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गुजरात चुनाव: कांग्रेस को वोट शेयर बढ़ने का भरोसा, 2012 में BJP से 9% कम वोट मिले थे

गुजरात असेंबली इलेक्शन के लिए 9 और 14 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे, जबकि नतीजों का एलान 18 तारीख को होगा।

Dainik Bhaskar

Dec 02, 2017, 09:13 PM IST
गुजरात के कांग्रेस नेताओं का दावा है कि पाटीदार, पिछड़े और दलितों के सपोर्ट से पार्टी का वोट शेयर बढ़ेगा। -फाइल गुजरात के कांग्रेस नेताओं का दावा है कि पाटीदार, पिछड़े और दलितों के सपोर्ट से पार्टी का वोट शेयर बढ़ेगा। -फाइल

अहमदाबाद. गुजरात विधानसभा चुनाव में लोकल लीडर्स (हार्दिक पटेल-अल्पेश ठाकरो-जिग्नेश मेवानी) के सपोर्ट से कांग्रेस को वोट शेयर बढ़ने की उम्मीद है। पार्टी नेताओं का दावा है कि पाटीदार, पिछड़े और दलित नेताओं का साथ मिलने से 2012 में बीजेपी के साथ 9% वोट शेयर का अंतर खत्म हो जाएगा। वहीं, करीब 2 दशक से राज्य में सरकार चला रही बीजेपी कह रही है कि इस बार परफॉर्मेंस पिछले इलेक्शन से बेहतर होगी। बीजेपी प्रेसिडेंट अमित शाह ने इस बार कुल 182 में से 150 सीटें जीतने का टारगेट रखा है। बता दें कि गुजरात असेंबली इलेक्शन के लिए 9 और 14 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे, जबकि नतीजों का एलान 18 तारीख को होगा।

वोट शेयर बढ़ाने के लिए कांग्रेस ने जाति कार्ड खेला

- कांग्रेस ने वोट शेयर बढ़ाने के लिए इस बार ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर और दलित चेहरा रहे जिग्नेश मेवानी को जोड़ा है। पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (PAAS) के नेता हार्दिक पटेल का भी सपोर्ट उन्हें मिला है।

- ठाकोर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। हार्दिक ने भी मुख्य विपक्ष पार्टी को सपोर्ट करने का एलान किया है। जबकि जिग्नेश नॉर्थ गुजरात की वोडगाम सीट से निदर्लीय चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने यहां अपना कैंडिडेट खड़ी ना कर उनके सपोर्ट की बात कही है।

पिछले चुनाव में किसे कितने वोट मिले थे?

- इलेक्शन कमीशन के मुताबिक, 2012 के चुनाव में बीजेपी को 48% और कांग्रेस को 39% वोट मिले थे। वोट प्रतिशत के मामले में दोनों पार्टियों के बीच सिर्फ 9% का अंतर था।

- इस तरह से बीजेपी 115 और कांग्रेस 61 सीटें जीतने में कामयाब रही थी। जबकि एनसीपी और केशुभाई पटेल की पार्टी गुजरात परिवर्तन पार्टी को 2-2 सीटें मिलीं। जेडीयू और निर्दलीय ने 1-1 सीट पर जीत हासिल की।

- बता दें कि गुजरात में 3.8 करोड़ से ज्यादा वोटर थे। राज्य के 26 जिलों में 72% वोटिंग हुई थी। अब 5 साल बाद वोटर्स की संख्या 4.35 करोड़ पहुंच चुकी है।

वोट शेयर को लेकर कांग्रेस ने क्या कहा?

- गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वर्किंग प्रेसिडेंट कुंवरजीभाई बावलिया कहते हैं कि इस बार हमारी पार्टी बीजेपी को कड़ी चुनौती देगी। कांग्रेस का अपना कैंपेन, पाटीदारों से हार्दिक पटेल की अपील, अल्पेश और जिग्नेश की मौजूदगी पिछड़े-दलित वोटर्स के लिहाज से अहम होगी।

- 2012 की बात करें तो उस वक्त हार्दिक नहीं थे, ना ही अल्पेश और जिग्नेश हमारे साथ थे। अगर कांग्रेस अपने दम पर ही 39% वोट हासिल कर सकती है तो इन तीनों के साथ आने से पार्टी को फायदा होगा। कांग्रेस का वोट शेयर निश्चित तौर पर बढ़ेगा।

बीजेपी ने कहा- कांग्रेस के दावों में दम नहीं

- वोट शेयर बढ़ने के कांग्रेस के दावों पर गुजरात बीजेपी के स्पोक्सपर्सन, हर्षद पटेल ने कहा कि 2012 के बाद लोकसभा चुनाव भी हुए थे। तब गुजरात की कई विधानसभा सीटों पर बीजेपी को भारी बहुमत मिला था। हमें 26 संसदीय क्षेत्रों में जीत मिली थी। कांग्रेस सिर्फ 14 विधानसभा क्षेत्रों में सिमट कर रह गई थी।

- तीन साल पहले बीजेपी को मिला जन समर्थन जारी रहेगा और हमें पिछले विधानसभा चुनाव से भी ज्यादा वोट शेयर हासिल होगा। हालांकि, ये सभी है कि दोनों पार्टियों के वोट शेयर में सिर्फ 9% का अंतर था, लेकिन हमारे विधायक ज्यादा जीते थे।

- बीजेपी प्रेसिडेंट अमित शाह ने इस बार 150 सीटें जीतने का टारगेट रखा है। बीजेपी ट्रेडिंग कम्युनिटी और आदिवासियों पर फोकस कर रही है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

- राजकोट के सीनियर जर्नलिस्ट जयेश ठक्कर के मुताबिक, पिछले इलेक्शन में कांग्रेस ने 176 सीटों पर चुनाव लड़ा था। जबकि बीजेपी के कैंडिडेट्स सभी सीटों पर थे। इसीलिए कांग्रेस का वोट शेयर 8% कम रहा। इस बार उसे फायदा मिल सकता है।

- 28 सीटों पर हार-जीत का अंतर 4 हजार वोट से कम था। इनमें से कांग्रेस को 17, बीजेपी को 7 और बाकी सीटें अन्य को मिली थीं। मतलब कि इस बार दोनों पार्टियों के पास चुनाव जीतने का मौका बराबर है।

- पिछले चुनाव में कांग्रेस को इन सीटों पर सीट हासिल करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। इस बार पाटीदार, पिछड़े और दलितों का सपोर्ट कांग्रेस को मिलता दिख रहा है। इसलिए बीजेपी कैंडिडेट्स को जीतने के लिए और जोर लगाना होगा।

कांग्रेस को 2012 के असेंबली इलेक्शन में 61 सीटें मिली थीं। वोट शेयर बीजेपी से सिर्फ 9% कम था। -फाइल कांग्रेस को 2012 के असेंबली इलेक्शन में 61 सीटें मिली थीं। वोट शेयर बीजेपी से सिर्फ 9% कम था। -फाइल
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गुजरात के कांग्रेस नेताओं का दावा है कि पाटीदार, पिछड़े और दलितों के सपोर्ट से पार्टी का वोट शेयर बढ़ेगा। -फाइलगुजरात के कांग्रेस नेताओं का दावा है कि पाटीदार, पिछड़े और दलितों के सपोर्ट से पार्टी का वोट शेयर बढ़ेगा। -फाइल
कांग्रेस को 2012 के असेंबली इलेक्शन में 61 सीटें मिली थीं। वोट शेयर बीजेपी से सिर्फ 9% कम था। -फाइलकांग्रेस को 2012 के असेंबली इलेक्शन में 61 सीटें मिली थीं। वोट शेयर बीजेपी से सिर्फ 9% कम था। -फाइल

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