रियायत देने पर जीएसटी काउंसिल में सहमति बन चुकी है। इसका नोटिफिकेशन एक या दो दिन में जारी हो सकता है।

    बदलाव के बाद कितना टैक्स लगेगा?
    1) मरीज को डॉक्टर के दिशा-निर्देश में दिए जाने वाले खाने पर 5% टैक्स था, जो अब 0% कर दिया गया है।
    2) अटेंडर को जो खाना परोसा जाता है उस पर पहले भी 5% टैक्स था अब भी उस पर 5% टैक्स लगता रहेगा।
    3) विजिटिंग डॉक्टर पूरी फीस रखता है तो टैक्स नहीं, लेकिन अस्पताल कमीशन लेता है तो उस राशि पर 18% लगेगा।
    4) अस्पताल की कंसल्टेंट सेवाओं पर 18% टैक्स था, जिसे अब सरकार ने घटाकर जीरो फीसदी कर दिया है।

    सब कॉन्ट्रैक्टर को भी देना होगा 12% GST
    - जीएसटी आने के बाद जो कॉन्ट्रैक्टर केंद्र, राज्य सरकार और लोकल बॉडी से ठेके लेते हैं, उनपर 12% जीएसटी लगता है, लेकिन ज्यादातर कॉन्ट्रैक्टर ठेका मिलने के बाद उसे सब कॉन्ट्रेक्टर से करवाते हैं। सब कॉन्ट्रेक्टर की पेमेंट पर जीएसटी 18% था। इससे सरकारी प्रोजेक्ट की लागत बढ़ रही थी। अब सब कॉन्ट्रेक्टर भी 12% दायरे में आ गए हैं।

    GST कम होने से हम पर होंगे ये असर

    एंट्रेंस एग्जाम पर भी GST 0% किया
    - कई कॉलेज, यूनिवर्सिटी एंट्रेंस एग्जाम करते हैं। इन पर अभी 18% जीएसटी लग रहा था, लेकिन काउंसिल ने इसे घटाकर जीरो फीसदी कर दिया है।
    - यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन जनरल और पीरियोडिकल्स खरीदने पर लगने वाले 18 फीसदी जीएसटी को भी घटाकर जीरो फीसदी कर दिया है।

    स्कूल बस
    - जीएसटी 18% से 0% किया कोई बस ऑपरेटर किराए पर गाड़ी लेकर स्टूडेंट और टीचिंग स्टाफ को लाना ले जाना करते हैं तो उसे अभी 18% जीएसटी देना होता है, लेकिन इसे घटाकर अब शून्य कर दिया गया है।

    7500 रुपए मेंटेनेंस चार्ज पर लगेगा जीएसटी
    - हाउसिंग वेलफेयर सोसायटीज अपने मेंबर से मेंटेनेंस चार्ज लेकर कॉलोनी का डेवलपमेंट करती हैं।

    - जीएसटी में सोसायटी को दिए जाने वाले 5000 रुपए तक के चार्ज पर जीएसटी नहीं लगता था, जिसे अब 7,500 रुपए कर दिया गया है।

    बुटिक सर्विस
    18% जीएसटी को घटाकर 5% कर दिया गया है।

    पानी का जार
    20 लीटर पानी के जार पर टैक्स 18% से घटाकर 12% किया गया।

    मैकेनिक-प्लंबर
    ऑनलाइन ऑपरेटर को मैकेनिक-प्लंबर की हर बुकिंग पर 5% जीएसटी लगेगा, जो पहले 18% था।

    'फैसला टैक्स की बेवजह की देनदारियों से बचाने के लिए'

    - भोपाल टैक्स लॉ बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट एस कृष्णन ने कहा कि जीएसटी काउंसिल ने ताजा फैसला धर्मार्थ, शैक्षणिक संस्थाओं और अस्पतालों में बन रही टैक्स की बेवजह की देनदारियों से बचाने के लिए किया है। इससे अस्पताल और स्कूल का संचालन आसान होगा।

    'अब सरकार ने टैक्स की दोनों दरें एक कर दी हैं'
    - नगर निगम कॉन्ट्रैक्टर मुन्नालाल राठौर का कहना है कि ज्यादातर कॉन्ट्रैक्टर काम को लेट करते हैं। कॉन्ट्रैक्टर उन्हें जो चैक देते थे उस पर अभी 18% टैक्स लगाना पड़ रहा था, जबकि कॉन्ट्रैक्टर को सरकार से मिलने वाले पेमेंट पर 12% जीएसटी ही लग रहा था। अब सरकार ने ये दोनों दरें एक कर दी हैं।

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    नए फैसलों पर एक-दो दिन में नोटिफिकेशन जारी होने की उम्मीद है। -सिम्बॉलिक इमेज
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