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गुजरात चुनाव: 5 साल पहले पाटीदारों के असर वाली 71% सीटों पर था BJP का कब्ज़ा, इस बार नज़रें हार्दिक पटेल पर

इन चुनावों में सबसे ज्यादा जिन वोटर्स पर निगाह थी, वो थे पाटीदार।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Dec 18, 2017, 12:10 AM IST

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    नई दिल्ली. कांग्रेस ने गुजरात में कास्ट कार्ड चलते हुए पाटीदार-ओबीसी-दलित लीडर्स को साधा। इसका असर नतीजों में भी दिखाई दिया। पाटीदारों की बात करें तो इस बार इनके प्रभाव वाली 73 सीटों में से 45 बीजेपी के खाते में आई हैं, यानी 61% सीटें। उधर, कांग्रेस के पास 28 सीटें गई हैं। 2012 में पाटीदारों के प्रभाव वाली 83 सीटों में से बीजेपी ने 59 यानी 71% सीटें जीती थीं जबकि कांग्रेस के पास 22 सीटें गई थीं। कांग्रेस के कास्ट कार्ड की बात करें तो कांग्रेस के लिए पीठ थपथपाने वाले नतीजे रहे। बीजेपी के गढ़ सौराष्ट्र की 54 सीटों में से कांग्रेस को 30 और बीजेपी को 23 सीटें मिलीं।

    पाटीदारों के असर वाली सीटों पर क्या रहे नतीजे?

    इलेक्शनकास्टसीटेंबीजेपी/परसेंटेजकांग्रेस/परसेंटेज
    2017पाटीदार7345/ 61%28/ 38%
    2012पाटीदार8359/ 71%22/ 26%

    1) पाटीदार फैक्टर, चेहरा हार्दिक पटेल

    20%वोटर पाटीदार: पाटीदार वोट आमतौर पर पाटीदार कैंडिडेट्स को ही वोट देते हैं।

    टर्निंग प्वाइंट: पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान अहमदाबाद के जीएमडीसी ग्राउंड में लाठीचार्ज हुआ था। इसने बीजेपी और पाटीदारों के बीच बड़ी खाई बना दी थी।

    मुख्य मांगें: पाटीदारों को आरक्षण, आंदोलन के दौरान जिन पाटीदारों की जान गई, उनके परिवार के एक शख्स को सरकारी नौकरी दी जाए। लाठीचार्ज करने वाली पुलिस के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।

    सरकार ने क्या किया? सरकार ने पाटीदारों के खिलाफ केस वापस ले लिए। गैर आरक्षण जाति आयोग बनाने का वादा किया, लेकिन पाटीदार इन कदमों से खुश नहीं हैं।

    कांग्रेस ने कैसे भुनाया?पाटीदार वोटर्स को फेवर में लाने के लिए राहुल गांधी ने हार्दिक पटेल को अपने साथ मिलाया। हार्दिक पटेल ने कहा कि कांग्रेस को आरक्षण पर हमारा फॉर्मूला मंजूर है। कांग्रेस ने सत्ता में आने पर आरक्षण का बिल पास करने का वादा किया।

    2) ओबीसी फैक्टर, चेहरा अल्पेश ठाकोर

    ओबीसी के असर वाली35सीटें

    BJP

    CONGRESS

    OTHERS

    2012 में नतीजे

    15

    20

    00

    50%वोट: ओबीसी समाज 35 सीटों पर निर्णायक है। इसके साथ पर गुजरात की 110 सीटों पर उनकी मौजूदगी को भी दरकिनार नहीं किया जा सकता।
    टर्निंग प्वाइंट: पाटीदार आंदोलन के चलते राज्य के ओबीसी वर्ग को भी मजबूती मिली। गुजरात में अवैध रूप से बिकने वाली शराब बंद कराने का अभियान शुरू किया।

    मुख्य मांग: ओबीसी समाज के लिए रोजगार के विकल्प मुहैया कराए जाएं। शराबबंदी के कानूनों का सख्ती से पालन करवाया जाए।

    सरकार ने क्या किया: शराबबंदी के नियम सख्त करते हुए सरकार ने सजा कड़ी कर दी। ओबीसी वर्ग को पाले में लाने के लिए ओबीसी क्रीमी लेयर की सीमा 8 लाख कर दी।
    कांग्रेस की रणनीति: अल्पेश ठाकोर से हाथ मिलाकर ओबीसी वोटर्स को अपने पक्ष में करने की कोशिश।
    बीजेपी की रणनीति: पुराने लीडर्स के जरिए ओबीसी वोट बैंक को टूटने से बचाने की कोशिश।

    3) दलित फैक्टर, चेहरा जिग्नेश मेवाणी

    दलितों के असर वाली62सीटें

    BJP

    CONGRESS

    OTHERS

    2012 में नतीजे

    44

    15

    03

    ओबीसी से अलग होने की कोशिश: सालों से ओबीसी के साथ वोट डालने वाला ये तबका अब जिग्नेश मेवाणी जैसे नेता के नेतृत्व में अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाना चाहता है और ओबीसी से अलग खड़ा होने की कोशिश कर रहा है।

    टर्निंग प्वाइंट: कथित गौरक्षकों ने गुजरात में दलितों की सरेआम पिटाई की, इस तरह की कई घटनाएं सामने आईं।

    मुख्य मांग: जिग्नेश ने पिटाई की घटनाओं के बाद एक नारा दिया "गाय की पूंछ तुम रखो, हमें हमारी जमीनें दो"। इस नारे के साथ आंदोलन चलाकर जिग्नेश ने दलितों को जमीन का अधिकार देने की मांग की।

    बीजेपी की रणनीति: पुराने लीडर्स के जरिए ही दलित वोटों को बांधकर रखने की कोशिश।

    कांग्रेस की रणनीति: जिग्नेश मेवाणी को कांग्रेस का सपोर्ट मिला। वे वडगाम से निर्दलीय उतरे तो कांग्रेस ने अपने कैंडिडेट को बैठा दिया। इसके जरिए दलित वोटों को साधने का प्रयास।

    सरकार ने क्या किया: दलितों की पिटाई के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की गई। उस समय सीएम रहीं आनंदीबेन पटेल ने घटनास्थल पर जाकर लोगों से मुलाकात की। मोदी ने मोबाइल ऐप लॉन्च किया जिसका नाम भीम रखा गया। इधर, प्रेसिडेंट पोस्ट के लिए रामनाथ कोविंद को उतारने को भी बीजेपी के दलित कार्ड के तौर पर देखा गया।

    ओवरऑल कास्ट फैक्टर

    कास्ट

    वोट पर्सेंटेज

    कितनी सीटों पर असर

    2012में बीजेपी को कितनी सीटें

    2012में कांग्रेस को कितनी सीटें

    पाटीदार

    20%

    83

    59

    22

    ओबीसी

    30%

    35

    15

    20

    दलित

    8%

    62

    44

    15

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