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ज्यूडिशियरी की भलाई में उठाई आवाज: सुप्रीम कोर्ट के जज विवाद पर बोले जस्टिस कुरियन

ज्यूडिशियरी की भलाई में उठाई आवाज: सुप्रीम कोर्ट के जज विवाद पर बोले जस्टिस कुरियन

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2018, 03:41 PM IST
जस्टिस कुरियन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनके इस कदम से सुप्रीम कोर्ट के एडमिनिस्ट्रेशन में और ट्रांसपैरेंसी आएगी। -फाइल जस्टिस कुरियन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनके इस कदम से सुप्रीम कोर्ट के एडमिनिस्ट्रेशन में और ट्रांसपैरेंसी आएगी। -फाइल

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले 4 सीनियर जजों में शामिल कुरियन जोसेफ ने शनिवार को उम्मीद जताई कि उनकी ओर से उठाए गए मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने यह मामला जस्टिस और ज्यूडिशियरी की भलाई के लिए उठाया गया है। बता दें कि जस्टिस कुरियन, जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस रंजन गोगोई ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीजेआई दीपक मिश्रा पर मनपसंद जजों को अहम मामले सौंपने का आरोप लगाया था। ऐसा पहली बार हुआ है, जब सुप्रीम कोर्ट के जजों ने किसी आंतरिक मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की हो।

SC का कोई डिसीप्लिन नहीं तोड़ा

- प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सुप्रीम कोर्ट का डिसीप्लिन तोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। हमें उम्मीद है कि उनके इस कदम से सुप्रीम कोर्ट के एडमिनिस्ट्रेशन में और ट्रांसपैरेंसी आएगी।

- केरल में अपने पैतृक घर पर एक स्थानीय चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा, "हम जस्टिस और ज्यूडिशियरी की भलाई में खड़े हुए हैं। यही हमने वहां (दिल्ली) में कहा था। इससे इतर कुछ नहीं कहना है।" उनसे शुक्रवार को की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के बारे में सवाल किया गया था।

मोदी के स्पेशल सेक्रेटरी CJI के बंगले के बाहर से ही लौटे

- इस बीच शनिवार सुबह नरेंद्र मोदी के स्पेशल सेक्रेटरी नृपेंद्र मिश्र सीजेआई दीपक मिश्रा से मिलने उनके घर पहुंचे। कुछ देर वे गेट के बाहर ही खड़े रहे लेकिन उनकी चीफ जस्टिस से मुलाकात नहीं हो पाई। उन्हें गेट के बाहर से ही लौटना पड़ा।

- इस बीच अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि उम्मीद है कि जल्दी ही सबकुछ बेहतर हो जाएगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा था जजों ने

- देश के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के चार सीनियर जज एक साथ मीडिया के सामने आए। साथ ही कहा कि सुप्रीम कोर्ट का एडमिनिस्ट्रेशन ठीक से काम नहीं कर रहा है और चीफ जस्टिस की ओर से ज्यूडिशियल बेंचों को सुनवाई के लिए केस मनमाने ढंग से दिए जा रहे हैं। इससे ज्यूडिशियरी के भरोसे पर दाग लग रहा है।

- उन्होंने यह भी कहा कि अगर इंस्टीट्यूशन को ठीक नहीं किया गया तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। करीब 20 मिनट तक चली इस कॉन्फ्रेंस में जस्टिस जे चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन भीमराव लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसफ मौजूद थे।

'CJI ने अपनी पसंद से सौंपे केस'

- चारों जजों ने सीजेआई को सात पेज का लेटर भेजा था। इसकी कॉपी शुक्रवार को मीडिया को भी दी गईं। लेटर में लिखा है कि ऐसे कई उदाहरण हैं जिनके देश और ज्युडिशियरी पर दूरगामी असर हुए हैं। चीफ जस्टिसेज ने कई केसों को बिना किसी तार्किक आधार के 'अपनी पसंद' के हिसाब से बेंचों को सौंपा है। ऐसी बातों को हर कीमत पर रोका जाना चाहिए। उन्होंने यह भी लिखा कि ज्युडिशियरी के सामने असहज स्थिति पैदा ना हो, इसलिए वे अभी इसका डिटेल नहीं दे रहे हैं, लेकिन इसे समझा जाना चाहिए कि ऐसे मनमाने ढंग से काम करने से इंस्टीट्यूशन (सुप्रीम कोर्ट) की इमेज कुछ हद तक धूमिल हुई है। (पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

4 जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट में बीते कुछ दिनों से सब ठीक नहीं चल रहा है। 4 जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट में बीते कुछ दिनों से सब ठीक नहीं चल रहा है।
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जस्टिस कुरियन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनके इस कदम से सुप्रीम कोर्ट के एडमिनिस्ट्रेशन में और ट्रांसपैरेंसी आएगी। -फाइलजस्टिस कुरियन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनके इस कदम से सुप्रीम कोर्ट के एडमिनिस्ट्रेशन में और ट्रांसपैरेंसी आएगी। -फाइल
4 जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट में बीते कुछ दिनों से सब ठीक नहीं चल रहा है।4 जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट में बीते कुछ दिनों से सब ठीक नहीं चल रहा है।
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