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26/11 हमले में माता-पिता को खोने वाले मोशे से मिले इजरायली PM, मोदी ने दिया था इंडिया आने का न्योता

26/11 अटैक के विक्टिम मोशे होल्ट्सबर्ग से इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को मुलाकात की।

Danik Bhaskar | Jan 18, 2018, 04:39 PM IST
नरीमन हाउस में मोशे होल्ट्सबर्ग के साथ इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू। नरीमन हाउस में मोशे होल्ट्सबर्ग के साथ इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू।

मुंबई. 26/11 अटैक के विक्टिम मोशे होल्ट्सबर्ग से इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को मुलाकात की। उन्होंने नरीमन हाउस में मोशे से कहा कि मेजबानी के लिए शुक्रिया। इजरायली पीएम ने हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि भी दी। मोशे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल विजिट के दौरान इंडिया आने का न्योता दिया था। मोशे मंगलवार को नरीमन हाउस पहुंचा था। 26 नवंबर 2011 को यहां हुए आतंकी हमले के दौरान उसकी मां रिवका और पिता गेवरिल होल्ट्जबर्ग मारे गए थे।

नरीमन हाउस में क्या बोले नेतन्याहू

1) नरीमन हाउस प्यार की निशानी

- बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, "नरीमन हाउस (चाबाद हाउस) प्यार की निशानी है। 26/11 अटैक में ये खून से रंग दिया गया था। ये जगह इजरायली लोगों के प्रति नफरत की भावना का शिकार हो गई थी।"

2) मेजबानी के लिए मोशे का शुक्रिया

- नेतन्याहू ने मोशे को मेजबानी और नरीमन हाउस में अपना कमरा दिखाने के लिए शुक्रिया कहा। उन्होंने कहा, "तुम्हारे माता-पिता ने लोगों के लिए प्यार दिखाया और सभी को यहां बुलाया था। उन्होंने हर यहूदी के लिए घर मुहैया कराया। ये प्यार से भरा इजरायल है, लेकिन आतंकवादियों ने इजरायल के लिए नफरत दिखाई। आतंकवादी मोशे को इसलिए नुकसान नहीं पहुंचा पाए, क्योंकि उनकी नैनी ने उनके लिए प्यार दिखाया था।"

3) हर मुश्किल से उबरा इजरायल

- "पुराने वक्त में इजरायल के लोगों ने बहुत सारी मुसीबतों का सामना किया, लेकिन ऊपरवाले के करम से वो हर मुसीबत से उबर गए। इजरायल के लोग जिंदा हैं और हमेशा रहेंगे।"

10 साल बाद नरीमन हाउस पहुंचा मोशे

- मंगलवार को मोशे के दादा रब्बी होल्ट्सबर्ग नचमैन ने कहा था, " ये हमारे लिए बहुत ही खास दिन है। भगवान का शुक्र है मोशे दोबारा यहां आ सका। मुंबई अब ज्यादा सुरक्षित है।

भारतीय महिला ने बचाई थी मोशे की जान

- हमले के दौरान मोशे दौरान माता-पिता के साथ ही था, तब उसकी उम्र 2 साल थी।
- हमले के दौरान बेबी मोशे की देखरेख करने वाली आया सैंड्रा सैमुअल नाम की इंडियन महिला मोशे को लेकर छिप गई थी, जिससे मोशे की जान बची।
- रेस्क्यू ऑपरेशन में सैंड्रा और मोशे को बाहर निकाला गया था। मोशे को दुनियाभर से सहानुभूति मिली। बाद में सैंड्रा को इजरायल की नागरिकता मिल गई थी।

मोदी ने दिया था न्योता, मोशे ने जताई थी ख्वाहिश

- मोदी जुलाई 2017 में इजरायल दौरे पर थे। उनकी 5 जुलाई को येरुशलम में मोशे से मुलाकात हुई थी। तब पीएम ने मोशे से पूछा, "तुम भारत आना चाहोगे? तुम और तुम्हारा परिवार कभी भी भारत आ सकता है। जहां चाहे, वहां जा सकता है।"
- प्रधानमंत्री के सवाल पर मोशे ने हामी भर दी थी। इसके बाद नेतन्याहू ने कहा था, "मोदी ने मुझे भारत बुलाया है, जब मैं भारत जाऊंगा तब तुम मेरे साथ मुंबई चलना।"
- बता दें कि मोशे और उनके परिवार को अगस्त में भारत ने 10 साल के लिए वीजा जारी किया है। वे इस दौरान कितनी भी बार भारत आ सकते हैं।
- मोशे ने मोदी से कहा था, "मेरे माता-पिता मुंबई में यहूदियों और गैर-यहूदियों के साथ रहते थे। उनका घर हर किसी के लिए खुला रहता था। मैं अब इजरायल में अपने दादा-दादी के साथ रहता हूं। उम्मीद करता हूं कि मैं मुंबई जा सकूंगा और जब मैं बूढ़ा हो जाऊंगा तो मैं वहीं रहूंगा। मैं अपने चाबाद हाउस का डायरेक्टर बनूंगा।"

26 नवंबर 2011 को मुंबई में हुए आतंकी हमले के दौरान मोशे की मां रिवका और पिता गेवरिल होल्ट्जबर्ग मारे गए थे। 26 नवंबर 2011 को मुंबई में हुए आतंकी हमले के दौरान मोशे की मां रिवका और पिता गेवरिल होल्ट्जबर्ग मारे गए थे।