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NKorea से चर्चा को तैयार, किम जानता है घुमा-फिराकर बात करने में मेरा भरोसा नहीं: ट्रम्प

हाल ही में दोनों नेताओं के बीच न्यूक्लियर बटन को लेकर विवाद हुआ था।

Danik Bhaskar | Jan 07, 2018, 11:43 AM IST
ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा है कि विंटर ओलिंपिक होने तक साउथ कोरिया-अमेरिका की मिलिट्री एक्सरसाइज नहीं होगी। (फाइल) ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा है कि विंटर ओलिंपिक होने तक साउथ कोरिया-अमेरिका की मिलिट्री एक्सरसाइज नहीं होगी। (फाइल)

वॉशिंगटन. नॉर्थ कोरिया-अमेरिका के बीच रोज नए-नए बयान सामने आ रहे हैं। अब डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वह नॉर्थ कोरिया से बात करने के लिए तैयार है। किम जोंग उन (नॉर्थ कोरियाई तानाशाह) जानता है कि घुमा-फिराकर बात करने में मेरा कोई भरोसा नहीं है। हाल ही में दोनों नेताओं के बीच न्यूक्लियर बटन को लेकर विवाद हुआ था। उन ने कहा था कि न्यूक्लियर बटन हमेशा मेरी टेबल पर रहता है। इस पर ट्रम्प ने कहा कि हमारा न्यूक्लियर बटन नॉर्थ कोरिया से बड़ा है और वह काम भी करता है। ट्रम्प पिछले साल लिटिल रॉकेट मैन कहकर उन की खिल्ली उड़ा चुके हैं।

ट्रम्प ने एक डिप्लोमैट नॉर्थ कोरिया भेजा था

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पिछले साल ट्रम्प ने पिछले साल बातचीत की संभावनाएं तलाशन के लिए अपने चीफ डिप्लोमैट को नॉर्थ कोरिया भेजा था।
- हालांकि बाद में ट्रम्प ने कैंप डेविड में कहा था कि नॉर्थ कोरिया से किसी भी तरह की कोई बातचीत संभव ही नहीं है।

अब बोले- मेरा बातचीत में भरोसा

- अब ट्रम्प ने कहा कि मेरा हमेशा से बातचीत में भरोसा रहा है और मैं ऐसा ही करूंगा। यकीन मानिए, ऐसा करने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
- उन्होंने ये भी कहा कि बातचीत में कुछ शर्तें भी शामिल रहेंगी। ये शर्तें क्या होंगी, ट्रम्प ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
- "नॉर्थ और साउथ कोरिया फिलहाल ओलिंपिक पर बात कर रहे हैं। ये अपने आप में बड़ी बात है। किम जानता है कि सीधी-सपाट बात करने में यकीन रखता हूं। घुमा-फिराकर बात करने में मेरा 1% भी भरोसा नहीं है।''
- "अगर हमारी नॉर्थ कोरिया से बात होती है तो ये पूरी मानवता और दुनिया के बेहतर होगा।''

नॉर्थ-साउथ कोरिया की होने वाली है बातचीत

- नॉर्थ और साउथ कोरिया के बीच पहली औपचारिक बातचीत मंगलवार को होनी है। इसमें साउथ कोरिया में होने वाल विंटर ओलिंपिक को लेकर कोऑपरेशन पर चर्चा होगी।
- करीब एक साल से दोनों देशों के बीच तनाव है। इसकी वजह नॉर्थ कोरिया का न्यूक्लियर और मिसाइल प्रोग्राम है।
- वहीं ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने साफ किया है कि अमेरिका-साउथ कोरिया के बीच होने वाली मिलिट्री एक्सरसाइज विंटर ओलिंपिक तक नहीं होगी।

क्यों चल रही अमेरिका-नॉर्थ कोरिया में तनातनी?

- बीते कुछ महीनों में नॉर्थ कोरिया इंटर-कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) के 3 टेस्ट कर चुका है। तानाशाह उन कह चुका है कि उसकी ह्वासॉन्ग-12 मिसाइल अमेरिका के किसी भी शहर को निशाना बना सकती है।
- नॉर्थ कोरिया एक हाइड्रोजन बम समेत 6 न्यूक्लियर टेस्ट भी कर चुका है।
- दिसंबर में नॉर्थ कोरिया के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि अब सवाल ये नहीं है कि इस इलाके में न्यूक्लियर जंग होगी या नहीं, बल्कि अब सवाल ये है कि जंग कब होगी?
- विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन ने कहा, "हम जंग नहीं चाहते, लेकिन हम इससे छुप भी नहीं सकते। अगर अमेरिका ने हमारे सब्र का गलत मतलब निकाला और हमें न्यूक्लियर वॉर के लिए भड़काया तो हम अपनी बढ़ती न्यूक्लियर पावर से पक्का करेंगे कि अमेरिका इसकी कीमत चुकाए।
- वहीं, नॉर्थ कोरिया को डराने के लिए अमेरिका कोरियाई पेनिनसुला के ऊपर से B-1B बॉम्बर्स उड़ा चुका है।

आगे की स्लाइड्स में पढ़ें: ब्रीफकेस में होता है न्यूक्लियर हमले का मॉड्यूल...

हाल ही में किम जोंग उन ने कहा था कि न्यूक्लियर बटन हमेशा उसकी टेबल पर रहता है। (फाइल) हाल ही में किम जोंग उन ने कहा था कि न्यूक्लियर बटन हमेशा उसकी टेबल पर रहता है। (फाइल)

ब्रीफकेस में होता है न्यूक्लियर हमले का मॉड्यूल

 

- अमेरिका में 45 पाउंड के ब्रीफकेस में परमाणु हमले का मॉड्यूल होता है। अमेरिकी प्रेसिडेंट जहां जाते हैं, उनके साथ यह ब्रीफकेस जाता है। इसे न्यूक्लियर फुटबॉल भी कहते हैं। 
- इस ब्रीफकेस में एटमी हमला करने के निर्देश और किन जगहों को निशाना बनाना है, इसकी जानकारी होती है। इसके जरिए 900 परमाणु हथियारों से हमला किया जा सकता है। 
- हमले के निर्देश देने से पहले प्रेसिडेंट को अपनी पहचान एक कोड से वेरिफाई करनी होती है। ये कोड एक कार्ड पर लिखा होता है, इसे आमतौर पर बिस्किट भी कहते हैं। 
- बिल क्लिंटन ऐसे अमेरिकी राष्ट्रपति हैं, जिन्होंने अपना बिस्किट खो दिया था और महीनों तक किसी को बताया भी नहीं।