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मेरे पिता की मौत संदिग्ध नहीं थी, कृपया हमें परेशान ना करें: जस्टिस लोया के बेटे अनुज

जस्टिस बीएच लोया के बेटे अनुज लोया ने रविवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2018, 06:39 PM IST
सीबीआई के स्पेशल जज बीएच लोया सीबीआई के स्पेशल जज बीएच लोया

मुंबई. जस्टिस बीएच लोया के बेटे अनुज लोया ने रविवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। अनुज ने कहा, "मेरे पिता की मौत संदिग्ध नहीं थी। पिता की मौत हार्टअटैक से हुई थी और हमें इस पर कोई शक नहीं है। कृपया हमें परेशान ना करें।' बता दें कि शुक्रवार को सीबीआई के 4 जजों ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जस्टिस लोया की मौत के मामले का जिक्र किया था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी कहा था कि इस मामले की जांच सीनियर जज से कराई जानी चाहिए।

और क्या बोले जस्टिस लोया के बेटे अनुज?

- अनुज ने कहा, "पिछले कुछ दिनों से मीडिया में रिपोर्ट आ रही हैं। इन मीडिया रिपोर्ट्स को लेकर मैं साफ कर देना चाहता हूं कि मेरा परिवार तकलीफों में है। मैं आप लोगों से गुजारिश करता हूं कि हमें परेशान ना करें। मुझे पिता की मौत को लेकर कोई शक नहीं है। मुझे शुरुआत में थोड़ा शक था,लेकिन अब नहीं है।"

- जस्टिस लोया की फैमिली के वकील अमीर नाइक ने कहा, "इस मामले में कोई कंट्रोवर्सी नहीं है। इस मुद्दे का राजनीतिककरण करने की जरूरत नहीं है। ये बेहद दुखद घटना थी। हम इस मामले की राजनीति का शिकार नहीं होना चाहते हैं। एक बार फिर में याद करा दूं कि ये कंट्रोवर्शियल नहीं था।"

जस्टिस लोया के मामले पर राहुल गांधी ने क्या कहा था?

- कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी ने कहा, ''चार जजों ने जो प्वाइंट उठाए वो बेहद जरूरी है। उन्होंने लोकतंत्र को खतरा बताया है, जस्टिस लोया की मौत के मामला उठा। इस तरह की बातें पहले कभी नहीं हुई हैं। देश के सभी लोग न्याय में विश्वास करते हैं, सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा करते हैं। इसलिए बहुत गंभीर मामला है।''

- वहीं, पार्टी के स्पोक्सपर्सन रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ''जो कदम आज जजों ने उठाया है, उसका आगे असर होगा। सीबीआई जज लोया की मौत पर उनका परिवार सवाल उठा चुका है। कांग्रेस इस मामले की जांच सीनियर जज से कराने की मांग करती है।''

कैसे हुई थी जस्टिस लोया की मौत?

- सीबीआई के स्पेशल जज बीएच लोया की मौत 1 दिसंबर 2014 को नागपुर में हुई थी। तब वे अपने कलीग की बेटी की शादी में जा रहे थे। बताया जाता है कि लोया को दिल का दौरा पड़ा था।
- पिछले साल नवंबर में लोया की मौत के हालात पर उनकी बहन ने शक जाहिर किया। इसके तार सोहराबुद्दीन एनकाउंटर से जोड़े गए। इसके बाद यह केस मीडिया की सुर्खियां बना। दावा है कि परिवार को 100 करोड़ रुपए की रिश्वत देने की कोशिश की गई थी।

SC ने क्या कदम उठाया है?
- इस केस की जांच के लिए बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन के वकील अहमद आबिदी ने 8 जनवरी को हाईकोर्ट में पीआईएल दायर की। दूसरी पिटीशन महाराष्ट्र के जर्नलिस्ट बीआर लोन और कांग्रेस लीडर तहसीन पूनावाला ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की है।
- सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने शुक्रवार को इस पर सुनवाई की। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को जस्टिस लोया की पोस्टमार्टम रिपोर्ट 15 जनवरी तक सौंपने का ऑर्डर दिया। जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस एमएम शांतानागौदर ने कहा कि यह मैटर बेहद सीरियस है।
- वहीं, पूनावाला ने दावा किया है कि कुछ सीनियर वकीलों ने उन पर पिटीशन वापस लेने के लिए दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि मुझे ज्यूडिशियरी पर पूरा भरोसा है।

सुप्रीम कोर्ट के जजों ने 7 पन्नों के लेटर में क्या लिखा था?

- शुक्रवार को जस्टिस जे चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन बी लोकुर, जस्टिस कुरियन जोसेफ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद CJI को लिखी 7 पन्नों की चिट्ठी जारी की थी। इसमें कहा गया- बेहद दुख और चिंता के साथ हम आपके सामने अपनी बात रखना चाहते हैं। इस कोर्ट (SC) के कुछ फैसलों ने पूरी न्याय व्यवस्था और हाईकोर्ट्स की स्वतंत्रता पर उल्टा प्रभाव डाला। माननीय CJI के ऑफिस के कामकाज पर भी इसका असर पड़ा। (पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...)

मीडिया के सामने क्या कहा था जजों ने?


- सुप्रीम कोर्ट के चार सीनियर जज जस्टिस जे चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन भीमराव लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसफ एक साथ मीडिया के सामने आए थे। उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट का एडमिनिस्ट्रेशन ठीक से काम नहीं कर रहा है और चीफ जस्टिस की ओर से ज्युडिशियल बेंचों को सुनवाई के लिए केस मनमाने ढंग से दिए जा रहे हैं। इससे ज्युडिशियरी के भरोसे पर दाग लग रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इंस्टीट्यूशन को ठीक नहीं किया गया तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। (पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...)

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