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ब्लूटूथ से EVM कनेक्ट होने की शिकायत के बाद EC की टीम पोरबंदर पहुंची

EC का दावा है कि EVM कनेक्ट नहीं हुई थी, बल्कि मोबाइल पर कोई दूसरी डिवाइस का कोड आ रहा था।

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2017, 03:46 PM IST
VIDEO: इलेक्शन कमीशन का कहना है कि VIDEO: इलेक्शन कमीशन का कहना है कि

पोरबंदर. गुजरात चुनाव के पहले फेज में वोटिंग के दौरान शनिवार को पोरबंदर में ठक्कर प्लॉट के पोलिंग स्टेशन पर ब्लूटूथ से ईवीएम के कनेक्ट होने की शिकायत की गई। इसके बाद ईसी की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, जांच के बाद ईसी ने इस दावे को गलत बताया और कहा कि यह आसपास की किसी और डिवाइस के कनेक्ट होने का मामला था।

कांग्रेस कैंडिडेट ने की थी शिकायत

- यह शिकायत पोरबंदर से कांग्रेस कैंडिडेट अर्जुन मोढवाडिया ने की थी। मोढवाडिया कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। उनका मुकाबला बीजेपी के कद्दावर नेता बाबू बोखिरिया से है। - बता दें कि बोखिरिया ही यहां से मौजूदा विधायक हैं। उन्होंने पिछले चुनाव में अर्जुन मोढवाडिया को 17146 वोटों से हराया था।

EC की टीम ने की EVM की जांच

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईसी की टेक्निकल टीम ने जांच के बाद दावा किया कि ईवीएम ब्लूटूथ से कनेक्ट नहीं हुई थी।

- ईसी की टीम के ईवीएम इंजीनियर एस आनंद ने मीडिया से कहा, "मोबाइल पर ब्लूटूथ ऑन करने पर आसपस की डिवाइस का नाम शो होता है। मोबाइल पर ईको 105 शो हो रहा था, जो इंटेक्स कंपनी का मोबाइल का कोड था। आप इस नाम को बदल भी सकते हैं। आप अपना नाम रख देंगे तो वही शो होगा।"
- बता दें कि ईवीएम पर सवाल उठने के बाद ही इस साल सुप्रीम कोर्ट ने आगे होने वाले सभी चुनावों में वीवीपीएटी का इस्तेमाल करने का आदेश दिया था।

एरर की वजह से बदली गईं कुछ EVM

- उधर, ईवीएम में गड़बड़ियों की शिकायत के सवाल पर डिप्टी डिस्ट्रक्ट इलेक्टोरल ऑफिसर योगेश ठाक्कर ने कहा, "इस तरह की काई शिकायत नहीं मिली है। एरर की वजह से कुछ ईवीएम को बदला गया है।"

जेटली ने कहा- यह अाने वाली हार की तैयारी

- मोढवाडिया की इस शिकायत को लेकर किए गए सवाल पर अरुण जेटली ने कहा, "यह बयान बेबुनियाद है। ऐसे बयान दिए जाते हैं तो हम कुछ नहीं कर सकते, लेकिन यह कहा जा सकता है कि यह आने वाली हार की तैयारी है।"

EVM पर विवाद कब शुरू हुआ?

- इसी साल 5 राज्यों में आए चुनावी नतीजों के बाद EVM के इस्तेमाल पर मायावती, हरीश रावत, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल जैसे नेताओं ने सवाल उठाए। इन राज्यों में से यूपी और उत्तराखंड में बीजेपी को भारी बहुमत मिला। खासकर केजरीवाल और मायावती ने आरोप लगाया कि यूपी में इस्तेमाल हुई EVM में भारी गड़बड़ी हुई थी। इसी वजह से नतीजे बीजेपी के फेवर में आए थे।

क्या है VVPAT?
- यह वोटिंग के वक्त वोटर्स को फीडबैक देने का एक तरीका है। इसके तहत ईवीएम से प्रिंटर की तरह एक मशीन अटैच की जाती है। वोट डालने के 10 सेकंड बाद इसमें से एक पर्ची निकलती है, जिस पर सीरियल नंबर, नाम और उस कैंडिडेट का इलेक्शन सिम्बल होता है, जिसे आपने वोट डाला है। यह पर्ची मशीन से निकलने के बाद उसमें लगे एक बॉक्स में चली जाती है।

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