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जम्मू-कश्मीर में मुठभेड़ में मारे गए दो आतंकी ढेर, सेना का एक जवान जख्मी

घाटी में इससे पहले 5 और 11 दिसंबर को 3-3 आतंकियों को मारा गया था।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Dec 19, 2017, 08:57 AM IST

श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के शोपियां सेक्टर में सोमवार देर रात सेना के साथ हुए एनकाउंटर में दो आतंकी मारे गए। एक जवान जख्मी हुआ है। हालांकि, आतंकियों की अभी पहचान नहीं हो पाई है। कश्मीर पुलिस के आईजी मुनीर खान के मुताबिक, दोनों आतंकियों के शव भी बरामद कर लिए हैं।

आतंकी जहां छिपे थे वह घर भी किया तबाह

- न्यूज एजेंसी ने सेना के हवाले से बताया, शोपियां के वानीपोरा में राष्ट्रीय राइफल्स और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के जवानों ने खुफिया सूचना के आधार पर एक घर को सोमवार शाम घेर लिया।

- इस दौरान आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी और यह सर्चिंग मुठभेड़ में बदल गई। इस दौरान दो आतंकी मारे गए।

- अातंकी जिस घर में छिपे थे उसे भी तबाह कर दिया गया है। सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।

11 दिसंबर को मारे गए थे तीन आतंकी

- 11 दिसंबर को जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में सिक्युरिटी फोर्स ने एनकाउंटर में 3 आतंकियों को मार गिराया था।
- ऑपरेशन के दौरान एक महिला की भी मौत हो गई थी।

5 दिसंबर को मारे थे 3 आतंकी
- 5 दिसंबर को साउथ कश्मीर में सिक्युरिटी फोर्स ने लश्कर-ए-तैयबा के 3 आतंकियों को मार गिराया। इनमें 2 पाकिस्तान के नागरिक थे।
- तीनों आतंकियों पर इस साल जुलाई में अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले में शामिल रहने का आरोप था।

इस साल सेना ने मारे 200 आतंकी
- आतंकी सुरक्षित पनाहगाहों में लौट पाएं, इससे पहले ही इन्हें मार गिराने के लिए सुरक्षा बल इस बार सर्दियों में भी पूरी शिद्दत से ऑपरेशन ऑल आउट चला रही है।
- आइजी जुल्फिकार ने बताया था कि इस बार ऑपरेशन धीमा होने की जगह और तेज होगा। गुजरात चुनाव खत्म होने के बाद सीआरपीएफ के पास कश्मीर के लिए और जवान होंगे। सूत्रों की मानें तो सीआरपीएफ के करीब 5,000 जवान दिसंबर में कश्मीर पहुंच जाएंगे।
- इस साल सिक्युरिटी फोर्सेस की कार्रवाई में जो 200 आतंकी मारे गए, उनमें से 40 आतंकी डिस्ट्रिक्ट कमांडर या इससे ऊपर के लेवल के थे। इनमें से कई आतंकी चार-पांच साल से एक्टिव थे, जबकि आमतौर पर आतंकियों की उम्र हथियार उठाने के दो 2-3 साल बाद खत्म हो जाती है। कश्मीर पुलिस युवाओं के प्रति काफी नर्मी भी बरत रही है।
- आईजी श्रीनगर मुनीर खान कहते हैं कि जो नए लड़के आतंक की राह पर गए हैं, अगर उन्होंने कोई सीरियस क्राइम नहीं किया है, तो उन्हें घर वापसी का पूरा मौका दिया जा रहा है। इन लड़कों से कहा गया है कि उन्हें थाने जाने की भी जरूरत नहीं है, वे सीधे अपने घर चले जाएं। इन लड़कों और उनके परिवार से किसी तरह की पूछताछ नहीं की जाएगी। खान कहते हैं- माफी मतलब माफी।

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