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5600kg का देश का सबसे वजनी सैटेलाइट तैयार, इसी महीने लॉन्चिंग; मिलेगी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस

8 साल पुराना प्रोजेक्ट, लागत 1117 करोड़ रु., चार बार टल चुकी है लॉन्चिंग।

Dainik Bhaskar

Jan 08, 2018, 08:13 AM IST
जीसैट-11 को इस साल जनवरी में और जीसैट-20 को साल के आखिरी तक भेजने की योजना है। ये तीनों मल्टिपल स्पॉट बीम टेक्नोलॉजी पर काम करेंगे। जीसैट-11 को इस साल जनवरी में और जीसैट-20 को साल के आखिरी तक भेजने की योजना है। ये तीनों मल्टिपल स्पॉट बीम टेक्नोलॉजी पर काम करेंगे।

बेंगलुरु. इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) जल्द ही देश का सबसे वजनी कम्युनिकेशन सैटेलाइट जीसैट-11 लांच करेगा। इसका वजन 5.6 टन है। हमारे पास चार टन से ज्यादा वजनी सैटेलाइट भेजने की कैपेबिलिटी वाले रॉकेट नहीं हैं। लिहाजा इसे साउथ अमेरिकी आइलैंड फ्रेंच गुयाना से एरियन-5 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया जाएगा। इसकी कामयाब लॉन्चिंग से हमारे पास खुद का सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट भी हो जाएगा। इससे हमारी इंटरनेट स्पीड भी बढ़ जाएगी।

स्पेस में 3 सैटेलाइट भेजे जाएंगे

- दरअसल यह इसरो के इंटरनेट बेस्ड सैटेलाइट सीरीज का हिस्सा है। मकसद इंटरनेट स्पीड को बढ़ाना है। इसके तहत अंतरिक्ष में 18 महीने में तीन सैटेलाइट भेजे जाने हैं।
- पहला सैटेलाइट जीसैट-19 बीते साल जून में भेजा जा चुका है।
- जीसैट-11 को इस साल जनवरी में और जीसैट-20 को साल के आखिरी तक भेजने की योजना है। ये तीनों मल्टिपल स्पॉट बीम टेक्नोलॉजी पर काम करेंगे।


ऐसे बदलेगा इंटरनेट

- हाईइंटरनेट स्पीड: इस क्लब से हमें बेहतर इंटरनेट स्पीड मिलेगी। इंटनेट कनेक्टिवटी सस्ती होगी। पूरे देश तक पहुंच होगी।
- वायरलेस टेक्नोलॉजी: इसके तहत बिना डिश लगाए टीवी प्रोग्राम देखे जा सकेंगे। इससे स्मार्टफोन की भी दुनिया बदल जाएगी।
- स्मार्ट सिटी: इससे हमें 70 जीबी/सेकंड की स्पीड मिलेगी। यह स्मार्ट सिटी के लिए जरूरी ट्रांसमिशन जितनी स्पीड है।
- साइबर सिक्युरटी: एक नया सुरक्षा कवच मिलेगा। साइबर सुरक्षा मजबूत होगी। बैंकिंग सिस्टम को मजबूती मिलेगी।
- स्पेस एक्स 800 सैटेलाइट लांच करेगा। पूरी दुनिया को देगा इंटरनेट।


जीसैट सैटेलाइट क्लब: डिजिटल इंडिया को बढ़ावा मिलेगा, 70GB/सेकंड की स्पीड होगी

जीसैट-19 (जून, 2017 में लॉन्च)
लागत: 500 करोड़ रुपए
वजन: 3.1 टन
कैपेसिटी: 4 जीबीपीएस
यह देश का अब तक का सबसे एडवांस कम्युनिकेशन सैटेलाइट है। 4 जीबी/सेकंड डाटा देने की कैपेबिलिटी। भेजे गए 4 सैटेलाइट जितना ताकतवर।

जीसैट-11 (जनवरी 2018 में लॉन्चिंग)
लागत: 1117 करोड़ रु.
वजन: 5.6 टन
कैपेसिटी: 13 जीबी/सेकंड
ये जीसैट-19 से भी ज्यादा ताकतवर है। इससे हमें 13 जीबी/सेकंड की इंटरनेट स्पीड मिलेगी। इसकी लॉन्चिंग से हमें अपना सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट मिल जाएगा।

जीसैट-20 (दिसंबर 2018 तक लॉन्चिंग)
लागत: जानकारी नहीं
वजन: 3.6 टन
कैपेसिटी: 70 जीबीपीएस

इसे 2018 के आखिरी तक लांच करने की योजना है। यह 70 जीबी/सेकंड की स्पीड से डेटा भेजेगा। ये तीनों सैटेलाइट एक साथ संचालन में आते ही हाई-क्वॉलिटी इंटरनेट, फोन और वीडियो सर्विसेज देना शुरू कर देंगे।

मार्क 3: हमारा सबसे ताकतवर रॉकेट

- इसरो ने अब तक 28 कम्युनिकेशन सैटेलाइट भेजे हैं। जीसैट-11 की कैपेसिटी अकेले इन सभी सैटेलाइट के बराबर है। यह जीसैट-17 से 3-4 गुना शक्तिशाली है।
- हमारा सबसे ताकतवर रॉकेट मार्क-3 है। यह 4 टन वजनी सैटेलाइट ले जाने में कैपेबल। अभी तक 3.4 टन वजनी जीसैट-10 हमारा सबसे वजनी सैटेलाइट है। ये 2012 में छोड़ा था।
- दुनिया के 16 देश अब तक कम्युनिकेशन सैटेलाइट भेज चुके हैं। इसके अलावा यूरोपियन यूनियन और सोवियत संघ भी अपना कम्युनिकेशन सैटेलाइट भेज चुके हैं।

10 जनवरी को इसरो एक साथ 6 देशों के 31 सैटेलाइट लॉन्च करेगा

- भारत 10 जनवरी को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित स्पेस सेंटर से पृथ्वी अवलोकन उपग्रह कार्टोसैट सहित 31 सैटेलाइट की लॉन्चिंग करेगा।
- इनमें से 28 सैटेलाइट अमेरिका के और पांच अन्य देशों के होंगे। 2018 के इस पहले स्पेस मिशन के तहत पोलर सैटेलाइट लॉन्चिंग व्हीकल (पीएसएलवी-सी440) के जरिए सभी 31 सैटेलाइट छोड़े जाएंगे।
- इस अभियान से चार महीने पहले नेविगेशन मिशन का 8वां सैटेलाइट छोड़ा गया था, लेकिन रॉकेट पृथ्वी की निचली कक्षा में पहुंचाने में नाकाम रहा था।
- इस मिशन में कार्टोसैट-2 के अलावा भारत का एक नैनो और एक माइक्रो सैटेलाइट भी लॉन्च किया जाएगा।
- एक निगरानी उपग्रह के रूप में कार्टोसैट शहरी, तटीय भूमि उपयोग, सड़क नेटवर्क की निगरानी आदि के लिए आंकड़े मुहैया कराएगा।

यह देश का अब तक का सबसे एडवांस कम्युनिकेशन सैटेलाइट है। 4 जीबी/सेकंड डाटा देने की कैपेबिलिटी। भेजे गए 4 सैटेलाइट जितना ताकतवर। यह देश का अब तक का सबसे एडवांस कम्युनिकेशन सैटेलाइट है। 4 जीबी/सेकंड डाटा देने की कैपेबिलिटी। भेजे गए 4 सैटेलाइट जितना ताकतवर।
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जीसैट-11 को इस साल जनवरी में और जीसैट-20 को साल के आखिरी तक भेजने की योजना है। ये तीनों मल्टिपल स्पॉट बीम टेक्नोलॉजी पर काम करेंगे।जीसैट-11 को इस साल जनवरी में और जीसैट-20 को साल के आखिरी तक भेजने की योजना है। ये तीनों मल्टिपल स्पॉट बीम टेक्नोलॉजी पर काम करेंगे।
यह देश का अब तक का सबसे एडवांस कम्युनिकेशन सैटेलाइट है। 4 जीबी/सेकंड डाटा देने की कैपेबिलिटी। भेजे गए 4 सैटेलाइट जितना ताकतवर।यह देश का अब तक का सबसे एडवांस कम्युनिकेशन सैटेलाइट है। 4 जीबी/सेकंड डाटा देने की कैपेबिलिटी। भेजे गए 4 सैटेलाइट जितना ताकतवर।
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